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Fatehpur News: नवरात्र आज से, बाजारों में सजीं माता की पोशाकें और मूर्तियां
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फोटो-20- शारदीय नवरात्र को लेकर चौक बाजार में सजी दुकान। संवाद
फतेहपुर। पितृपक्ष के समापन के साथ ही शारदीय नवरात्र आज से शुरू हो गए हैं। बाजारों में माता रानी की चुनरी, पोशाक, मूर्तियों और पूजन सामग्री की दुकानें सज गई हैं। व्यापारियों को पर्व के दौरान खरीदारी बढ़ने और कारोबार में तेजी आने की उम्मीद है।
शहर के प्रमुख बाजारों में माता रानी की पोशाक, लहंगा-चुनरी, माला, धूपबत्ती, नारियल, जावित्री, जायफल और हवन सामग्री की कई वैरायटी उपलब्ध हैं। घरों और मंदिरों में स्थापना के लिए माता की मूर्तियां भी सजाई गई हैं। पीतल की मूर्तियां 251 रुपये से लेकर 5100 रुपये तक में मिल रही हैं।
10 रुपये से लेकर दो हजार तक की लहंगा-चुनरी
व्यापारी आशीष गुप्ता ने बताया कि माता रानी के लिए 10 से 250 रुपये तक की मालाएं मंगाई गई हैं। एक अन्य दुकानदार ने बताया कि उनकी दुकान पर 10 से 400 रुपये तक की चुनरी और 10 से 2000 रुपये तक की लहंगा-चुनरी मौजूद है।
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पहले दिन होगी कलश स्थापना
आचार्य दुर्गा दत्त शास्त्री ने बताया कि घट स्थापना के लिए सुबह 6:37 से नौ बजे तक का समय रहेगा। इसके बाद अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:40 से दोपहर 12:40 बजे तक रहेगा। कलश स्थापना के लिए मिट्टी के पात्र में जौ बोएं और कलश में साफ पानी भरकर अक्षत, सुपारी व सिक्का डालें। इसके ऊपर आम या अशोक के पत्ते रखकर लाल कपड़े में लपेटा हुआ नारियल स्थापित करें। इसके बाद मां दुर्गा का ध्यान कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना शुरू करें। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस बार माता रानी हाथी पर सवार होकर आ रही हैं। हाथी को सुख-समृद्धि और धन-धान्य का प्रतीक माना जाता है।
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शहर के प्रमुख बाजारों में माता रानी की पोशाक, लहंगा-चुनरी, माला, धूपबत्ती, नारियल, जावित्री, जायफल और हवन सामग्री की कई वैरायटी उपलब्ध हैं। घरों और मंदिरों में स्थापना के लिए माता की मूर्तियां भी सजाई गई हैं। पीतल की मूर्तियां 251 रुपये से लेकर 5100 रुपये तक में मिल रही हैं।
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10 रुपये से लेकर दो हजार तक की लहंगा-चुनरी
व्यापारी आशीष गुप्ता ने बताया कि माता रानी के लिए 10 से 250 रुपये तक की मालाएं मंगाई गई हैं। एक अन्य दुकानदार ने बताया कि उनकी दुकान पर 10 से 400 रुपये तक की चुनरी और 10 से 2000 रुपये तक की लहंगा-चुनरी मौजूद है।
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पहले दिन होगी कलश स्थापना
आचार्य दुर्गा दत्त शास्त्री ने बताया कि घट स्थापना के लिए सुबह 6:37 से नौ बजे तक का समय रहेगा। इसके बाद अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:40 से दोपहर 12:40 बजे तक रहेगा। कलश स्थापना के लिए मिट्टी के पात्र में जौ बोएं और कलश में साफ पानी भरकर अक्षत, सुपारी व सिक्का डालें। इसके ऊपर आम या अशोक के पत्ते रखकर लाल कपड़े में लपेटा हुआ नारियल स्थापित करें। इसके बाद मां दुर्गा का ध्यान कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना शुरू करें। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस बार माता रानी हाथी पर सवार होकर आ रही हैं। हाथी को सुख-समृद्धि और धन-धान्य का प्रतीक माना जाता है।

फोटो-20- शारदीय नवरात्र को लेकर चौक बाजार में सजी दुकान। संवाद