{"_id":"608efeba8ebc3ea1d86738dc","slug":"hungama-fatehpur-news-knp6264553127","type":"story","status":"publish","title_hn":"मरीज की मौत पर ट्रामा सेंटर में हंगामा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मरीज की मौत पर ट्रामा सेंटर में हंगामा
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फतेहपुर। सांस लेने में तकलीफ पर सदर अस्पताल लाए गए एक मरीज की रविवार दोपहर ट्रामा सेंटर में मौत हो गई। मरीज को ऑक्सीजन पर रखा गया था। कुछ देर बाद ही मौत होने पर तीमारदारों ने हंगामा काटना शुरू कर दिया। आरोप लगाया कि समय से इलाज शुरू न होने पर जान चली गई। तीमारदारों का हो हल्ला देखकर पुलिस बुला ली गई, जिसके बाद माहौल शांत हुआ।
बिंदकी तहसील क्षेत्र के खूंटा गांव के किसान प्रेम नारायण (48) को सांस लेने में तकलीफ हो रही थी। परिवार के लोग उन्हें दोपहर तीन बजे सदर अस्पताल लेकर आए थे। मरीज को ट्रामा सेंटर में देखा गया तो ऑक्सीजन लेवल औसत से नीचे आ चुका था। जिस पर ऑक्सीजन कंसंट्रेटर पर रखा गया लेकिन उसकी जान नहीं बचाई जा सकी।
ऑक्सीजन पर रखने के 10 से 15 मिनट बाद ही किसान की मौत हो गई। जिसके बाद परिजनों ने इलाज में देरी का आरोप लगाकर हंगामा शुरू कर दिया। डॉ. अरविंद सचान ने पुलिस को मामले की सूचना दी। सूचना के 10 मिनट बाद पुलिस के आने पर परिजनों का हंगामा शांत किया जा सका।
विज्ञापन
जिस वक्त मरीज को अस्पताल लाया गया, उस दौरान ऑक्सीजन लेवल काफी कम था। इलाज देने में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं की गई है। मरीज को तत्काल ऑक्सीजन पर रखा गया।
-डॉ. प्रभाकर, सीएमएस, सदर अस्पताल
विज्ञापन
बिंदकी तहसील क्षेत्र के खूंटा गांव के किसान प्रेम नारायण (48) को सांस लेने में तकलीफ हो रही थी। परिवार के लोग उन्हें दोपहर तीन बजे सदर अस्पताल लेकर आए थे। मरीज को ट्रामा सेंटर में देखा गया तो ऑक्सीजन लेवल औसत से नीचे आ चुका था। जिस पर ऑक्सीजन कंसंट्रेटर पर रखा गया लेकिन उसकी जान नहीं बचाई जा सकी।
विज्ञापन
ऑक्सीजन पर रखने के 10 से 15 मिनट बाद ही किसान की मौत हो गई। जिसके बाद परिजनों ने इलाज में देरी का आरोप लगाकर हंगामा शुरू कर दिया। डॉ. अरविंद सचान ने पुलिस को मामले की सूचना दी। सूचना के 10 मिनट बाद पुलिस के आने पर परिजनों का हंगामा शांत किया जा सका।
विज्ञापन
जिस वक्त मरीज को अस्पताल लाया गया, उस दौरान ऑक्सीजन लेवल काफी कम था। इलाज देने में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं की गई है। मरीज को तत्काल ऑक्सीजन पर रखा गया।
-डॉ. प्रभाकर, सीएमएस, सदर अस्पताल