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Fatehpur News: डीसीएम चालक की हत्या कर केमिकल लूटने वाले चार दोषियों को उम्रकैद
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फोटो-21-आरोपियों को जेल ले जाती पुलिस। स्राेत: वीडियो ग्रैब
फतेहपुर। डीसीएम चालक की हत्या कर केमिकल लदा वाहन लूटने के करीब छह साल पुराने मामले में अदालत ने चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अपर सत्र न्यायाधीश/एफटीसी-2 अजय सिंह प्रथम की अदालत ने गोविंद सिंह, दुर्ग सिंह, अर्जुन सिंह और अमित सिंह को दोषी ठहराते हुए सभी पर 60-60 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है।
कल्यानपुर थाना क्षेत्र के बड़ौरी निवासी रामआसरे डीसीएम चलाते थे। वह यूपी 78 डीटी 2256 नंबर के वाहन से केमिकल की ढुलाई करते थे। 10 नवंबर 2020 की रात करीब आठ बजे बेटे नीरज साहू ने फोन किया, लेकिन मोबाइल बंद मिला। तलाश के दौरान 12 नवंबर को बिंदकी क्षेत्र में एक अज्ञात शव मिलने की सूचना मिली।
परिजन ने मौके पर पहुंचकर शव की पहचान रामआसरे के रूप में की। इसके बाद प्राथमिकी दर्ज कराई गई। पुलिस जांच में डीसीएम और उसमें लदा केमिकल गायब होने का मामला सामने आया। अभियोजन के मुताबिक, आरोपियों ने रामआसरे को शराब पिलाई और फिर उनका वाहन व मोबाइल लूट लिया।
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इसके बाद उन्हें जंगल में ले जाकर फावड़े से गर्दन काटकर हत्या कर दी। कल्यानपुर थाना क्षेत्र के बड़ौरी निवासी पड़ोसी गोविंद सिंह और कानपुर देहात निवासी दुर्ग सिंह, अर्जुन सिंह और अमित सिंह डीसीएम को मुनीरगंज के पास जंगल में खड़ा कर केमिकल बेचने की तैयारी कर रहे थे।
अभियोजन के मुताबिक पड़ोसी गोविंद पर शक गहराने पर उसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। पूछताछ के दौरान उसने अपने तीन अन्य सहयोगियों के नाम बताए। इन सभी को पुलिस ने गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया था।
10 गवाहों की गवाही के बाद सजा
मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत में 10 गवाह पेश किए। साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने चारों आरोपियों को दोषी ठहराया। धारा 302/34 के तहत प्रत्येक को आजीवन कारावास और सभी पर 50-50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई। वहीं धारा 394 के तहत 10 वर्ष के सश्रम कारावास और सभी पर 10 हजार रुपये अतिरिक्त अर्थदंड से दंडित किया गया। इस तरह सभी दोषियों पर 60-60 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया।
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कल्यानपुर थाना क्षेत्र के बड़ौरी निवासी रामआसरे डीसीएम चलाते थे। वह यूपी 78 डीटी 2256 नंबर के वाहन से केमिकल की ढुलाई करते थे। 10 नवंबर 2020 की रात करीब आठ बजे बेटे नीरज साहू ने फोन किया, लेकिन मोबाइल बंद मिला। तलाश के दौरान 12 नवंबर को बिंदकी क्षेत्र में एक अज्ञात शव मिलने की सूचना मिली।
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परिजन ने मौके पर पहुंचकर शव की पहचान रामआसरे के रूप में की। इसके बाद प्राथमिकी दर्ज कराई गई। पुलिस जांच में डीसीएम और उसमें लदा केमिकल गायब होने का मामला सामने आया। अभियोजन के मुताबिक, आरोपियों ने रामआसरे को शराब पिलाई और फिर उनका वाहन व मोबाइल लूट लिया।
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इसके बाद उन्हें जंगल में ले जाकर फावड़े से गर्दन काटकर हत्या कर दी। कल्यानपुर थाना क्षेत्र के बड़ौरी निवासी पड़ोसी गोविंद सिंह और कानपुर देहात निवासी दुर्ग सिंह, अर्जुन सिंह और अमित सिंह डीसीएम को मुनीरगंज के पास जंगल में खड़ा कर केमिकल बेचने की तैयारी कर रहे थे।
अभियोजन के मुताबिक पड़ोसी गोविंद पर शक गहराने पर उसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। पूछताछ के दौरान उसने अपने तीन अन्य सहयोगियों के नाम बताए। इन सभी को पुलिस ने गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया था।
10 गवाहों की गवाही के बाद सजा
मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत में 10 गवाह पेश किए। साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने चारों आरोपियों को दोषी ठहराया। धारा 302/34 के तहत प्रत्येक को आजीवन कारावास और सभी पर 50-50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई। वहीं धारा 394 के तहत 10 वर्ष के सश्रम कारावास और सभी पर 10 हजार रुपये अतिरिक्त अर्थदंड से दंडित किया गया। इस तरह सभी दोषियों पर 60-60 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया।

फोटो-21-आरोपियों को जेल ले जाती पुलिस। स्राेत: वीडियो ग्रैब