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Fatehpur News: बड़े भाई के सिर पर कुल्हाड़ी मारकर हत्या

Mon, 08 Jul 2024 03:44 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Mon, 08 Jul 2024 03:44 AM IST
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Murder of elder brother by hitting an ax on his head
फतेहपुर। कल्यानपुर थाना क्षेत्र में झांखर हटाने के विवाद में शनिवार की रात छोटे भाई ने बड़े भाई के सिर पर कुल्हाड़ी मार हत्या कर दी। भाई की तहरीर पर पुलिस ने हत्या की रिपोर्ट कर ली है। आरोपी की तलाश की जा रही है।
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बड़ौरी ओवरब्रिज निवासी सत्येंद्र ने बताया कि वह पांच भाई हैं जितेंद्र, धर्मेंद्र, भूपेंद्र और सत्यनारायण हैं। छोटा भाई जितेंद्र पटवा (35) अपने बेटे दीपांशू (12) और बेटी पलक (10), मां कृष्णा कुमारी (80) के अलावा भाई धर्मेंद्र और सत्यनारायण के साथ एक साल से कल्यानपुर थाना क्षेत्र के बड़ौरी ओवरब्रिज हाईवे के पास झोपड़ी बनाकर रह रहा था। वह फेरी लगाकर चूड़ी बेचने का काम करता था। उसके बेटे दीपांशू की तबीयत कई दिनों से खराब थी। वह उसे डॉक्टर को दिखाने कानपुर गया था।
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रात को घर लौटा। झोपड़ी के आसपास रखे झांखर सत्य नारायण ने हटा दिए थे। इस पर उसका छोटे भाई सत्यनारायण से विवाद होने लगा। विवाद बढ़ने पर छोटे भाई ने जितेंद्र पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया। उसके सिर पर गंभीर चोट आई। बीमार मां कृष्णा कुमारी भी कुछ न कर सकी। भाई की हालत देखकर सत्यनारायण भाग गया। रात भर उपचार नहीं मिलने से जितेंद्र की मौत हो गई। बड़े भाई सतेंद्र ने थाना में तहरीर दी। पुलिस ने सत्यनारायण पर मुकदमा दर्ज किया है।
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थाना प्रभारी निरीक्षक रमाशंकर सरोज ने बताया कि झोपड़ी के आसपास झांखर रखे थे। जिसको रात में सत्यनारायण ने हटा दिया था। कानपुर से लौटकर जितेंद्र ने झांखर हटाने का विरोध किया था। इसी बात को लेकर विवाद हुआ और आरोपी ने कुल्हाड़ी सिर पर मार दिया। जिससे उसकी मौत हो गई। शव का पंचनामा भरा गया है।

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मां, छोटा भाई और बच्चे थे घर पर
जितेंद्र की पत्नी की मौत छह साल पहले असोथर में हो गई थी। उसके पीछे भी हत्या की बात कही जा रही है। जितेंद्र बड़ौरी हाईवे के पास बेटा, बेटी, मां और दो भाइयों के साथ रहता था। घटना दिन एक भाई धर्मेंद्र कहीं चला गया था और सत्यनारायण था। मां, बेटा और बेटी मारपीट के दौरान मौजूद रहे। मां असहाय कुछ न कर सकी और दोनों मासूम बस देखते रहे। उन्होंने पूछताछ में अब तक कुछ नहीं बताया है। मासूमों की हालत देखकर सबकी आंख भर आई। बूढ़ी मां और बच्चों के खानपान और जीवन की चिंता सताती रही।


जानवरों के डर से लगाए थे झांखर कटीले झांखर लगाकर करता था सुरक्षा झोपड़ी में हमेशा मां व बच्चे रहते थे। सूनसान जगह होने पर जानवर भी आने का डर बना रहता है। उनसे निपटने के लिए जितेंद्र झोपड़ी के आसपास कंटीले झाड़ व झांखर रखता था, जिससे झोपड़ी में कोई जानवर प्रवेश नहीं कर सके। उसके सुरक्षा उपाय रखना उसका काल बन गए।
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