{"_id":"8931729d0813689191bbbbd1a10ac8d5","slug":"mother-s-devotees-are-concerned-vigils-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मां के भक्तों को रहती रतजगे की चिंता...","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मां के भक्तों को रहती रतजगे की चिंता...
ब्यूरो, अमर उजाला फतेहपुर
Updated Tue, 20 Oct 2015 12:19 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मां के भक्तों को रहती रतजगे की चिंता आदि गीतों की
विज्ञापन
झड़ी लगाकर जन सैलाब को झूमने के लिए बनारस से आई गायिका रानी मिश्रा ने
मजबूर कर दिया। आकर्षक मंचन देख दर्शक भाव विभोर हो गए।
गायत्री मंदिर परिसर में चल रहे मां दुर्गा पूजा महोत्सव के पांचवें दिन दुर्गा कमेटी के तत्वावधान में रतजगे में रानी मिश्रा ने कुछ यूं सुनाया कि- व्यापारियों को बस यहां व्यापार की चिंता, लालू को खाये जाती है, बिहार की चिंता।
छोटे बड़े नेताओं को सरकार की चिंता, भक्तों को रहती है मां के दरबार में रतजगे की चिंता। लखनऊ से आई मंजू शर्मा ने सुनाया कि- छोड़कर मंझधार अब सहारा पाएंगे। बेसहारा पंगु सब, मां से सहारा पाएंगे।
गायक बसंत ने कहा कि -विपदाओं की आंधी से मन मेरा डर जाता है। सुख चैन मिलता दुख से जीवन भर जाता है। मुकुल पांडेय ने मां बाप की राहोें में अफसाने नहीं रखना। खून का रिश्ता है, नाजों से संभाला है।
शुभारंभ आस्था ग्रुप के मुकुल गुप्ता ने गणेश पूजन, ज्योति वंदना के साथ किया। कार्यक्रम में कमेटी के रबी ओमर, उमेश त्रिवेदी, अनिल ओमर, अवधेश तिवारी, दयाशंकर, बीडी सिंह, सुरेंद्र यादव, राजाराम, मुकेश ओमर, अखिलेश, दीपक, करन तिवारी आदि रहे।
गायत्री मंदिर परिसर में चल रहे मां दुर्गा पूजा महोत्सव के पांचवें दिन दुर्गा कमेटी के तत्वावधान में रतजगे में रानी मिश्रा ने कुछ यूं सुनाया कि- व्यापारियों को बस यहां व्यापार की चिंता, लालू को खाये जाती है, बिहार की चिंता।
छोटे बड़े नेताओं को सरकार की चिंता, भक्तों को रहती है मां के दरबार में रतजगे की चिंता। लखनऊ से आई मंजू शर्मा ने सुनाया कि- छोड़कर मंझधार अब सहारा पाएंगे। बेसहारा पंगु सब, मां से सहारा पाएंगे।
गायक बसंत ने कहा कि -विपदाओं की आंधी से मन मेरा डर जाता है। सुख चैन मिलता दुख से जीवन भर जाता है। मुकुल पांडेय ने मां बाप की राहोें में अफसाने नहीं रखना। खून का रिश्ता है, नाजों से संभाला है।
शुभारंभ आस्था ग्रुप के मुकुल गुप्ता ने गणेश पूजन, ज्योति वंदना के साथ किया। कार्यक्रम में कमेटी के रबी ओमर, उमेश त्रिवेदी, अनिल ओमर, अवधेश तिवारी, दयाशंकर, बीडी सिंह, सुरेंद्र यादव, राजाराम, मुकेश ओमर, अखिलेश, दीपक, करन तिवारी आदि रहे।