फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Fatehpur News ›   Midday - mile plan fell flat on the first day

पहले दिन ही मिडडे-मील योजना औंधे मुंह गिरी

Thu, 16 Jul 2015 12:28 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, फतेहपुर
अमर उजाला ब्यूरो, फतेहपुर Updated Thu, 16 Jul 2015 12:28 AM IST
विज्ञापन
Midday - mile plan fell flat on the first day

प्राइमरी स्कूलों में मिडडे-मील के साथ प्रत्येक बुधवार को बच्चों को दूध देने की योजना जिले में पहले दिन ही  औंधे मुंह नजर आई। विभाग के लाख प्रयासों के बावजूद 53 फीसदी स्कूलों में नौनिहालों को दूध मुहैया नहीं हो पाया। 47 फीसदी स्कूलों में कहीं पैकेट का दूध, तो कहीं पानी में दूध मिलाकर बांटा गया। उधर, ग्रामीण क्षेत्र के स्कूलों में सब्जी चावल परोसी गई।

विज्ञापन

जिलेभर में 2650 परिषदीय, 50 वित्तपोषित उच्च प्राथमिक तथा 72 वित्तपोषित माध्यमिक स्कूलों में कक्षा 1 से लेकर 8 तक के बच्चों को मध्याह्न भोजन योजना का लाभ दिया जा रहा है। इन स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों की संख्या करीब ढाई लाख के आस पास है। शासन ने एमडीएम के मेन्यू में परिवर्तन करते हुए बुधवार को कोफ्ता चावल के साथ प्रत्येक बच्चे को 200 ग्राम दूध पिलाने की व्यवस्था लागू की है। पहले दिन दूध वितरण की निगरानी को लेकर बेसिक शिक्षा अधिकारी समेत विभाग की टीमों ने स्कूलों का सघन निरीक्षण किया। निरीक्षण में 47 प्रतिशत स्कूलों में दूध वितरण करता पाया गया, जबकि 53 प्रतिशत स्कूलों में दूध वितरण की कोई व्यवस्था नहीं रही। खास बात तो यह है कि ग्रामीण क्षेत्र के जिन स्कूलों में दूध बांटा भी गया, उसमें पानी की मात्रा ज्यादा मिली। शहर के प्राथमिक स्कूल लाला बाजार के बच्चों ने बताया कि कोफ्ता चावल के साथ सिर्फ 2-2 चम्मच दूध परोसा गया है। इसी परिसर में स्थित महात्मा गांधी कन्या जूनियर हाईस्कूल की छात्राओं ने बताया कि उन्हें आधा लीटर दूध परोसा गया है, जबकि शिक्षकाओं ने यह कहकर सफाई पेश की, यह छात्रा पहली बार स्कूल आई है, जबकि छात्रा स्कूली ड्रेस में कक्षा के अंदर मौजूद थी। इसी तरह आदर्श प्राथमिक स्कूल खेलदार में कुछ बच्चे प्लास्टिक की बोतलों में दूध लिए मिले। कुछ ही देर हिलाने पर बोतल झाग से भर गई।
विज्ञापन



इनसेट
विद्यालयों में छात्रों को पिलाया गया दूध
अमौली/खागा। अमौली विकास खंड में खंड शिक्षा अधिकारी राकेश कुमार के नेतृत्व में अभियान चलाया गया। जूनियर हाईस्कूल कुल खेड़ा में 59 बच्चों, कन्या जूनियर विद्यालय अमौली सहित दर्जनों विद्यालयों में दूध का वितरण कराया। उमेश त्रिवेदी, सरोज सोनकर आदि शिक्षकाें को निर्देश दिया कि मेन्यू के अनुसार विद्यालयों में खाना बनाकर बच्चों को खिलाया जाए। खागा के  विजयीपुर विकास खंड के मीरपुर स्कूल में बीईओ रवींद्र शुक्ल ने अपनी मौजूदगी में बच्चों को कोफ्ता और दूध खिलाया पिलाया। उन्होंने बताया कि ब्लाक के सभी 212 प्राइमरी और जूनियर में से केवल 64 स्कूलों में दूध ने मिलने के कारण बच्चों को नहीं पिलाया गया। वहीं धाता ब्लाक के 193 स्कूलों में से 125 स्कूलों में दूध पिलाया गया। ऐरायां विकास खंड के 168 स्कूलों में से 107 स्कूलों में सभी बच्चों को दूध दिया गया। हथगाम ब्लाक में जानकारी देने वाला कोई नहीं है। वहीं दूध न मिलने और कोफ्ता बनाने की जानकारी न होने के कारण 60 फीसदी स्कूलों में यह व्यवस्था लागू नहीं हो पायी। ऐरायां एबीआरसी एनके वर्मा ने बताया कि अधिकांश स्कूलों का निरीक्षण किया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन



बोले बीएसए
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी विनय कुमार ने बताया कि 47 प्रतिशत स्कूलों में दूध का वितरण किया गया है। 53 प्रतिशत स्कूलों में दूध की व्यवस्था नहीं हो पाई है। ग्रामीण क्षेत्र के स्कूलों में दूध की उपलब्धता को लेकर समस्या है। इसके लिए कोई न कोई विकल्प सोचना पड़ेगा, जिससे नौनिहालों को उनका हक मिल सके।


 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed