{"_id":"57c874154f1c1b3d782cbd4f","slug":"himpur-toxic-pond-water-fish-mrin","type":"story","status":"publish","title_hn":"भीमपुर तालाब का पानी हुआ विषाक्त, मछलियां मरीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भीमपुर तालाब का पानी हुआ विषाक्त, मछलियां मरीं
अमर उजाला फतेहपुर
Updated Fri, 02 Sep 2016 12:01 AM IST
विज्ञापन
दुर्गंध से ग्रामीणों का घरों में रहना दूभर
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विजयीपुर ब्लाक के भीमपुर गांव में गंदे पानी का तालाब परेशानी का सबब बना है। गंदगी से बजबजाते तालाब का पानी विषाक्त होने से तीन दिन के भीतर 20 से 25 क्विंटल मछलियां मर चुकी हैं। मछलियों की सड़ांध से लोगों का घरों से निकलना दूभर हो गया है। ऐसे में गांव में बीमारी फैल सकती है।
भीमपुर गांव के बीच ग्राम समाज का करीब 30 बीघे में तालाब है। यह तालाब काफी गहरा है। कई साल से इसका पानी नहीं सूखा है। इसमें कुछ लोगों ने मछली पाल रखी हैं। घरों का गंदा पानी इसी तालाब में आता है। ग्रामीणों ने तालाब किनारे गंदगी के ढेर लगा रखे हैं। बड़ी तादाद में लोग गंदगी तालाब के पानी में भी फें कते हैं। ऐसी हालत में तालाब का पानी दूषित हो गया है। पिछले तीन दिन से तालाब में मछलियां मरने का सिलसिला चालू है। ग्रामीणों की मानें तो अब तक 20 से 25 क्विंटल मछलियां मर चुकी हैं। मछलियों की सड़ांध से पूरे गांव में प्रदूषण फैला है। लोगों का घरों में रहना मुश्किल हो रहा है।
यही हाल रहा, तो गांव में संक्रामक बीमारियां फैल जाएगी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए ग्राम प्रधान ने गुरुवार को तालाब में ऊपर उतराई मछलियां और गंदकी बाहर निकलवाई, लेकिन ग्रामीणों की मानें, तो अभी मछलियां मर रही हैं। अगर तालाब की जलनिकासी नहीं कराई गई, तो स्थिति भयावह हो सकती है। ग्राम प्रधान जयप्रकाश सिंह का कहना है कि किन्हीं कारणों से तालाब में बड़ी तादाद में मछलियां मरी हैं। ग्रामीणों की समस्या को देखते हुए तालाब की गंदगी हटाई गई है। एक दो दिन में स्थिति में सुधार नहीं होता है, तो प्रशासन को लिखा पढ़ी की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
भीमपुर गांव के बीच ग्राम समाज का करीब 30 बीघे में तालाब है। यह तालाब काफी गहरा है। कई साल से इसका पानी नहीं सूखा है। इसमें कुछ लोगों ने मछली पाल रखी हैं। घरों का गंदा पानी इसी तालाब में आता है। ग्रामीणों ने तालाब किनारे गंदगी के ढेर लगा रखे हैं। बड़ी तादाद में लोग गंदगी तालाब के पानी में भी फें कते हैं। ऐसी हालत में तालाब का पानी दूषित हो गया है। पिछले तीन दिन से तालाब में मछलियां मरने का सिलसिला चालू है। ग्रामीणों की मानें तो अब तक 20 से 25 क्विंटल मछलियां मर चुकी हैं। मछलियों की सड़ांध से पूरे गांव में प्रदूषण फैला है। लोगों का घरों में रहना मुश्किल हो रहा है।
विज्ञापन
यही हाल रहा, तो गांव में संक्रामक बीमारियां फैल जाएगी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए ग्राम प्रधान ने गुरुवार को तालाब में ऊपर उतराई मछलियां और गंदकी बाहर निकलवाई, लेकिन ग्रामीणों की मानें, तो अभी मछलियां मर रही हैं। अगर तालाब की जलनिकासी नहीं कराई गई, तो स्थिति भयावह हो सकती है। ग्राम प्रधान जयप्रकाश सिंह का कहना है कि किन्हीं कारणों से तालाब में बड़ी तादाद में मछलियां मरी हैं। ग्रामीणों की समस्या को देखते हुए तालाब की गंदगी हटाई गई है। एक दो दिन में स्थिति में सुधार नहीं होता है, तो प्रशासन को लिखा पढ़ी की जाएगी।
विज्ञापन