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Fatehpur News: 12 साल पुराने फायरिंग-आगजनी के मामले में नौ आरोपी दोषमुक्त
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फतेहपुर। चांदपुर थाना क्षेत्र के देवचली गांव में वर्ष 2012 में हुई फायरिंग, मारपीट और आगजनी के मामले में अदालत ने नौ आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया। अपर सत्र न्यायाधीश एवं विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी एक्ट डॉ. मोहम्मद इलियास ने 22 अक्तूबर को फैसला सुनाया।
अदालत ने मुकदमे के वादी संतोष कुमार पर सुनवाई के दौरान अभियोजन की कहानी का समर्थन नहीं करने और झूठे साक्ष्य देने का आरोप मानते हुए उनके खिलाफ भी दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 344 के तहत कार्रवाई शुरू करने का आदेश दिया है।
अभियोजन के अनुसार, आठ अप्रैल 2012 को शौचालय के इस्तेमाल को लेकर विवाद हुआ था। आरोप था कि दोपहर में समझौते की बातचीत के दौरान कई लोग बंदूक, तमंचा, कुल्हाड़ी और लाठी-डंडे लेकर पहुंच गए। इस दौरान मारपीट और फायरिंग में कई लोगों के घायल होने तथा कालू के छप्पर में आग लगाने का आरोप लगाया गया था।
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मामले में जातिसूचक गालियां देने और जान से मारने की धमकी देने के आरोप भी शामिल थे। विवेचना के बाद पुलिस ने कल्लू उर्फ नवाब अली, मुद्दीना उर्फ चांदबाबू, राजू उर्फ इरफान, पाण्डेय उर्फ निजामुद्दीन, मोहम्मद हुसैन, गुलाब अली, रफीक, बाबू नसीर और इशाक के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया था।
सुनवाई के बाद अदालत ने साक्ष्यों के अभाव में सभी नौ आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया। वहीं वादी संतोष कुमार के खिलाफ अलग प्रकीर्ण वाद दर्ज कर नोटिस जारी किया गया है। अदालत ने उन्हें अपना पक्ष रखने का अवसर देते हुए अगली सुनवाई के लिए 30 नवंबर की तारीख तय की है।
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अदालत ने मुकदमे के वादी संतोष कुमार पर सुनवाई के दौरान अभियोजन की कहानी का समर्थन नहीं करने और झूठे साक्ष्य देने का आरोप मानते हुए उनके खिलाफ भी दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 344 के तहत कार्रवाई शुरू करने का आदेश दिया है।
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अभियोजन के अनुसार, आठ अप्रैल 2012 को शौचालय के इस्तेमाल को लेकर विवाद हुआ था। आरोप था कि दोपहर में समझौते की बातचीत के दौरान कई लोग बंदूक, तमंचा, कुल्हाड़ी और लाठी-डंडे लेकर पहुंच गए। इस दौरान मारपीट और फायरिंग में कई लोगों के घायल होने तथा कालू के छप्पर में आग लगाने का आरोप लगाया गया था।
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मामले में जातिसूचक गालियां देने और जान से मारने की धमकी देने के आरोप भी शामिल थे। विवेचना के बाद पुलिस ने कल्लू उर्फ नवाब अली, मुद्दीना उर्फ चांदबाबू, राजू उर्फ इरफान, पाण्डेय उर्फ निजामुद्दीन, मोहम्मद हुसैन, गुलाब अली, रफीक, बाबू नसीर और इशाक के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया था।
सुनवाई के बाद अदालत ने साक्ष्यों के अभाव में सभी नौ आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया। वहीं वादी संतोष कुमार के खिलाफ अलग प्रकीर्ण वाद दर्ज कर नोटिस जारी किया गया है। अदालत ने उन्हें अपना पक्ष रखने का अवसर देते हुए अगली सुनवाई के लिए 30 नवंबर की तारीख तय की है।