आदर्श रेलवे स्टेशन में समस्याओं का अंबार
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दर्जा आदर्श रेलवे स्टेशन का, सुविधाएं सामान्य स्टेशनों की भी नहीं। रेलवे स्टेशन का यही हाल है। भीषण गर्मी के बाद भी स्टेशन पर पानी के लिए यात्रियों में मारामारी मची रहती है। गुरुवार दोपहर मुसाफिर स्टैंडपोस्ट, वाटरकूलर की तरफ भागते-हांफते नजर आए। दोपहर साढ़े 12 बजे दिल्ली से आ रही आनंद बिहार एक्सप्रेस के रुकते ही यात्री पानी के लिए स्टैंडपोस्टों व वाटरकूलरों की ओर दौड़ पड़े। दो चार चालू स्टैंडपोस्टों पर भीड़ लग गई। जल्दबाजी को लेकर यात्रियों में मुहांचाही शुरू हो गई, हालांकि बाद मेें यात्री शांत हो गए।
कहने को स्टेशन पर की वाटरकूलर व स्टैंडपोस्ट हैं, लेकिन दुरुस्त एक दो ही हैं। लंबी दूरी की ट्रेनों के कुछेक मिनट के स्टापेज में यात्रियों को खासी मशक्कत करनी पड़ती है। मुसाफिरों में आपस में मुहांचाही भी हो जाती है।
दिल्ली-हावड़ा रूट के उत्तर मध्य रेलवे के आदर्श रेलवे स्टेशन मेें गर्मी की शुरुआत के साथ ही पानी के लिए आए दिन हाय-तौबा मचती है। कहने को तो इस रेलवे स्टेशन में पेयजल की सुविधा के लिए दर्जनों स्टैंडपोस्टों के साथ कई वाटरकूलर लगे हैं। इन वाटरकूलरों के बिजली रहने के दौरान ही ज्यादातर ठंडा पानी देने से रेल यात्री इनका लाभ नहीं उठा पा रहे हैं।
गुरुवार की दोपहर साढ़े 12 बजे दिल्ली से आ रही आनंद बिहार एक्सप्रेस रुकते ही कूपों में सवार यात्री स्टैंडपोस्टों व वाटरकूलरों की ओर दौड़ पड़े। इससे पेयजल के इन ठिकानों में यात्रियों का मजमा लग गया। स्टैंडपोस्ट की टोटियां गायब होने से पानी के लिए अफरातफरी मच गई। बोतल भरने की होड़ के चलते ही मुसाफिरों ने प्यास बुझाने के लिए चुल्लू बांधे खड़े साथ सफर करने वाले एक उम्र दराज तक को नजरदांज कर दिया। दो मिनट के स्टापेज के कारण पानी के लिए दौड़े अधिकांश रेल यात्रियों को मायूस होना पड़ गया। ट्रेन के चलने पर बिना पानी की बोतल भरे कूपे की ओर दौड़ा एक मुसाफिर गिरते-गिरते बचा।