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ठंड और बारिश का कहर, जनजीवन अस्तव्यस्त
ब्यूरो/अमर उजाला, फतेहपुर
Updated Sun, 04 Jan 2015 12:14 AM IST
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गैरिमझिम बरसात से आम जनजीवन की हालत अस्त व्यस्त हो गई है। सर्दी से लोग
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कांपते रहे। वहीं जो लोग बाहर निकले, उन्हें शहर की सड़कों पर किचपिच का
सामना करना पड़ा। उधर, निजी स्कूल खुले होने के कारण बच्चों को बरसात में
भीगते हुए स्कूल पहुंचना पड़ा। स्टेशन और बस स्टैंडों में यात्रियों का हाल
बेहाल रहा।
दो दिन से आसमान में छाई बदली से लोगों को ठंड से भले ही राहत मिली हो, लेकिन लोगों की परेशानियां और बढ़ गई हैं। शनिवार की भोर से शुरू हुई रिममिझम बरसात स्कूल और दफ्तर जाने वाले कर्मचारियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
छात्र और कर्मचारी भीगते हुए घरों से निकले। भोर से बरसात शुरू होने के कारण सरकार दफ्तरों में कर्मचारियों की उपस्थिति प्रभावित रही। अधिकारी भी बहुत अपनी कुर्सियों में दिखाई पड़े।
सुबह स्कूलों बसों के इंतजार में बच्चे सड़कों के किनारे खड़े दिखाई पड़े। कुछ बच्चे तो साइकिल और रिक्शों से स्कूल पहुंचे। भीगने के बाद बच्चों का ठंड से हालत बेहाल रहा। हलांकि कुछ देर बात अधिकांश स्कूलों में अवकाश कर दिया गया था। ऐसी हालत में भीगते हुए ही बच्चों को घर वापस लौटना पड़ा।
शहर के निजी बस स्टैंड रामगंज पक्का तालाब, बिंदकी बस स्टैंड, अशोकनगर, हरिहरगंज, जयरामनगर में शेड़ों की व्यवस्था न होने के कारण यात्रियों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ा। बरसात से बचने के लिए यात्री चाय नाश्ते की दुकान में भीड़ लगाए रहे, जिससे दुकनदारों का झिड़की भी सुननी पड़ी।
उधर, शहर की एकमात्र सब्जी मंडी आईटीआई रोड में बरसात के समय हालत देखते ही बनी। सड़क पटरी पर बिक्री के लिए सब्जी लगाए किसान ठंड से सिकुड़ते रहे, जबकि खरीददारों का दूर-दूर तक अता पता नहीं रहा। हलांकि भोर से बरसात शुरू होने के कारण बहुत कम किसान सब्जी लेकर बाजार पहुंचे, लेकिन जो भी पहुंचे वह ठंड से ठिठुरते रहे।
सब्जी की पत्तियां और खराब सब्जी फेकने से मंडी के समीप सड़क की हालत देखते ही बनी। वाहन के निकलने से खराब सब्जी पूरी सड़क फैली रही, जिसकी फिसलन के कारण कई दो पहिया वाहन सवार फिसल चुटहिल हुए। मौसम खराब होने के कारण किसान सब्जी औने पौने दामों में बिक्री करके चलते बने।
रिमझिम बरसात से यात्री परेशान
शहर में यात्रियों के सुविधाओं का कोई इंतजाम नहीं है। ज्वालागंज के रोडवेज बस अड्डा निर्माण से यात्रियों की समस्याएं और बढ़ गई हैं। बसों का संचालन वर्कशाप से होने पर मुसाफिरों को सड़क पर ही बस का इंतजार करना पड़ता है। मुसाफिरों को बसों की जानकारी के लिए विभाग का एक भी कर्मचारी बस अड्डा के पास मौजूद नहीं रहता है।
इससे यात्रियों को बसों की जानकारी के लिए इधर उधर भटकना पड़ता है। बसों की जानकारी के लिए ज्यादातर बांदा, लखनऊ, कर्वी, रूट के यात्रियों को होती है।
बस अड्डा के आसपास के दुकानदारों से यात्रियों को बस की जानकारी लेनी पड़ती है। जबकि बस से सफर करने वाले यात्रियों के टिकट में सुविधा के नाम पर शुल्क चार्ज किया जाता है।
दो दिन से आसमान में छाई बदली से लोगों को ठंड से भले ही राहत मिली हो, लेकिन लोगों की परेशानियां और बढ़ गई हैं। शनिवार की भोर से शुरू हुई रिममिझम बरसात स्कूल और दफ्तर जाने वाले कर्मचारियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
छात्र और कर्मचारी भीगते हुए घरों से निकले। भोर से बरसात शुरू होने के कारण सरकार दफ्तरों में कर्मचारियों की उपस्थिति प्रभावित रही। अधिकारी भी बहुत अपनी कुर्सियों में दिखाई पड़े।
सुबह स्कूलों बसों के इंतजार में बच्चे सड़कों के किनारे खड़े दिखाई पड़े। कुछ बच्चे तो साइकिल और रिक्शों से स्कूल पहुंचे। भीगने के बाद बच्चों का ठंड से हालत बेहाल रहा। हलांकि कुछ देर बात अधिकांश स्कूलों में अवकाश कर दिया गया था। ऐसी हालत में भीगते हुए ही बच्चों को घर वापस लौटना पड़ा।
शहर के निजी बस स्टैंड रामगंज पक्का तालाब, बिंदकी बस स्टैंड, अशोकनगर, हरिहरगंज, जयरामनगर में शेड़ों की व्यवस्था न होने के कारण यात्रियों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ा। बरसात से बचने के लिए यात्री चाय नाश्ते की दुकान में भीड़ लगाए रहे, जिससे दुकनदारों का झिड़की भी सुननी पड़ी।
उधर, शहर की एकमात्र सब्जी मंडी आईटीआई रोड में बरसात के समय हालत देखते ही बनी। सड़क पटरी पर बिक्री के लिए सब्जी लगाए किसान ठंड से सिकुड़ते रहे, जबकि खरीददारों का दूर-दूर तक अता पता नहीं रहा। हलांकि भोर से बरसात शुरू होने के कारण बहुत कम किसान सब्जी लेकर बाजार पहुंचे, लेकिन जो भी पहुंचे वह ठंड से ठिठुरते रहे।
सब्जी की पत्तियां और खराब सब्जी फेकने से मंडी के समीप सड़क की हालत देखते ही बनी। वाहन के निकलने से खराब सब्जी पूरी सड़क फैली रही, जिसकी फिसलन के कारण कई दो पहिया वाहन सवार फिसल चुटहिल हुए। मौसम खराब होने के कारण किसान सब्जी औने पौने दामों में बिक्री करके चलते बने।
रिमझिम बरसात से यात्री परेशान
शहर में यात्रियों के सुविधाओं का कोई इंतजाम नहीं है। ज्वालागंज के रोडवेज बस अड्डा निर्माण से यात्रियों की समस्याएं और बढ़ गई हैं। बसों का संचालन वर्कशाप से होने पर मुसाफिरों को सड़क पर ही बस का इंतजार करना पड़ता है। मुसाफिरों को बसों की जानकारी के लिए विभाग का एक भी कर्मचारी बस अड्डा के पास मौजूद नहीं रहता है।
इससे यात्रियों को बसों की जानकारी के लिए इधर उधर भटकना पड़ता है। बसों की जानकारी के लिए ज्यादातर बांदा, लखनऊ, कर्वी, रूट के यात्रियों को होती है।
बस अड्डा के आसपास के दुकानदारों से यात्रियों को बस की जानकारी लेनी पड़ती है। जबकि बस से सफर करने वाले यात्रियों के टिकट में सुविधा के नाम पर शुल्क चार्ज किया जाता है।