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लेखपाल ने लौटाए किसान को रिश्वत 1500 रुपये
अमर उजाला ब्यूरो, फतेहपुर
Updated Sun, 17 Jul 2016 01:15 AM IST
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गाजीपुर थाने में जमा फरियादी।
- फोटो : अमर उजाला
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जिले के सभी थानों में एसपी कलानिधि नैथानी की अगुवाई में शनिवार को समाधान दिवस का आयोजन हुआ। सिटी सर्किल व सदर तहसील क्षेत्र के शहर कोतवाली में आठ में शतप्रतिशत, थरियांव थाने में सात में से तीन, हुसैनगंज थाने में नौ में से चार, असोथर थाने में तीन में से दो, गाजीपुर 65 मामलों में 13, ललौली चार जमीनी विवाद में दो, मलवां में पांच जमीनी विवादों में तीन मामले निस्तारित हो सके। गाजीपुर थाने में आई प्रमुख शिकायतों के निस्तारण पर एक रिपोर्ट
लेखपाल ने लौटाई रिश्वत- गाजीपुर थाना के लौगंाव निवासी राजेंद्र सिंह से लेखपाल ने 1500 रुपये जमीन नापने के नाम पर लिए थे। राजेंद्र की उम्र 70 साल है। वह सिंचाई विभाग के विकलांग कर्मचारी थे। एसओ अभय नारायण तिवारी ने बताया कि दस दिन पहले शिकायत आई थी। समाधान दिवस में उन्हें बुलाया गया था। लेखपाल ने राजेंद्र सिंह को रुपये लौटा दिए हैं। हालांकि पहले लेखपाल रुपये लौटाने में आनाकानी कर रहा था।
ठेकेदार को मिला 16 हजार रुपया- गाजीपुर थाना क्षेत्र के गढ़ी निवासी बृजनंदन ने गांव के दिनेश को रुपये देकर चंडीगढ़ में काम करने भेजा था, वहां से दिनेश वापस आ गया था। बृजनंदन पांच माह से दिनेश से रकम वापस मांग रहा था। दोनों के बीच विवाद की स्थिति बन गई थी। थाने में शिकायत के बाद दिनेश ने नगद 16,200 रुपया बृजनंदन को वापस किया।
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लड़की नापसंद होने पर शादी की कैंसिल, समझौता - गाजीपुर थाना के घनसेनपुर निवासी गंगा के बेटे आशुतोष की बारात 13 जुलाई मलवां थाना के एक गांव जानी थी। बारात से एक पखवारे पहले आशुतोष लड़की नापसंद होने की बात कहकर रिश्ता ठुकरा दिया था। लड़की पक्ष ने थाने में शिकायत की थी। वहां समझौते के बाद लड़की पक्ष की ओर से बरीक्षा समारोह का लेनदेन गंगा को वापस करना पड़ा। लड़की पक्ष को 21 हजार रुपये और सामान वापस मिला है।
जमीन का गाटा संख्या ही गायब गाजीपुर थाना के दरौली गांव निवासी रामनरेश की डेढ़ बीघा जमीन कई सालों से विवाद में थी, उसकी जमीन का गाटा संख्या ही विलुप्त हो गया था। जमीन में रामपाल, इंद्रपाल कब्जा किए थे। विवाद इतना बढ़ गया था कि शांतिभंग में पुलिस ने दोनों पक्षों को पाबंद किया था। पुलिस व लेखपाल की टीम ने मौके की जांच के बाद रामनरेश को जमीन वापस कराई।
चार साल बाद मिली आबादी की जमीन- गाजीपुर थाना क्षेत्र के जुकरा गांव निवासी शिरोमणि देवी पत्नी जयराम चार साल से भटक रही थी, उसकी आबादी की जमीन में गांव के ही कुछ लोगों ने कब्जा कर रखा था। पुलिस व राजस्व टीम ने जांच के बाद जमीन में शिरोमणि को कब्जा दिलाया है।
सुनी शिकायतें किया निपटारा- बिंदकी। तहसील क्षेत्र के सभी थानों में आयोजित समाधान दिवस में अधिकारियों ने फरियादियों की शिकायत सुनकर उसका निपटारा किया। राजस्व कर्मियों व पुलिस की संयुक्त टीमों को मौके पर भेजा गया।
