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Fatehpur News: बच्चे के अपहरण में दो दोषियों को उम्रकैद
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- पुलिस ने मुठभेड़ के बाद बच्चे को बरामद किया था
संवाद न्यूज एजेंसी
फतेहपुर। अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर एक के पीठासीन अधिकारी अखिलेश कुमार पांडेय ने दो साल के बच्चे के अपहरण के मामले में दो दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने दोषियों पर अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड अदा न करने पर अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
खागा कोतवाली क्षेत्र के इरादतपुर कुंभीपुर श्याम सुंदर 22 अप्रैल 2010 को खेत पर थे। उनकी पुत्री अल्पना (9) खेत से छोटे भाई शिवम (2) को लेकर शाम को घर लौट रही थी। रास्ते से खागा कोतवाली के भोगलपुर चिंता का पुरवा निवासी रमेश उर्फ ननका, संतोष उर्फ विजयपाल पासवान, दिवंगत दुर्गा पासवान उर्फ पिंटू बाइक से मौके पर पहुंचे।
बाइक सवार अल्पना की गोद से शिवम को छीनकर भाग निकले थे। इसके बाद आरोपियों ने श्याम सुंदर को फोन कर ढाई लाख की फिरौती मांगी थी। पुलिस मुकदमा दर्ज कर जांच में जुटी थी। पुलिस ने 22 अप्रैल 2010 पुलिस मुठभेड़ को अपहृत को बरामद किया था। तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया था।
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मुकदमा दौरान दुर्गा पासवान उर्फ पिंटू पासवान की मौत हो गई। सहायक शासकीय अधिवक्ता रहस बिहारी श्रीवास्तव ने बताया कि आरोपी संतोष उर्फ विजय पाल और रमेश उर्फ ननका पासवान को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। दोनों को अपहरण में 15- 15 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई है। इसके अलावा संतोष को पुलिस मुठभेड़ में छह साल कैद और चार हजार जुर्माना लगाया है। आर्म्स एक्ट में 12-12 हजार का अर्थदंड की सजा सुनाई है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
फतेहपुर। अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर एक के पीठासीन अधिकारी अखिलेश कुमार पांडेय ने दो साल के बच्चे के अपहरण के मामले में दो दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने दोषियों पर अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड अदा न करने पर अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
खागा कोतवाली क्षेत्र के इरादतपुर कुंभीपुर श्याम सुंदर 22 अप्रैल 2010 को खेत पर थे। उनकी पुत्री अल्पना (9) खेत से छोटे भाई शिवम (2) को लेकर शाम को घर लौट रही थी। रास्ते से खागा कोतवाली के भोगलपुर चिंता का पुरवा निवासी रमेश उर्फ ननका, संतोष उर्फ विजयपाल पासवान, दिवंगत दुर्गा पासवान उर्फ पिंटू बाइक से मौके पर पहुंचे।
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बाइक सवार अल्पना की गोद से शिवम को छीनकर भाग निकले थे। इसके बाद आरोपियों ने श्याम सुंदर को फोन कर ढाई लाख की फिरौती मांगी थी। पुलिस मुकदमा दर्ज कर जांच में जुटी थी। पुलिस ने 22 अप्रैल 2010 पुलिस मुठभेड़ को अपहृत को बरामद किया था। तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया था।
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मुकदमा दौरान दुर्गा पासवान उर्फ पिंटू पासवान की मौत हो गई। सहायक शासकीय अधिवक्ता रहस बिहारी श्रीवास्तव ने बताया कि आरोपी संतोष उर्फ विजय पाल और रमेश उर्फ ननका पासवान को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। दोनों को अपहरण में 15- 15 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई है। इसके अलावा संतोष को पुलिस मुठभेड़ में छह साल कैद और चार हजार जुर्माना लगाया है। आर्म्स एक्ट में 12-12 हजार का अर्थदंड की सजा सुनाई है।