{"_id":"6add027ae4bbaaa42005a325","slug":"locks-on-cooperative-society-offices-farmers-left-wandering-in-search-of-fertilizer-fatehpur-news-c-217-1-fth1015-165092-2026-10-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Fatehpur News: समितियों में ताले, खाद के लिए दर-दर भटक रहे किसान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Fatehpur News: समितियों में ताले, खाद के लिए दर-दर भटक रहे किसान
विज्ञापन
फोटो-16- अमौली के जजमोइया समिति मे बंद ताला। संवाद
फतेहपुर। बोआई का समय निकल रहा है, लेकिन किसानों को खाद नहीं मिल रही है। सहकारी समितियों के रोज चक्कर लगाने के बाद भी उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। कहीं आलू की बोआई रुकी है तो कहीं चना और लाही की बोआई पिछड़ने की चिंता सता रही है।
निजी दुकानों से महंगे दाम पर खाद खरीदने से खेती की लागत बढ़ने का डर है। वहीं समय से खाद न मिलने पर फसल पिछड़ने का खतरा बना हुआ है। धाता, असोथर और अमौली समेत कई क्षेत्रों में सहकारी समिति सचिवों की हड़ताल से किसान दोहरी परेशानी झेल रहे हैं।
समितियों पर ताले लटके हैं और स्टॉक होने के बावजूद खाद का वितरण बंद है। उधर, सचिवों का कहना है कि वेतन की मांग पूरी होने तक हड़ताल जारी रहेगी।
खाद न मिलने से बोआई का काम रुका
धाता क्षेत्र में सहकारी समिति पर ताला बंद होने से किसान खाद के लिए परेशान हैं। देवरी गांव के प्रेम सिंह आलू, चना और लाही की बोआई के लिए खाद लेने पहुंचे, लेकिन उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ा। जाजीपुर के किसान रबी करन सिंह ने बताया कि आलू की बोआई के लिए खाद नहीं मिल रही है, जिससे काम रुका हुआ है। सहकारी समिति सचिव परिषद के जिलाध्यक्ष राम प्रताप सिंह और महामंत्री नेक पाल सिंह ने बताया कि धाता क्षेत्र में नौ सचिव कार्यरत हैं। इनमें अधिकांश को तीन से चार साल से वेतन नहीं मिला है, जबकि कुछ का तीन से छह महीने का वेतन बकाया है। सचिवों की दो अक्तूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल चल रही है। उनकी मांग है कि कमीशन के बजाय राजकीय कोष से नियमित वेतन दिया जाए।
विज्ञापन
निजी दुकानों से खाद खरीदने की मजबूरी
असोथर क्षेत्र में भी समितियों पर खाद वितरण बंद होने से किसान परेशान हैं। खेतों में लाही, चना, मटर और आलू की बोआई का समय चल रहा है। खाद न मिलने से बोआई पिछड़ने और खेती की लागत बढ़ने की चिंता है। किसान श्रवण कुमार, रविंद्र श्रीवास्तव और प्रमोद कुमार ने बताया कि समितियों से खाद नहीं मिलने के कारण निजी दुकानों से खरीदनी पड़ रही है। किसानों ने अधिकारियों से खाद की उपलब्धता सुनिश्चित कराने और वितरण व्यवस्था बहाल करने की मांग की है।
-- -- -- -- -- -
स्टॉक में खाद, फिर भी किसानों के हाथ खाली
अमौली क्षेत्र की इकलौती सहकारी समिति में भी ताला बंद है। किसान खाद लेने पहुंच रहे हैं, लेकिन निराश होकर लौटना पड़ रहा है। बिरनई के सुरेश और संतोष, रनुपुर के संदीप और उमेश तथा बुढ़वा के पंथू सिंह और रमेश ने बताया कि समिति बंद होने से खाद नहीं मिल पा रही है। इस समय लाही, चना, सरसों, धनिया और आलू की बोआई के लिए डीएपी और यूरिया की जरूरत है। सहकारी समिति के सचिव रविंद्र मिश्रा ने बताया कि समिति में करीब 250 बोरी डीएपी और 300 बोरी यूरिया का स्टॉक है। हड़ताल समाप्त होने के बाद ही खाद का वितरण किया जाएगा। ऐसे में खाद उपलब्ध होने के बावजूद किसान इसे नहीं ले पा रहे हैं। हड़ताल कब समाप्त होगी, इस पर स्थिति स्पष्ट नहीं है।
विज्ञापन
निजी दुकानों से महंगे दाम पर खाद खरीदने से खेती की लागत बढ़ने का डर है। वहीं समय से खाद न मिलने पर फसल पिछड़ने का खतरा बना हुआ है। धाता, असोथर और अमौली समेत कई क्षेत्रों में सहकारी समिति सचिवों की हड़ताल से किसान दोहरी परेशानी झेल रहे हैं।
विज्ञापन
समितियों पर ताले लटके हैं और स्टॉक होने के बावजूद खाद का वितरण बंद है। उधर, सचिवों का कहना है कि वेतन की मांग पूरी होने तक हड़ताल जारी रहेगी।
खाद न मिलने से बोआई का काम रुका
धाता क्षेत्र में सहकारी समिति पर ताला बंद होने से किसान खाद के लिए परेशान हैं। देवरी गांव के प्रेम सिंह आलू, चना और लाही की बोआई के लिए खाद लेने पहुंचे, लेकिन उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ा। जाजीपुर के किसान रबी करन सिंह ने बताया कि आलू की बोआई के लिए खाद नहीं मिल रही है, जिससे काम रुका हुआ है। सहकारी समिति सचिव परिषद के जिलाध्यक्ष राम प्रताप सिंह और महामंत्री नेक पाल सिंह ने बताया कि धाता क्षेत्र में नौ सचिव कार्यरत हैं। इनमें अधिकांश को तीन से चार साल से वेतन नहीं मिला है, जबकि कुछ का तीन से छह महीने का वेतन बकाया है। सचिवों की दो अक्तूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल चल रही है। उनकी मांग है कि कमीशन के बजाय राजकीय कोष से नियमित वेतन दिया जाए।
विज्ञापन
निजी दुकानों से खाद खरीदने की मजबूरी
असोथर क्षेत्र में भी समितियों पर खाद वितरण बंद होने से किसान परेशान हैं। खेतों में लाही, चना, मटर और आलू की बोआई का समय चल रहा है। खाद न मिलने से बोआई पिछड़ने और खेती की लागत बढ़ने की चिंता है। किसान श्रवण कुमार, रविंद्र श्रीवास्तव और प्रमोद कुमार ने बताया कि समितियों से खाद नहीं मिलने के कारण निजी दुकानों से खरीदनी पड़ रही है। किसानों ने अधिकारियों से खाद की उपलब्धता सुनिश्चित कराने और वितरण व्यवस्था बहाल करने की मांग की है।
स्टॉक में खाद, फिर भी किसानों के हाथ खाली
अमौली क्षेत्र की इकलौती सहकारी समिति में भी ताला बंद है। किसान खाद लेने पहुंच रहे हैं, लेकिन निराश होकर लौटना पड़ रहा है। बिरनई के सुरेश और संतोष, रनुपुर के संदीप और उमेश तथा बुढ़वा के पंथू सिंह और रमेश ने बताया कि समिति बंद होने से खाद नहीं मिल पा रही है। इस समय लाही, चना, सरसों, धनिया और आलू की बोआई के लिए डीएपी और यूरिया की जरूरत है। सहकारी समिति के सचिव रविंद्र मिश्रा ने बताया कि समिति में करीब 250 बोरी डीएपी और 300 बोरी यूरिया का स्टॉक है। हड़ताल समाप्त होने के बाद ही खाद का वितरण किया जाएगा। ऐसे में खाद उपलब्ध होने के बावजूद किसान इसे नहीं ले पा रहे हैं। हड़ताल कब समाप्त होगी, इस पर स्थिति स्पष्ट नहीं है।

फोटो-16- अमौली के जजमोइया समिति मे बंद ताला। संवाद

फोटो-16- अमौली के जजमोइया समिति मे बंद ताला। संवाद