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Fatehpur News: पुनरीक्षण में तत्कालीन ईओ, चेयरमैन समेत 10 अधिकारियों को राहत
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फतेहपुर। किशनपुर नगर पंचायत के ईओ, चेयरमैन समेत 10 लोगों के खिलाफ निर्माण में फर्जीवाड़े और भ्रष्टाचार के आरोप में दाखिल वाद को पुनरीक्षण कोर्ट ने खारिज कर दिया।
अपर सत्र न्यायालय कोर्ट संख्या तृतीय के न्यायाधीश सुभाष चंद्र मौर्या ने पांच मार्च 2024 को निचली अदालत के आदेश के क्रम में मामले का निस्तारण किया। न्यायालय ने भ्रष्टाचार और गबन के आरोपों के समर्थन में पर्याप्त आधार नहीं पाया।
किशनपुर नगर पंचायत की नई बस्ती निवासी अंकित सोनकर ने तत्कालीन चेयरमैन सुशीला देवी, ईओ बलराम सिंह, अवर अभियंता रमेश श्रीवास्तव, लिपिक श्याम प्रकाश, तत्कालीन व वर्तमान चेयरमैन सुरेश सोनकर, तत्कालीन ईओ सविता वर्मा, ईओ राजमीणा वर्मा, अनीता शुक्ला, प्रेम प्रकाश तिवारी और अजय पांडेय के खिलाफ भ्रष्टाचार का वाद दाखिल किया था।
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आरोप था कि नगर पंचायत सीमा के बाहर की बस्ती को नगर पंचायत में शामिल करने के साथ सीमा से बाहर निर्माण दर्शाकर फर्जी बिल वाउचर के जरिये भुगतान किया गया। इससे राजस्व को करोड़ों रुपये की क्षति पहुंचने का आरोप लगाया गया था। निचली अदालत के बाद मामला पुनरीक्षण न्यायालय पहुंचा, जहां पर्याप्त आधार न मिलने पर अंकित सोनकर की पुनरीक्षण पत्रावली खारिज कर दी गई।
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अपर सत्र न्यायालय कोर्ट संख्या तृतीय के न्यायाधीश सुभाष चंद्र मौर्या ने पांच मार्च 2024 को निचली अदालत के आदेश के क्रम में मामले का निस्तारण किया। न्यायालय ने भ्रष्टाचार और गबन के आरोपों के समर्थन में पर्याप्त आधार नहीं पाया।
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किशनपुर नगर पंचायत की नई बस्ती निवासी अंकित सोनकर ने तत्कालीन चेयरमैन सुशीला देवी, ईओ बलराम सिंह, अवर अभियंता रमेश श्रीवास्तव, लिपिक श्याम प्रकाश, तत्कालीन व वर्तमान चेयरमैन सुरेश सोनकर, तत्कालीन ईओ सविता वर्मा, ईओ राजमीणा वर्मा, अनीता शुक्ला, प्रेम प्रकाश तिवारी और अजय पांडेय के खिलाफ भ्रष्टाचार का वाद दाखिल किया था।
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आरोप था कि नगर पंचायत सीमा के बाहर की बस्ती को नगर पंचायत में शामिल करने के साथ सीमा से बाहर निर्माण दर्शाकर फर्जी बिल वाउचर के जरिये भुगतान किया गया। इससे राजस्व को करोड़ों रुपये की क्षति पहुंचने का आरोप लगाया गया था। निचली अदालत के बाद मामला पुनरीक्षण न्यायालय पहुंचा, जहां पर्याप्त आधार न मिलने पर अंकित सोनकर की पुनरीक्षण पत्रावली खारिज कर दी गई।