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घरों से उठाया, बवाल में जेल भेजा
ब्यूरो, अमर उजाला फतेहपुर
Updated Mon, 18 Jan 2016 12:01 AM IST
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जिला कारागार में रविवार को जहानाबाद बवाल में जेल
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भेजे गए आरोपियों के परिजन मुलाकात के लिए पहुंचे। जेल में परिजनों का हाल
देखने बाद वह अपने आंसुओं को नहीं रोक पाए। आरोप है कि पुलिस ने उनके
निर्दोष परिजनों को जेल भेजा है।
जहानाबाद पुलिस ने सांप्रदायिक बवाल के मामले में 27 आरोपियों को जेल भेजा है। इसमें पोजेपुर मोहल्ले केसोनकर बिरादरी के नौ आरोपी राजेश, सुरेंद्र उर्फ भूरा, सुरेंद्र, मनोज, मथ्थू, ननका, कुलदीप, बब्लू, बंगाली जेल में है।
इनके परिजन रविवार दोपहर को युवकों से मिलकर बाहर आए। निरुद्ध तीन भाइयों माथू, ननका, बब्लू की मां प्रेमा देवी ने बताया कि उनके बेटे मजदूरी करके परिवार का भरण पोषण करते हैं।
पुलिस ने बेटों को घर में घुसकर बर्बर तरीके से पकड़ा था। बेटों को चप्पलें और कपड़े तक पहनने का मौका नहीं दिया। उनके बेटों का बलवे में कोई हाथ नहीं है। अब घर में कोई कमाने वाला नहीं बचा है।
आरोपी मनोज की बहन रिंकी और मां मुन्नी दहाड़ मारकर रोती बिलखती रही। यही हाल सुरेंद्र की मां प्रेमवती व बहन सुमन का था। उन्होंने बताया कि परिवार में अब कोई कमाने वाला नहीं है। वह गंभीर बीमारी से जूझ रही है। पुलिस ने घर में छापेमारी में बेटियों और बच्चाें के साथ अभद्रता भी की है।
जहानाबाद पुलिस ने सांप्रदायिक बवाल के मामले में 27 आरोपियों को जेल भेजा है। इसमें पोजेपुर मोहल्ले केसोनकर बिरादरी के नौ आरोपी राजेश, सुरेंद्र उर्फ भूरा, सुरेंद्र, मनोज, मथ्थू, ननका, कुलदीप, बब्लू, बंगाली जेल में है।
इनके परिजन रविवार दोपहर को युवकों से मिलकर बाहर आए। निरुद्ध तीन भाइयों माथू, ननका, बब्लू की मां प्रेमा देवी ने बताया कि उनके बेटे मजदूरी करके परिवार का भरण पोषण करते हैं।
पुलिस ने बेटों को घर में घुसकर बर्बर तरीके से पकड़ा था। बेटों को चप्पलें और कपड़े तक पहनने का मौका नहीं दिया। उनके बेटों का बलवे में कोई हाथ नहीं है। अब घर में कोई कमाने वाला नहीं बचा है।
आरोपी मनोज की बहन रिंकी और मां मुन्नी दहाड़ मारकर रोती बिलखती रही। यही हाल सुरेंद्र की मां प्रेमवती व बहन सुमन का था। उन्होंने बताया कि परिवार में अब कोई कमाने वाला नहीं है। वह गंभीर बीमारी से जूझ रही है। पुलिस ने घर में छापेमारी में बेटियों और बच्चाें के साथ अभद्रता भी की है।