{"_id":"f2de764aaf1bfc1646bac860a64c3fd2","slug":"not-love-pain-of-city-streets-spreading-love-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रेम नहीं, ‘दर्द’ बांट रही प्रेम नगर की सड़कें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रेम नहीं, ‘दर्द’ बांट रही प्रेम नगर की सड़कें
हेमराज मौर्या
Updated Thu, 26 Mar 2015 12:25 AM IST
विज्ञापन
प्रेम नगर की भादर रोड की बदहाली ने दुकानदारों की रोजी-रोटी पर भी संकट खड़ा कर दिया है। जरा सी बारिश में भीषण जलभराव हो जाता है।
विज्ञापन
आम दिनों में सड़क इतनी जर्जर है कि लोग दूसरे, तीसरे रास्ते से निकलने की जुगत लगाते रहते हैं। यहां के दुकानदारों का व्यवसाय चौपट हो रहा है। इस समस्या को कई बार क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से अवगत कराया जा चुका है लेकिन उन्हें सिर्फ झूठी दिलासा हाथ लगी।
कसबे की मुख्य भादर रोड पर सूखे के दिनों में भी पानी भरा रहता है। जलनिकासी का इंतजाम नहीं है और गड्ढेयुक्त जर्जर सड़क पर पानी भर जाता है। राहगीर गिरते हैं।
विज्ञापन
वाहनों के धंसने और जाम लगने की समस्या तो आम है। इस रोड से किसी भी अधिकारी को निकलने नहीं दिया जाता है। उसको समस्या का पता न चल सके, इसलिए दूसरे रास्ते से ले जाया जाता है।
विज्ञापन
दुकानदारों का कहना है कि अब दुकानदारी आधी भी नहीं बची है। गाड़ी तेजी से निकलती हैं तो उसकी छीटें होटलों में रखे खाने पीने की चीजों पर भी पड़ती हैं। कभी कभी लगता है कि प्रेम नगर छोड़कर कहीं और बस जाएं। बाशिंदों ने बताया कि यहां लोग आने से बचते हैं और कोई इधर से गुजरा तो एक दाग धब्बे लेकर निकलता है। फिर बदनामी होती है कि प्रेम नगर से आए तो यह हालत होना स्वाभाविक है। न जाने कितने नेता आए और चले गए, लेकिन किसी ने कोई सुनवाई नहीं की है। रोड के नाम पर भी राजनीति की जा रही है। मुगल रोड मस्जिद से लेकर मंडवा रोड कीचड़ से भरा रहता है।
इरशाद हुसैन का कहना है कि यहां पर धंधा पानी चौपट हो गया है। यहां लोग आने से बचते हैं और कोई इधर से गुजरा तो एक दाग धब्बे लेकर निकलता है। फिर बदनामी होती है कि प्रेम नगर से आए तो यह हालत होना स्वाभाविक है।
दिलीप पटेल ने बताया कि मुगल रोड मस्जिद से लेकर राम सिंह मौर्या के घर तक मंडवा रोड कीचड़ से भरा रहता है। छोटी सी मोबाइल की दुकान है लेकिन कोई व्यवसाय नहीं है। पहले फोटो कॉपी कराने वाले आते थे तो कुछ आमदनी हो जाती थी लेकिन अब वह भी नहीं रही।
ज्ञान सिंह कहते हैं कि भादर रोड पर सूखे के दिनों में भी पानी भरा रहता है। जलनिकासी का इंतजाम नहीं है और गड्ढेयुक्त जर्जर सड़क पर पानी भर जाता है। राहगीर गिरते हैं। वाहनों के धंसने और जाम लगने की समस्या तो आम है।
संजय कहते हैं कि समस्या इतनी विकराल हो चुकी है कि अब दुकानदारी आधी भी नहीं बची है। गाड़ी तेजी से निकलती हैं तो उसकी छीटें होटलों में रखे खाने पीने की चीजों पर भी पड़ती हैं। कभी कभी लगता है कि प्रेम नगर छोड़कर कहीं और बस जाएं।