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Fatehpur News: गांवों के घरों में भी उजाला हो... कवियों ने दिया भाईचारे का संदेश
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फोटो-21-हथगाम के रामपुर मून गांव में आयोजित कवि सम्मेलन में कविता पढ़ते कवि। संवाद
हथगाम। क्षेत्र के रामपुर मून गांव में शनिवार रात विराट कवि सम्मेलन एवं मुशायरे का आयोजन किया गया। प्रधान सराय साबा शिक्षक मानसिंह यादव ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कवि एवं शायर शिवशरण बंधु हथगामी ने संचालन किया। आयोजन की जिम्मेदारी कवि राजेंद्र यादव ने निभाई।
अमौली के राहुल कश्यप ने सरस्वती वंदना के साथ काव्य पाठ की शुरुआत की। जाने-माने कवि विकास बागी ने पढ़ा कि भले चादर मजारों पे न मूरत पे दुशाला हो, मगर प्यासों को पानी और भूखों को निवाला हो, तुम्हारी चाह शहरों के महल में चांदनी बरसे, हमारी कोशिशें गांवों के घर में भी उजाला हो।
शिवशरण बंधु हथगामी ने पढ़ा कि रहते-रहते घर में घर हो जाते हैं, चलते-चलते लोग सफर हो जाते हैं, राजनीति में कुछ लोगों की फितरत है, जिधर बनी सरकार उधर हो जाते हैं।
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आधुनिक रसखान की पदवी से विभूषित डॉ. वारिस अंसारी ने पढ़ा कि लाजिम हैं समझना तुम्हें अहकाम हमारे, होते हैं मोहब्बत भरे पैगाम हमारे, मत इनको तुम अपनी हदों में बांध के रक्खो, जो राम तुम्हारे हैं वही राम हमारे।
शिव सिंह सागर ने पढ़ा कि मेरी फटी कमीज के चलते दर्जी हो गए मेरे पापा, जब-जब मेरी चप्पल टूटी, मोची हो गए मेरे पापा। राजेंद्र यादव ने पढ़ा कि चिकनी चुपड़ी बात देखिए, अधनंगे जज्बात देखिए, भिन्न-भिन्न है सोच सभी की, भिन्न-भिन्न हजरात देखिए।
इस दौरान युवा कवि शिवम हथगामी, टीवी फेम आशीष कवि गुरु, कुमार विकास, अभिजीत मिश्रा, अनुज साहू शम्स, संदीप शरारती, आयुष यादव, राहुल शर्मा और राहुल कश्यप ने भी काव्य पाठ किया। इस मौके पर शिवाकांत यादव, अशोक यादव, बाबू सिंह यादव, जगजीत सिंह, महेंद्र सिंह एडवोकेट मौजूद रहे।
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अमौली के राहुल कश्यप ने सरस्वती वंदना के साथ काव्य पाठ की शुरुआत की। जाने-माने कवि विकास बागी ने पढ़ा कि भले चादर मजारों पे न मूरत पे दुशाला हो, मगर प्यासों को पानी और भूखों को निवाला हो, तुम्हारी चाह शहरों के महल में चांदनी बरसे, हमारी कोशिशें गांवों के घर में भी उजाला हो।
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शिवशरण बंधु हथगामी ने पढ़ा कि रहते-रहते घर में घर हो जाते हैं, चलते-चलते लोग सफर हो जाते हैं, राजनीति में कुछ लोगों की फितरत है, जिधर बनी सरकार उधर हो जाते हैं।
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आधुनिक रसखान की पदवी से विभूषित डॉ. वारिस अंसारी ने पढ़ा कि लाजिम हैं समझना तुम्हें अहकाम हमारे, होते हैं मोहब्बत भरे पैगाम हमारे, मत इनको तुम अपनी हदों में बांध के रक्खो, जो राम तुम्हारे हैं वही राम हमारे।
शिव सिंह सागर ने पढ़ा कि मेरी फटी कमीज के चलते दर्जी हो गए मेरे पापा, जब-जब मेरी चप्पल टूटी, मोची हो गए मेरे पापा। राजेंद्र यादव ने पढ़ा कि चिकनी चुपड़ी बात देखिए, अधनंगे जज्बात देखिए, भिन्न-भिन्न है सोच सभी की, भिन्न-भिन्न हजरात देखिए।
इस दौरान युवा कवि शिवम हथगामी, टीवी फेम आशीष कवि गुरु, कुमार विकास, अभिजीत मिश्रा, अनुज साहू शम्स, संदीप शरारती, आयुष यादव, राहुल शर्मा और राहुल कश्यप ने भी काव्य पाठ किया। इस मौके पर शिवाकांत यादव, अशोक यादव, बाबू सिंह यादव, जगजीत सिंह, महेंद्र सिंह एडवोकेट मौजूद रहे।

फोटो-21-हथगाम के रामपुर मून गांव में आयोजित कवि सम्मेलन में कविता पढ़ते कवि। संवाद