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अब आवास विकास कालोनी में रहना होगा मंहगा
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अवास विकास कालोनी
- फोटो : FATEHPUR
फतेहपुर। अब आवास विकास कालोनी में रहना मंहगा होगा। नगर पालिका ने आवास विकास परिषद की 532 कालोनियों में गृहकर लगाने प्रक्रिया शुरू की है।
कालोनियों में दो रुपये स्क्वायर फीट प्रति महीने की दर से कर का निर्धारण किया गया है। इस दर से गरीबों के लिए एक मंजिला बनी ईडब्लूएस कालोनी धारक को सालाना 900 रुपये टैक्स देना होगा।
खास बात तो ये है कि एक दो को छोड़कर अधिकांश कालोनियां दो से तीन मंजिला बनी हैं। गृहकर लागू होने पर निकाय को सालाना 25 से 30 लाख रुपये राजस्व की आय होगी।
आवास विकास परिषद ने शहर में वर्ष 1985-86 में तीन श्रेणी की कालोनियों का निर्माण कराया था। इनमें गरीबों के लिए 328 ईडब्लूएस, मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए 122 एलआईजी, संपन्न परिवारों के लिए 82 एमआईजी कालोनी शामिल हैं।
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शत प्रतिशत कालोनियां आवंटित होने के बाद आवास विकास परिषद ने 1998 में कालोनियां नगर पालिका को हस्तांतरित कर दी थीं, लेकिन कालोनियों पर आवास विकास परिषद का बकाया होने के कारण नगर पालिका गृहकर लागू नहीं कर पाई।
गृहकर लगाने के लिए नगर पालिका ने कई बार प्रयास किया, लेकिन गृहकर इसलिए लागू नहीं हो पाया कि कुछ आवंटी हाईकोर्ट चले गए थे।
यहां गरीबी रेखा से नीचे वाले परिवारों के लिए बनी ईडब्लूएस कालोनियां भी दो से तीन मंजिला बन चुकी हैं। हर कालोनी में दो से तीन परिवार रह रहे हैं। इन आवासों से अभी तक नगर पालिका सिर्फ जलकर वसूल रही है।
लाकडॉउन से पहले नगर पालिका ने आवास विकास कालोनियों में गृहकर निर्धारण की प्रक्रिया शुरू की थी। सभी कालोनियों को नोटिस जारी किया गया था।
लॉकडाउन हो जाने के कारण प्रक्रिया जस की तस रोक दी गई थी। वित्तीय वर्ष की समाप्ति का समय होने के कारण निकाय एक बार फिर से नोटिस जारी कर रही है।
कर अधीक्षक मो.जुबैर का कहना है कि गृहकर निर्धारण की प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है। पक्की कालोनी के हर मंजिल पर दो रुपये प्रति स्क्वायर फीट प्रति माह की दर से गृहकर लगाया गया है।
टीन शेड वाली कालोनी को प्रति स्क्वायर फीट एक रुपये 75 पैसे और कच्ची कालोनी पर एक रुपये प्रति स्क्वायर फीट गृहकर लागू होगा।
वाद के कारण नहीं लगा था गृहकर
ईओ मीरा सिंह का कहना है कि हाईकोर्ट में वाद होने के कारण नगर पालिका आवास विकास कालोनी में गृहकर लागू नहीं कर पाई थी। वाद निस्तारित हो चुका है, अब गृहकर लागू किया जा रहा है।
कालोनी में रहते 1 हजार परिवार
आवास परिषद की कुल 532 कालोनियां हैं। प्रत्येक कालोनी में कालोनी मालिक और एक किरायेदार को मिलाकर करीब 1 हजार परिवार हैं। इन परिवारों की आबादी करीब पांच हजार है।
53 आवंटियों पर 67 लाख की आरसी
आवास विकास परिषद नौबस्ता कानपुर के भू-संपत्ति अधिकारी सीके उपाध्याय ने बताया कि अभी 53 कालोनियों के आवंटियों ने बकाया जमा नहीं किया है। इनके खिलाफ 2007 में 67 लाख की आरसी जारी हुई थी।
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कालोनियों में दो रुपये स्क्वायर फीट प्रति महीने की दर से कर का निर्धारण किया गया है। इस दर से गरीबों के लिए एक मंजिला बनी ईडब्लूएस कालोनी धारक को सालाना 900 रुपये टैक्स देना होगा।
खास बात तो ये है कि एक दो को छोड़कर अधिकांश कालोनियां दो से तीन मंजिला बनी हैं। गृहकर लागू होने पर निकाय को सालाना 25 से 30 लाख रुपये राजस्व की आय होगी।
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आवास विकास परिषद ने शहर में वर्ष 1985-86 में तीन श्रेणी की कालोनियों का निर्माण कराया था। इनमें गरीबों के लिए 328 ईडब्लूएस, मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए 122 एलआईजी, संपन्न परिवारों के लिए 82 एमआईजी कालोनी शामिल हैं।
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शत प्रतिशत कालोनियां आवंटित होने के बाद आवास विकास परिषद ने 1998 में कालोनियां नगर पालिका को हस्तांतरित कर दी थीं, लेकिन कालोनियों पर आवास विकास परिषद का बकाया होने के कारण नगर पालिका गृहकर लागू नहीं कर पाई।
गृहकर लगाने के लिए नगर पालिका ने कई बार प्रयास किया, लेकिन गृहकर इसलिए लागू नहीं हो पाया कि कुछ आवंटी हाईकोर्ट चले गए थे।
यहां गरीबी रेखा से नीचे वाले परिवारों के लिए बनी ईडब्लूएस कालोनियां भी दो से तीन मंजिला बन चुकी हैं। हर कालोनी में दो से तीन परिवार रह रहे हैं। इन आवासों से अभी तक नगर पालिका सिर्फ जलकर वसूल रही है।
लाकडॉउन से पहले नगर पालिका ने आवास विकास कालोनियों में गृहकर निर्धारण की प्रक्रिया शुरू की थी। सभी कालोनियों को नोटिस जारी किया गया था।
लॉकडाउन हो जाने के कारण प्रक्रिया जस की तस रोक दी गई थी। वित्तीय वर्ष की समाप्ति का समय होने के कारण निकाय एक बार फिर से नोटिस जारी कर रही है।
कर अधीक्षक मो.जुबैर का कहना है कि गृहकर निर्धारण की प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है। पक्की कालोनी के हर मंजिल पर दो रुपये प्रति स्क्वायर फीट प्रति माह की दर से गृहकर लगाया गया है।
टीन शेड वाली कालोनी को प्रति स्क्वायर फीट एक रुपये 75 पैसे और कच्ची कालोनी पर एक रुपये प्रति स्क्वायर फीट गृहकर लागू होगा।
वाद के कारण नहीं लगा था गृहकर
ईओ मीरा सिंह का कहना है कि हाईकोर्ट में वाद होने के कारण नगर पालिका आवास विकास कालोनी में गृहकर लागू नहीं कर पाई थी। वाद निस्तारित हो चुका है, अब गृहकर लागू किया जा रहा है।
कालोनी में रहते 1 हजार परिवार
आवास परिषद की कुल 532 कालोनियां हैं। प्रत्येक कालोनी में कालोनी मालिक और एक किरायेदार को मिलाकर करीब 1 हजार परिवार हैं। इन परिवारों की आबादी करीब पांच हजार है।
53 आवंटियों पर 67 लाख की आरसी
आवास विकास परिषद नौबस्ता कानपुर के भू-संपत्ति अधिकारी सीके उपाध्याय ने बताया कि अभी 53 कालोनियों के आवंटियों ने बकाया जमा नहीं किया है। इनके खिलाफ 2007 में 67 लाख की आरसी जारी हुई थी।