बिंदकी कोतवाली में थाना प्रभारी राजेश सिंह ने सात में चार, कल्यानपुर थानाध्यक्ष एके सिंह ने 12 में सात, बकेवर में पहुंचे एसडीएम जेएन सचान, सीओ आरके वर्मा, थानाध्यक्ष शुभ नारायन ने सात में पांच, औंग के थाना प्र्रभारी ओपी द्विवेदी ने 11 में छह, जाफरगंज थानाध्यक्ष सुभाष चौरसिया ने पांच में तीन, चांदपुर थानाध्यक्ष अनूप सिंह ने छह में दो, जहानाबाद थानाध्यक्ष सुरेश चंद्र तिवारी ने सात में सात शिकायतें निपटाईं।
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लेखपाल ने लौटाई रिश्वत- गाजीपुर थाना के लौगंाव निवासी राजेंद्र सिंह से लेखपाल ने 1500 रुपये जमीन नापने के नाम पर लिए थे। राजेंद्र की उम्र 70 साल है। वह सिंचाई विभाग के विकलांग कर्मचारी थे। एसओ अभय नारायण तिवारी ने बताया कि दस दिन पहले शिकायत आई थी। समाधान दिवस में उन्हें बुलाया गया था। लेखपाल ने राजेंद्र सिंह को रुपये लौटा दिए हैं। हालांकि पहले लेखपाल रुपये लौटाने में आनाकानी कर रहा था।
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ठेकेदार को मिला 16 हजार रुपया- गाजीपुर थाना क्षेत्र के गढ़ी निवासी बृजनंदन ने गांव के दिनेश को रुपये देकर चंडीगढ़ में काम करने भेजा था, वहां से दिनेश वापस आ गया था। बृजनंदन पांच माह से दिनेश से रकम वापस मांग रहा था। दोनों के बीच विवाद की स्थिति बन गई थी। थाने में शिकायत के बाद दिनेश ने नगद 16,200 रुपया बृजनंदन को वापस किया।
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लड़की नापसंद होने पर शादी की कैंसिल, समझौता - गाजीपुर थाना के घनसेनपुर निवासी गंगा के बेटे आशुतोष की बारात 13 जुलाई मलवां थाना के एक गांव जानी थी। बारात से एक पखवारे पहले आशुतोष लड़की नापसंद होने की बात कहकर रिश्ता ठुकरा दिया था। लड़की पक्ष ने थाने में शिकायत की थी। वहां समझौते के बाद लड़की पक्ष की ओर से बरीक्षा समारोह का लेनदेन गंगा को वापस करना पड़ा। लड़की पक्ष को 21 हजार रुपये और सामान वापस मिला है।
जमीन का गाटा संख्या ही गायब गाजीपुर थाना के दरौली गांव निवासी रामनरेश की डेढ़ बीघा जमीन कई सालों से विवाद में थी, उसकी जमीन का गाटा संख्या ही विलुप्त हो गया था। जमीन में रामपाल, इंद्रपाल कब्जा किए थे। विवाद इतना बढ़ गया था कि शांतिभंग में पुलिस ने दोनों पक्षों को पाबंद किया था। पुलिस व लेखपाल की टीम ने मौके की जांच के बाद रामनरेश को जमीन वापस कराई।
चार साल बाद मिली आबादी की जमीन- गाजीपुर थाना क्षेत्र के जुकरा गांव निवासी शिरोमणि देवी पत्नी जयराम चार साल से भटक रही थी, उसकी आबादी की जमीन में गांव के ही कुछ लोगों ने कब्जा कर रखा था। पुलिस व राजस्व टीम ने जांच के बाद जमीन में शिरोमणि को कब्जा दिलाया है।
सुनी शिकायतें किया निपटारा- बिंदकी। तहसील क्षेत्र के सभी थानों में आयोजित समाधान दिवस में अधिकारियों ने फरियादियों की शिकायत सुनकर उसका निपटारा किया। राजस्व कर्मियों व पुलिस की संयुक्त टीमों को मौके पर भेजा गया।
बिंदकी कोतवाली में थाना प्रभारी राजेश सिंह ने सात में चार, कल्यानपुर थानाध्यक्ष एके सिंह ने 12 में सात, बकेवर में पहुंचे एसडीएम जेएन सचान, सीओ आरके वर्मा, थानाध्यक्ष शुभ नारायन ने सात में पांच, औंग के थाना प्र्रभारी ओपी द्विवेदी ने 11 में छह, जाफरगंज थानाध्यक्ष सुभाष चौरसिया ने पांच में तीन, चांदपुर थानाध्यक्ष अनूप सिंह ने छह में दो, जहानाबाद थानाध्यक्ष सुरेश चंद्र तिवारी ने सात में सात शिकायतें निपटाईं।