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Fatehpur News: मां से रात को बोला था मोहित, भोर पहर घर आ जाऊंगा
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फतेहपुर। औंग थाना क्षेत्र हाईवे पर खड़े डंपर में जनरथ के टकराने से हुए हादसे में कानपुर के मोहित और गोरखपुर के परिचालक की मौत हुई है। कानपुर से युवक के परिजन जिला अस्पताल पहुंचे।
कानपुर सचेंडी थाने के जुगराजपुर निवासी मोहित चकरपुर सब्जी मंडी के आढ़ती प्रवेश पांडेय के यहां काम करते थे। हादसे की खबर पर मोहित की मां पिंकी, बड़े भाई रोहित व शोभित पहुंचे। मां बोली कि बेटा 27 अगस्त को आढ़त के काम से वाराणसी गया था। मोहित के पिता की कई साल पहले मौत हो चुकी है। मां बोली कि बेटे से शनिवार शाम को मोबाइल पर बातचीत हुई थी। बेटा बोला था कि वह वाराणसी से निकला है। वह भोर पहर तक घर पहुंच जाएगा, लेकिन भोर पहर हादसे की खबर आई। उधर, परिचालक सर्वेश यादव के परिजन गोरखपुर से नहीं पहुंच सके हैं। परिचालक के दो बेटे हैं। वहीं साथी परिचालक की मौत की खबर पर विकास नगर डिपो से सुनील सिंह, राघवेंद्र दुबे, जयप्रकाश समेत 15 कर्मी पहुंचे। सहकर्मी साथी की मौत पर गमगीन रहे।
रोडवेज चालकों की चेकिंग के नहीं इंतजाम
रोडवेज बसें अक्सर रात को हादसे का शिकार होती हैं। हादसों के पीछे अक्सर चालकों के झपकी आने और नशे में होने की चर्चाएं सामने आती हैं। इसके बाद भी विभाग रात्रि को गुजरने वाली बसों के चालकों की चेकिंग का ठोस कदम नहीं उठाता है। दुर्घटना की शिकार बस शहर के रोडवेज बस अड्डे पर रुकी थी। कुछ यात्रियों को भी उतारा था। इस दौरान बस चालक का परीक्षण किया जाना चाहिए। हादसे में चर्चा है कि चालक रात को नशे में था। रोडवेज फोरमैन सुरेंद्र सिंह यादव ने बताया कि हादसे के पीछे कोई न कोई वजह रहती है। जल्द ब्रीथ एनालाइजर मशीन मंगवाई जाएगी। रात को लंबे रूट पर चलने वाले चालकों का मशीन से परीक्षण किया जाएगा।
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हाईवे पर खड़े वाहनों से अक्सर होते हादसे औंग थाना क्षेत्र के दुर्गांगंज हाईवे पर तीन सितंबर को लोडर खड़ा था। उसे पीछे से एंबुलेंस टकराई थी। कई लोग घायल हुए थे। इसके पहले कई बार खड़े वाहनों से हादसे होते हैं। पुलिस और एआरटीओ विभाग भी चेकिंग दौरान प्रतिबंध के बाद भी वाहनों के खड़े होने से नहीं रोकथाम कर पा रहा है। यात्रीकर अधिकारी सुरेंद्र सिंह ने बताया कि चेकिंग के दौरान हाईवे पर खड़े वाहनों पर कार्रवाई की जाती है।
सात एंबुलेंस के साथ मौके पर पहुंची पुलिस
हादसे की खबर पर कानपुर और जिले में हादसा स्थल के आसपास की लोकेशन की सात एंबुलेंस मौके पर पहुंची थी। हालांकि एंबुलेंस आने से पहले ही रोडवेज बस से घायल जा चुके थे। मौके पर रोडवेज की जांच टीम रविवार सुबह करीब छह बजे पहुंची। टीम में आरएम कानपुर अनिल कुमार, एआरम विपिन अग्रवाल, वर्कशॉप इंचार्ज सुरेश चंद्र यादव, स्टेशन मास्टर पुष्पांजलि, वरिष्ठ केंद्र प्रभारी किरन देवी पहुंचे। टीम ने घटनास्थल का मुआयना किया है।
