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Fatehpur News: जंगली जानवर का शिकार बना मासूम
Sun, 11 Jun 2023 12:21 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहपुर
Updated Sun, 11 Jun 2023 12:21 AM IST
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फोटो फाइल 6- शिवम सिंह।
फोटो 7- घर के बाहर मौजूद गमगीन परिजन।
फोटो -04 जंगल से शव मिलने पर लगी ग्रामीणों की भीड़।
- घर के बाहर से हुआ था लापता, 16 घंटे बाद जंगल से शव मिला
संवाद न्यूज एजेंसी
अमौली। घर के बाहर से लापता तीन साल का बच्चा जंगली जानवर का शिकार हो गया। उसका क्षतविक्षत शव लापता होने के करीब 16 घंटे बाद शनिवार को जंगल से मिला। घटना से परिजनों में कोहराम मच गया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
चांदपुर थाना क्षेत्र के मवईधाम निवासी वीरेंद्र सिंह किसान हैं। उनका बेटा शिवम सिंह (3) शुक्रवार दोपहर तीन बजे घर के बाहर खेल रहा था। बच्चा अचानक लापता हो गया। बच्चे के बाबा दिग्विजय सिंह ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस रिपोर्ट दर्ज कर बच्चे की तलाश में जुटी थी। आसपास जंगल में शाम होने पर पुलिस ने तलाश बंद कर दी थी। ग्रामीणों ने शनिवार सुबह करीब नौ बजे खोजबीन के दौरान घर से करीब तीन सौ मीटर दूर घने जंगल के बीच बच्चे का क्षतविक्षत शव पड़ा देखा। जंगल में पानी बहाव के कटान से हुए नाले के बीच शव पड़ा था। प्रभारी निरीक्षक शेर सिंह राजपूत मौके पर पहुंचे। बच्चे का एक हाथ, पैर और पेट का मांस गायब था। गले और सिर में जंगली जानवर के दांत का निशान बना था। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। घटना से मां सुनीता और पिता का हाल बेहाल हो गया। बच्चे का एक बड़ा भाई मयंक है। प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि बच्चे के घर से 50 मीटर दूरी से जंगल का क्षेत्र शुरू होता है। कोई जंगली जानवर बच्चे को उठा ले गया। जंगल में बच्चे का शिकार किया है। जंगली जानवर में लकड़बग्घों का गांव आनाजाना होता है। लकड़बग्घे का ही शिकार होना पुलिस मान रही है।
999999999999
इलाके में दहशत का माहौल
बच्चे का शव मिलने के बाद मवईधाम और आसपास के गांवों में दहशत बच्चों और उनके अभिभावकों में दहशत का माहौल है। घर के बाहर लोग बच्चों को अकेला नहीं छोड़ रहे हैं। जंगली जानवर के मासूम का शिकार होने की खबर इलाके में फैली है। घरों के बाहर लोग बकरा-बकरी बांधे रखते थे। उन्हें भी शाम से अंदर आंगन, बरामदों में निगरानी के बीच बांध रहे हैं। ग्रामीणों में चर्चा है कि मांसाहारी लकड़बग्घा शिकार बना सकता है।
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मवईधाम गांव यमुना किनारे का है। क्षेत्र में जंगल भी है। जंगल में हिरण जैसे वन्य जीव रहते हैं। हिंसक जानवर होने पर वन्य जीवों को भी खतरा होता है। कभी-कभार पानी की तलाश में लकड़बग्घा गांव तक पहुंच जाते हैं। वह बकरियों को शिकार कर ले जाते हैं। बच्चे को क्षेत्र में पहली बार शिकार होने की खबर सामने आई है।
छत्रपाल सिंह-रेंजर
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फोटो 7- घर के बाहर मौजूद गमगीन परिजन।
फोटो -04 जंगल से शव मिलने पर लगी ग्रामीणों की भीड़।
- घर के बाहर से हुआ था लापता, 16 घंटे बाद जंगल से शव मिला
संवाद न्यूज एजेंसी
अमौली। घर के बाहर से लापता तीन साल का बच्चा जंगली जानवर का शिकार हो गया। उसका क्षतविक्षत शव लापता होने के करीब 16 घंटे बाद शनिवार को जंगल से मिला। घटना से परिजनों में कोहराम मच गया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
चांदपुर थाना क्षेत्र के मवईधाम निवासी वीरेंद्र सिंह किसान हैं। उनका बेटा शिवम सिंह (3) शुक्रवार दोपहर तीन बजे घर के बाहर खेल रहा था। बच्चा अचानक लापता हो गया। बच्चे के बाबा दिग्विजय सिंह ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस रिपोर्ट दर्ज कर बच्चे की तलाश में जुटी थी। आसपास जंगल में शाम होने पर पुलिस ने तलाश बंद कर दी थी। ग्रामीणों ने शनिवार सुबह करीब नौ बजे खोजबीन के दौरान घर से करीब तीन सौ मीटर दूर घने जंगल के बीच बच्चे का क्षतविक्षत शव पड़ा देखा। जंगल में पानी बहाव के कटान से हुए नाले के बीच शव पड़ा था। प्रभारी निरीक्षक शेर सिंह राजपूत मौके पर पहुंचे। बच्चे का एक हाथ, पैर और पेट का मांस गायब था। गले और सिर में जंगली जानवर के दांत का निशान बना था। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। घटना से मां सुनीता और पिता का हाल बेहाल हो गया। बच्चे का एक बड़ा भाई मयंक है। प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि बच्चे के घर से 50 मीटर दूरी से जंगल का क्षेत्र शुरू होता है। कोई जंगली जानवर बच्चे को उठा ले गया। जंगल में बच्चे का शिकार किया है। जंगली जानवर में लकड़बग्घों का गांव आनाजाना होता है। लकड़बग्घे का ही शिकार होना पुलिस मान रही है।
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इलाके में दहशत का माहौल
बच्चे का शव मिलने के बाद मवईधाम और आसपास के गांवों में दहशत बच्चों और उनके अभिभावकों में दहशत का माहौल है। घर के बाहर लोग बच्चों को अकेला नहीं छोड़ रहे हैं। जंगली जानवर के मासूम का शिकार होने की खबर इलाके में फैली है। घरों के बाहर लोग बकरा-बकरी बांधे रखते थे। उन्हें भी शाम से अंदर आंगन, बरामदों में निगरानी के बीच बांध रहे हैं। ग्रामीणों में चर्चा है कि मांसाहारी लकड़बग्घा शिकार बना सकता है।
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मवईधाम गांव यमुना किनारे का है। क्षेत्र में जंगल भी है। जंगल में हिरण जैसे वन्य जीव रहते हैं। हिंसक जानवर होने पर वन्य जीवों को भी खतरा होता है। कभी-कभार पानी की तलाश में लकड़बग्घा गांव तक पहुंच जाते हैं। वह बकरियों को शिकार कर ले जाते हैं। बच्चे को क्षेत्र में पहली बार शिकार होने की खबर सामने आई है।
छत्रपाल सिंह-रेंजर