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खाद न होने से कई समितियां बंद
ब्यूरो, अमर उजाला फतेहपुर
Updated Mon, 16 Nov 2015 12:21 AM IST
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फसलों की बुआई का समय आते ही साधन सहकारी समितियों से
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खाद गायब हो गई है। जिले की 70 साधन सहकारी समितियों में करीब 35 समितियों
में खाद न होने से तालाबंदी है। गेहूं व आलू की बुआई के लिए किसान
प्राइवेट दुकानों से महंगी खाद खरीदने के लिए मजबूर है। हालांकि सहकारिता
अधिकारी पर्याप्त मात्रा में उर्वरक का स्टाक होने का दावा कर रहे हैं।
जिले की तीनों तहसीलों में 70 साधन सहकारी समितियां हैं, जिससे किसानों को खाद व बीज सरकारी दाम पर दिया जाता है। खरीफ की फसल में गेहूं व आलू की बुआई का समय चल रहा है। इसमें डीएपी खाद की मांग बढ़ जाती है।
एक सप्ताह से जिले की आधी समितियों में खाद नहीं है। किसान खाद के लिए समितियों के चक्कर लगा रहे हैं। साधन सहकारी समिति में खाद न मिलने पर मजबूरी में प्राइवेट दुकानों से अधिक दाम पर खाद खरीदने के लिए मजबूर हैं।
सचिव समिति के अध्यक्ष गिरेंद्र सिंह ने बताया कि समितियों के सचिव खाद का रुपया जमा कर डीओ पीसीएफ कार्यालय में जमा कर देते हैं। इसके बाद भी पीसीएफ के अधिकारी व कर्मचारियों की लापरवाही से समितियों में समय से खाद नहीं पहुंचती है।
उन्होंने बताया कि भिखारीपुर, हरिहरगंज, मेवली, छिछनी, असोथर, नरैनी, सातो, बहरामपुर, टेक्सारी बुजुर्ग, सीतापुर, करमोन, मुरांव समेत करीब 35 समितियों में खाद नहीं है।
खाद न मिलने पर गुस्साए किसान समिति के सचिवों से लड़ाई झगड़े पर अमादा होते हैं। सहकारिता के एडीसीओ सीएल प्रजापति ने बताया कि पीसीएफ व डीसीएएफ के गोदाम में डीएपी व यूरिया का स्टाक पर्याप्त मात्रा में है।
दीपावली त्योहार की छुट्टी होने की वजह से कुछ समितियों में खाद समय से नहीं पहुंच पाई है। सोमवार से जिन समितियों का रुपया जमा है, उनमें खाद पहुंचाई जाएगी।
जिले की तीनों तहसीलों में 70 साधन सहकारी समितियां हैं, जिससे किसानों को खाद व बीज सरकारी दाम पर दिया जाता है। खरीफ की फसल में गेहूं व आलू की बुआई का समय चल रहा है। इसमें डीएपी खाद की मांग बढ़ जाती है।
एक सप्ताह से जिले की आधी समितियों में खाद नहीं है। किसान खाद के लिए समितियों के चक्कर लगा रहे हैं। साधन सहकारी समिति में खाद न मिलने पर मजबूरी में प्राइवेट दुकानों से अधिक दाम पर खाद खरीदने के लिए मजबूर हैं।
सचिव समिति के अध्यक्ष गिरेंद्र सिंह ने बताया कि समितियों के सचिव खाद का रुपया जमा कर डीओ पीसीएफ कार्यालय में जमा कर देते हैं। इसके बाद भी पीसीएफ के अधिकारी व कर्मचारियों की लापरवाही से समितियों में समय से खाद नहीं पहुंचती है।
उन्होंने बताया कि भिखारीपुर, हरिहरगंज, मेवली, छिछनी, असोथर, नरैनी, सातो, बहरामपुर, टेक्सारी बुजुर्ग, सीतापुर, करमोन, मुरांव समेत करीब 35 समितियों में खाद नहीं है।
खाद न मिलने पर गुस्साए किसान समिति के सचिवों से लड़ाई झगड़े पर अमादा होते हैं। सहकारिता के एडीसीओ सीएल प्रजापति ने बताया कि पीसीएफ व डीसीएएफ के गोदाम में डीएपी व यूरिया का स्टाक पर्याप्त मात्रा में है।
दीपावली त्योहार की छुट्टी होने की वजह से कुछ समितियों में खाद समय से नहीं पहुंच पाई है। सोमवार से जिन समितियों का रुपया जमा है, उनमें खाद पहुंचाई जाएगी।