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13 जिलों में पहुंची पुलिस, लगाए पंफलेट, पहचान नहीं
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बहुआ। 15 जून को कोर्राकनक गांव के बाहर बोरहा नाले में मिली 20 वर्षीय युवती की पहचान अब तक नहीं हो सकी है। पुलिस ने शव की पहचान कराने के लिए करीब 13 जनपदों में टीमें भेजीं और वहां पंफलेट सार्वजनिक स्थानों पर चिपकाए। इन सभी जनपदों के डीसीआरबी में युवती का फोटो भेजा गया। बावजूद इसके अब तक कोई भी पहचान करने के लिए थाने नहीं आया है।
ललौली एसओ योगेंद्र कुमार ने बताया कि पुलिस टीम उन्नाव, रायबरेली, हमीरपुर, बांदा, कानपुर, कानपुर देहात, प्रतापगढ़, प्रयागराज, कौशांबी, चित्रकूट, महोबा, लखनऊ, सीतापुर जा चुकी है।
सिपाहियों ने बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन जैसे सार्वजनिक स्थानों पर युवती की शिनाख्त के लिए पंफलेट चिपकाए और इसके साथ ही विभागीय पत्राचार के जरिए इन सभी जनपदों के डीसीआरबी में लड़की का फोटो व अन्य जरूरी जानकारी भेजी। लेकिन अभी तक शव को लेकर कोई जानकारी नहीं मिली है। पूर्व में सर्विलांस के जरिए सुराग लगाने का प्रयास किया जा चुका है और इस बिंदु पर अभी भी प्रयास चल रहे हैं।
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गलत पहचान करने वाले गए थे जेल
युवती की जहानाबाद के रहने वाले शिवप्रसाद व उनके पुत्र वीरेंद्र ने पहचान की थी। उन्होंने शव अपनी बेटी का बताकर उसका पोस्टमार्टम कराया और फिर उसका अंतिम संस्कार भी कर दिया। पुलिस को जब शंका हुई तो जांच शुरू हुई। जांच में शिवप्रसाद की पुत्री जीवित मिली। शव की गलत शिनाख्त करने के मामले में पुलिस ने पिता व पुत्र को जेल भेजने की कार्यवाही भी की थी और अब वह जमानत पर बाहर हैं।
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ललौली एसओ योगेंद्र कुमार ने बताया कि पुलिस टीम उन्नाव, रायबरेली, हमीरपुर, बांदा, कानपुर, कानपुर देहात, प्रतापगढ़, प्रयागराज, कौशांबी, चित्रकूट, महोबा, लखनऊ, सीतापुर जा चुकी है।
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सिपाहियों ने बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन जैसे सार्वजनिक स्थानों पर युवती की शिनाख्त के लिए पंफलेट चिपकाए और इसके साथ ही विभागीय पत्राचार के जरिए इन सभी जनपदों के डीसीआरबी में लड़की का फोटो व अन्य जरूरी जानकारी भेजी। लेकिन अभी तक शव को लेकर कोई जानकारी नहीं मिली है। पूर्व में सर्विलांस के जरिए सुराग लगाने का प्रयास किया जा चुका है और इस बिंदु पर अभी भी प्रयास चल रहे हैं।
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गलत पहचान करने वाले गए थे जेल
युवती की जहानाबाद के रहने वाले शिवप्रसाद व उनके पुत्र वीरेंद्र ने पहचान की थी। उन्होंने शव अपनी बेटी का बताकर उसका पोस्टमार्टम कराया और फिर उसका अंतिम संस्कार भी कर दिया। पुलिस को जब शंका हुई तो जांच शुरू हुई। जांच में शिवप्रसाद की पुत्री जीवित मिली। शव की गलत शिनाख्त करने के मामले में पुलिस ने पिता व पुत्र को जेल भेजने की कार्यवाही भी की थी और अब वह जमानत पर बाहर हैं।