{"_id":"6add02d30770aee9d90a405e","slug":"attractive-tableaux-featured-at-the-64th-dussehra-celebrations-in-parsiddhpur-fatehpur-news-c-217-1-sknp1021-165054-2026-10-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Fatehpur News: परसिद्धपुर में 64वें दशहरा समारोह में दिखीं आकर्षक झांकियां","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Fatehpur News: परसिद्धपुर में 64वें दशहरा समारोह में दिखीं आकर्षक झांकियां
विज्ञापन
फोटो-03- धाता में शंकर पार्वती की सजी झांकी। संवाद
- फोटो : Videograb
धाता। क्षेत्र के परसिद्धपुर गांव में शनिवार रात 64वें दशहरा समारोह के तहत झांकियों का प्रदर्शन हुआ। परसिद्धपुर झांकी कमेटी और पूर्व चौकी कमेटी ने धार्मिक, ऐतिहासिक और समसामयिक विषयों पर झांकियां निकालीं।
इनमें रामायण, महाभारत के प्रसंग, भारत माता और स्वतंत्रता संग्राम से जुड़ी झांकियां प्रमुख थीं। रात नौ बजे से देर रात एक बजे तक चले इस कार्यक्रम को देखने बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंचे।
गांव में झांकियां निकालने की यह परंपरा करीब 64 वर्ष पुरानी है, जो 1962 में शुरू होकर 1964 से व्यवस्थित हुई। आयोजन की तैयारी एक माह पहले गोपनीय तरीके से होती है, जिसमें दोनों कमेटियां अलग-अलग काम करती हैं।
विज्ञापन
तीरथजीत सिंह, गोविंद विश्वकर्मा और केदारनाथ सिंह जैसे लोगों ने इस परंपरा की शुरुआत की थी। वर्तमान में दोनों कमेटियों के सदस्य आयोजन की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।
विज्ञापन
इनमें रामायण, महाभारत के प्रसंग, भारत माता और स्वतंत्रता संग्राम से जुड़ी झांकियां प्रमुख थीं। रात नौ बजे से देर रात एक बजे तक चले इस कार्यक्रम को देखने बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंचे।
विज्ञापन
गांव में झांकियां निकालने की यह परंपरा करीब 64 वर्ष पुरानी है, जो 1962 में शुरू होकर 1964 से व्यवस्थित हुई। आयोजन की तैयारी एक माह पहले गोपनीय तरीके से होती है, जिसमें दोनों कमेटियां अलग-अलग काम करती हैं।
विज्ञापन
तीरथजीत सिंह, गोविंद विश्वकर्मा और केदारनाथ सिंह जैसे लोगों ने इस परंपरा की शुरुआत की थी। वर्तमान में दोनों कमेटियों के सदस्य आयोजन की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।

फोटो-03- धाता में शंकर पार्वती की सजी झांकी। संवाद- फोटो : Videograb