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Fatehpur News: बेरुई में शौचालय निर्माण में 12.72 लाख की गड़बड़ी, प्रधान के अधिकार सीज
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असोथर। स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत व्यक्तिगत शौचालयों के निर्माण में 12.72 लाख रुपये की वित्तीय अनियमितता सामने आई है। इस मामले में बेरुई ग्राम पंचायत के प्रधान ललित सैनी के वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार सीज कर दिए गए हैं।
डीएम के आदेश पर ग्राम पंचायत के वित्तीय और प्रशासनिक कार्यों की जिम्मेदारी सहायक विकास अधिकारी पंचायत विष्णु कुमार वर्मा को सौंपी गई है। मामले की अंतिम जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की गई है।
डीएम निधि गुप्ता वत्स ने 23 अक्तूबर को आदेश जारी कर यह कार्रवाई की। बेरुई गांव निवासी घनश्याम साहू ने सात नवंबर 2024 को शौचालय निर्माण में अनियमितता की शिकायत की थी। इसके बाद परियोजना निदेशक, जिला ग्राम्य विकास अभिकरण और सहायक अभियंता, डीआरडीए की समिति ने मामले की जांच की।
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रिपोर्ट में 12 लाख 72 हजार रुपये की वित्तीय अनियमितता की पुष्टि करते हुए तत्कालीन ग्राम पंचायत सचिव रामकृपाल और प्रधान ललित सैनी पर मिलीभगत से सरकारी धन के दुरुपयोग का आरोप लगाया गया। दोनों को कारण बताओ नोटिस जारी कर पक्ष रखने का अवसर दिया गया।
प्रधान ने तीन दिसंबर 2025 और तत्कालीन सचिव ने 22 दिसंबर 2025 को अपना जवाब प्रस्तुत किया। इसके बाद जिला लेखा परीक्षा अधिकारी और जांच समिति ने जवाबों का परीक्षण किया। जवाब संतोषजनक नहीं पाए जाने पर जिलाधिकारी ने प्रधान के वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार सीज करने की कार्रवाई की।
अंतिम जांच के बाद तय होगी आगे की कार्रवाई
मामले की अंतिम जांच के लिए गठित समिति में उप कृषि निदेशक, अधिशासी अभियंता ग्रामीण अभियंत्रण सेवा और जिला लेखा परीक्षा अधिकारी को शामिल किया गया है। समिति की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। जिला पंचायत राज अधिकारी रामशंकर वर्मा ने बताया कि जिलाधिकारी के आदेश पर प्रधान के वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार सीज किए गए हैं।
प्रकरण की जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित की गई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद प्राथमिकी सहित अन्य कार्रवाई की जाएगी।
- पवन कुमार मीणा, सीडीओ।
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डीएम के आदेश पर ग्राम पंचायत के वित्तीय और प्रशासनिक कार्यों की जिम्मेदारी सहायक विकास अधिकारी पंचायत विष्णु कुमार वर्मा को सौंपी गई है। मामले की अंतिम जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की गई है।
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डीएम निधि गुप्ता वत्स ने 23 अक्तूबर को आदेश जारी कर यह कार्रवाई की। बेरुई गांव निवासी घनश्याम साहू ने सात नवंबर 2024 को शौचालय निर्माण में अनियमितता की शिकायत की थी। इसके बाद परियोजना निदेशक, जिला ग्राम्य विकास अभिकरण और सहायक अभियंता, डीआरडीए की समिति ने मामले की जांच की।
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रिपोर्ट में 12 लाख 72 हजार रुपये की वित्तीय अनियमितता की पुष्टि करते हुए तत्कालीन ग्राम पंचायत सचिव रामकृपाल और प्रधान ललित सैनी पर मिलीभगत से सरकारी धन के दुरुपयोग का आरोप लगाया गया। दोनों को कारण बताओ नोटिस जारी कर पक्ष रखने का अवसर दिया गया।
प्रधान ने तीन दिसंबर 2025 और तत्कालीन सचिव ने 22 दिसंबर 2025 को अपना जवाब प्रस्तुत किया। इसके बाद जिला लेखा परीक्षा अधिकारी और जांच समिति ने जवाबों का परीक्षण किया। जवाब संतोषजनक नहीं पाए जाने पर जिलाधिकारी ने प्रधान के वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार सीज करने की कार्रवाई की।
अंतिम जांच के बाद तय होगी आगे की कार्रवाई
मामले की अंतिम जांच के लिए गठित समिति में उप कृषि निदेशक, अधिशासी अभियंता ग्रामीण अभियंत्रण सेवा और जिला लेखा परीक्षा अधिकारी को शामिल किया गया है। समिति की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। जिला पंचायत राज अधिकारी रामशंकर वर्मा ने बताया कि जिलाधिकारी के आदेश पर प्रधान के वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार सीज किए गए हैं।
प्रकरण की जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित की गई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद प्राथमिकी सहित अन्य कार्रवाई की जाएगी।
- पवन कुमार मीणा, सीडीओ।