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मनरेगा में फर्जीवाड़ा: तीन अधिकारियों पर कार्रवाई की संस्तुति
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फतेहपुर। विजयीपुर ब्लॉक के ग्राम पंचायत सिल्मी गढ़वा में मनरेगा के तहत अलग-अलग सदस्यों को मुखिया बनाकर गोलमाल किया गया था। मामले को अधिकारियों ने जांच में पंचायत स्तर के तीन अधिकारियों को दोषी पाया। उनके जवाब से संतुष्ट न होने पर डीसी मनरेगा ने तीन अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति करते हुए संबंधित विभागों को पत्राचार किया है।
सिल्मी गढ़वा गांव में निवासी अंकित त्रिपाठी ने सीपी ग्राम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप लगाया था कि मनरेगा के तहत बने जॉब कार्ड नंबर 381, 1013, 475, 625, 1052, 1160, 914, 971 पर मानक से ज्यादा काम देकर मनरेगा के नियमों का उल्लंघन किया गया है। एक परिवार में एक से अधिक जॉब कार्ड बनाए गए थे। इस मामले में विजयीपुर बीडीओ ने जांच की, इसके बाद संबंधित अधिकारी से 67,335 रुपये की वसूली की गई थी। मामले को अमर उजाला ने उठाया तो डीसी मनरेगा ने तत्कालीन ग्राम पंचायत अधिकारी व ग्राम विकास अधिकारी को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया था। तीनों अधिकारियों ने अपना जवाब डीसी मनरेगा को दिया था। इस जवाब से डीसी मनरेगा संतुष्ट नहीं हुए। डीसी मनरेगा करुणाकर अदीब ने बताया कि सिल्मी गांव में मनरेगा के तहत गड़बड़ी पाए जाने पर वसूली की गई थी। दो ग्राम विकास अधिकारी व एक ग्राम पंचायत अधिकारी से जवाब तलब किया था। तीनों का जवाब संतोषजनक नहीं था। इस पर विभागीय कार्रवाई के लिए संबंधित विभागों को पत्राचार किया गया है।
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सिल्मी गढ़वा गांव में निवासी अंकित त्रिपाठी ने सीपी ग्राम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप लगाया था कि मनरेगा के तहत बने जॉब कार्ड नंबर 381, 1013, 475, 625, 1052, 1160, 914, 971 पर मानक से ज्यादा काम देकर मनरेगा के नियमों का उल्लंघन किया गया है। एक परिवार में एक से अधिक जॉब कार्ड बनाए गए थे। इस मामले में विजयीपुर बीडीओ ने जांच की, इसके बाद संबंधित अधिकारी से 67,335 रुपये की वसूली की गई थी। मामले को अमर उजाला ने उठाया तो डीसी मनरेगा ने तत्कालीन ग्राम पंचायत अधिकारी व ग्राम विकास अधिकारी को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया था। तीनों अधिकारियों ने अपना जवाब डीसी मनरेगा को दिया था। इस जवाब से डीसी मनरेगा संतुष्ट नहीं हुए। डीसी मनरेगा करुणाकर अदीब ने बताया कि सिल्मी गांव में मनरेगा के तहत गड़बड़ी पाए जाने पर वसूली की गई थी। दो ग्राम विकास अधिकारी व एक ग्राम पंचायत अधिकारी से जवाब तलब किया था। तीनों का जवाब संतोषजनक नहीं था। इस पर विभागीय कार्रवाई के लिए संबंधित विभागों को पत्राचार किया गया है।
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