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हत्या के मामले में तीन को आजीवन कारावास.
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फतेहपुर। पुरानी रंजिश में पति की हत्या करने वालों को सजा दिलाने के लिए पत्नी ने छह साल तक मुकदमा लड़ा। आखिरकार कोर्ट ने गुरुवार को अपना फैसला सुनाया। अदालत ने हत्या के तीनों आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। दोेषियों पर अर्थदंड भी लगाया है।
मामला असोथर थानाक्षेत्र के छिछनी गांव का है। गांव के हरिशंकर मिश्र खेतीबाड़ी का काम करते थे। 27 मई 2015 की सुबह साढ़े सात बजे वह साइकिल पर भूसा लादकर घर की ओर जा रहे थे, तभी रास्ते में राजू मिश्र, दीपू मिश्र और गिलकानी मिश्र ने उन्हें घेर लिया। बरछी, कुल्हाड़ी और लाठी से हरिशंकर पर कई प्रहार किए, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें पीएचसी असोथर ले जाया गया, जहां खून अधिक बहने और घाव गहरे होने के कारण मौत हो गई।
घटना के बाद हरिशंकर की पत्नी लीलावती ने पति के हत्यारों को सजा दिलाने के लिए कोर्ट में पैरवी शुरू की। प्रकरण अपर जिला जज विनोद कुमार चौरसिया की अदालत में विचाराधीन था। वादिनी लीलावती को न्याय दिलाने के लिए जिला शासकीय अधिवक्ता सहदेव गुप्त और सहायक शासकीय अधिवक्ता कल्पना देवी ने न्यायालय के समक्ष घटना से संबंधित गवाह और साक्ष्य प्रस्तुत किए।
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सभी पक्षों को सुनने के बाद अपर जिला जज विवेक कुमार चौरसिया की अदालत ने तीनों अभियुक्तों राजू, दीपू और गिलकानी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने तीनों आरोपियों पर 15-15 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। जिला शासकीय अधिवक्ता सहदेव गुप्त ने बताया कि तीनों मुल्जिम हाईकोर्ट से जमानत पर थे। अदालत से फैसला आते ही तीनों को जेल भेज दिया गया।
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मामला असोथर थानाक्षेत्र के छिछनी गांव का है। गांव के हरिशंकर मिश्र खेतीबाड़ी का काम करते थे। 27 मई 2015 की सुबह साढ़े सात बजे वह साइकिल पर भूसा लादकर घर की ओर जा रहे थे, तभी रास्ते में राजू मिश्र, दीपू मिश्र और गिलकानी मिश्र ने उन्हें घेर लिया। बरछी, कुल्हाड़ी और लाठी से हरिशंकर पर कई प्रहार किए, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें पीएचसी असोथर ले जाया गया, जहां खून अधिक बहने और घाव गहरे होने के कारण मौत हो गई।
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घटना के बाद हरिशंकर की पत्नी लीलावती ने पति के हत्यारों को सजा दिलाने के लिए कोर्ट में पैरवी शुरू की। प्रकरण अपर जिला जज विनोद कुमार चौरसिया की अदालत में विचाराधीन था। वादिनी लीलावती को न्याय दिलाने के लिए जिला शासकीय अधिवक्ता सहदेव गुप्त और सहायक शासकीय अधिवक्ता कल्पना देवी ने न्यायालय के समक्ष घटना से संबंधित गवाह और साक्ष्य प्रस्तुत किए।
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सभी पक्षों को सुनने के बाद अपर जिला जज विवेक कुमार चौरसिया की अदालत ने तीनों अभियुक्तों राजू, दीपू और गिलकानी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने तीनों आरोपियों पर 15-15 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। जिला शासकीय अधिवक्ता सहदेव गुप्त ने बताया कि तीनों मुल्जिम हाईकोर्ट से जमानत पर थे। अदालत से फैसला आते ही तीनों को जेल भेज दिया गया।