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कानपुर सचेंडी थाने के जुगराजपुर निवासी मोहित चकरपुर सब्जी मंडी के आढ़ती प्रवेश पांडेय के यहां काम करते थे। हादसे की खबर पर मोहित की मां पिंकी, बड़े भाई रोहित व शोभित पहुंचे। मां बोली कि बेटा 27 अगस्त को आढ़त के काम से वाराणसी गया था। मोहित के पिता की कई साल पहले मौत हो चुकी है। मां बोली कि बेटे से शनिवार शाम को मोबाइल पर बातचीत हुई थी। बेटा बोला था कि वह वाराणसी से निकला है। वह भोर पहर तक घर पहुंच जाएगा, लेकिन भोर पहर हादसे की खबर आई। उधर, परिचालक सर्वेश यादव के परिजन गोरखपुर से नहीं पहुंच सके हैं। परिचालक के दो बेटे हैं। वहीं साथी परिचालक की मौत की खबर पर विकास नगर डिपो से सुनील सिंह, राघवेंद्र दुबे, जयप्रकाश समेत 15 कर्मी पहुंचे। सहकर्मी साथी की मौत पर गमगीन रहे।
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रोडवेज चालकों की चेकिंग के नहीं इंतजाम
रोडवेज बसें अक्सर रात को हादसे का शिकार होती हैं। हादसों के पीछे अक्सर चालकों के झपकी आने और नशे में होने की चर्चाएं सामने आती हैं। इसके बाद भी विभाग रात्रि को गुजरने वाली बसों के चालकों की चेकिंग का ठोस कदम नहीं उठाता है। दुर्घटना की शिकार बस शहर के रोडवेज बस अड्डे पर रुकी थी। कुछ यात्रियों को भी उतारा था। इस दौरान बस चालक का परीक्षण किया जाना चाहिए। हादसे में चर्चा है कि चालक रात को नशे में था। रोडवेज फोरमैन सुरेंद्र सिंह यादव ने बताया कि हादसे के पीछे कोई न कोई वजह रहती है। जल्द ब्रीथ एनालाइजर मशीन मंगवाई जाएगी। रात को लंबे रूट पर चलने वाले चालकों का मशीन से परीक्षण किया जाएगा।
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हाईवे पर खड़े वाहनों से अक्सर होते हादसे औंग थाना क्षेत्र के दुर्गांगंज हाईवे पर तीन सितंबर को लोडर खड़ा था। उसे पीछे से एंबुलेंस टकराई थी। कई लोग घायल हुए थे। इसके पहले कई बार खड़े वाहनों से हादसे होते हैं। पुलिस और एआरटीओ विभाग भी चेकिंग दौरान प्रतिबंध के बाद भी वाहनों के खड़े होने से नहीं रोकथाम कर पा रहा है। यात्रीकर अधिकारी सुरेंद्र सिंह ने बताया कि चेकिंग के दौरान हाईवे पर खड़े वाहनों पर कार्रवाई की जाती है।
सात एंबुलेंस के साथ मौके पर पहुंची पुलिस
हादसे की खबर पर कानपुर और जिले में हादसा स्थल के आसपास की लोकेशन की सात एंबुलेंस मौके पर पहुंची थी। हालांकि एंबुलेंस आने से पहले ही रोडवेज बस से घायल जा चुके थे। मौके पर रोडवेज की जांच टीम रविवार सुबह करीब छह बजे पहुंची। टीम में आरएम कानपुर अनिल कुमार, एआरम विपिन अग्रवाल, वर्कशॉप इंचार्ज सुरेश चंद्र यादव, स्टेशन मास्टर पुष्पांजलि, वरिष्ठ केंद्र प्रभारी किरन देवी पहुंचे। टीम ने घटनास्थल का मुआयना किया है।