फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Fatehpur News ›   left behind nice memories, mahotsav said goodbye

खुशनुमा यादों का अहसास करा महोत्सव अलविदा

Thu, 12 Feb 2015 12:26 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, फतेहपुर
ब्यूरो/अमर उजाला, फतेहपुर Updated Thu, 12 Feb 2015 12:26 AM IST
विज्ञापन
left behind nice memories, mahotsav said goodbye

दोआबा की सरजमीं में छह दिनी बिखरी लोक एवं सांस्कृतिक कला की छटा फुलझड़ियां खुशनुमा अहसास छोड़ गईं। नामचीन कलाकारों के साथ स्थानीय प्रतिभाओं का रंगमंच में संगम देखते बना। न सिर्फ नामचीन हस्तियां वरन जिले के हुनरमंदों ने भी ऐसा धमाल मचाया कि देखते वाले दंग रह गए।

विज्ञापन


कार्यक्रम का समापन ख्यातिलब्ध गायक कैलाश खेर की बॉलीवुड नाइट से हुआ। खेर के चर्चित गीत- ओ सिकंदर, ओ सिंकदर ने हजारों की उमड़ी भीड़ को झूमने को मजबूर कर दिया।
विज्ञापन


इससे पहले फतेहपुर महोत्सव के लकी ड्रा निकाला गया, जिसके सिरमौर शिक्षा जगत की चर्चित हस्ती दयाल शरण सिंह रहे।

फतेहपुर महोत्सव के इनामी कूपन का पहला पुरस्कार शिक्षा जगत के दयाल शरण सिंह को मिला। आयोजन समिति ने पहला इनाम झटकने वाले दयाल को आल्टो कार की चाभी सौंपी।
विज्ञापन
विज्ञापन


दूसरा पुरस्कार दिलशाद व संकठा प्रसाद को दो एलसीडी टीवी मिलीं। जबकि तीसरा इनाम के तीन भाग्यशाली को फ्रिज मिली। इसके अलावा 20 को सांत्वना पुरुस्कार से नवाजा गया।

फतेहपुर महोत्सव में 64 हजार कूपन बिके थे। लकी ड्रा के कूपन उठाने के लिए एक छात्रा को मंच पर बुलाया गया। पहला इनाम आल्टो कार शिक्षा जगत के दयाल शरण सिंह को मिली, जिन्हें डीएम राकेश कुमार ने चाभी भेंट की। दूसरा इनाम पेशे से टेलर दिलशाद व संकठा को एलसीडी भेंट कर दिया गया।

तीसरा पुरुस्कार अभयराज सिंह, तानिया व एक अन्य भाग्यशाली को मिला। इसके अलावा पांच-पांच हजार रुपये कीमत के 20 सांत्वना पुरुस्कार खुलें।

सांत्वना पुरस्कार हासिल करने वालों में अनीता देवी, अमृतलाल, सपना देवी, अर्चना देवी, सत्येंद्र सिंह, अवधेश कुमार, मीरा देवी, रामदास, प्रभुदत्त दीक्षित, छवि, जय प्रकाश, अरुणा त्रिपाठी, सज्जन बेग, कुलदीप यादव, ज्ञान सिंह, रोशन, रामदत्त शुक्ला, पूनम, मुस्तकीम व अवधेश कुमार शामिल हैं।

छह फरवरी से शुरू हुए फतेहपुर महोत्सव का बुधवार से समापन हो गया। यह आयोजन की सफलता का फलसफा था कि आखिरी दिन केवल रात में रंगमंचीय धमाल होने की जानकारी के बावजूद बड़ी तादाद में लोग परिवार समेत आयोजन स्थल फतेहपुर स्टेडियम खिंचे चले आए।

भीड़ को देख कर स्टॉल समेटने के लिए तैयार हुए संचालकों ने अपने कदम वापस ले लिए। ख्वाहिशों के एक कैंपस में मौजूद पिटारे से हर कोई कुछ न कुछ खोजता और निकालता दिखाई दिया।

महिलाओं व बच्चों के साथ पुरुषों ने विभिन्न स्टालों से जरूरत की वस्तुओं को सौदा किया। खान-पान के स्टालों की रौनक देखते बनी।

फतेहपुर महोत्सव में एक स्टॉल सेवार्थ दिखाई दिया। सर्वधर्म समाज से जुड़ी लड़कियों का विवाह रचाने समेत विभिन्न सामाजिक सरोकारों से वास्ता रखने वाली जिले की परमार्थ प्रेरणा समिति ब्रम्हदेव सरकार बुढ़वा फतेहपुर ने आखिरी दिन आंगुतकाें की आवभगत में काफी पेश की।


एक कुंतल दूध खपाने वाली इस समिति के अमर किशोर, सोमदत्त पांडेय, कैलाशनारायण पांडेय, अरविंद, रामचंद्र यादव, छन्नीलाल, भुवन भाष्कर द्विवेदी, ऋषि सविता समेत दो दर्जन से ज्यादा कार्यकर्ता काफी का गिलास बढ़ा कर आवभगत में मशगूल दिखाई दिए। शायद यही वजह रही कि इस सेवा सत्कार को हरेक शख्स सराहता सुना गया। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed