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नहीं मिली एंबुलेंस, बाइक से अस्पताल पहुंचीं गर्भवती
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फतेहपुर। जिले में 102, 108 और एएलएल एंबुलेंस चालकों की हड़ताल बेमियादी हो गई है। स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा गई हैं। मरीजों को एंबुलेंस नहीं मिल रही, ऐसे में कोई मोटर साइकिल से तो कोई प्राइवेट वाहनों से अस्पताल पहुंच रहा है। पति व परिजन गर्भवती को बाइक पर बैठाकर अस्पताल पहुंचा रहे हैं। निजी वाहन चालक मौके का फायदा उठाकर मनमाना किराया वसूल रहे हैं।
जिला अस्पताल में दिन भर प्राइवेट वाहनों से मरीज इलाज के लिए आते नजर आए। हथगाम के मगरेमऊ की रहने वाली फूलमती गिरकर घायल हो गई थी। काफी देर तक परिजन परेशान रहे लेकिन एंबुलेंस न मिलने पर प्राइवेट चार पहिया वाहन से अस्पताल पहुंचे। अस्पताल में उनके दामाद लाखन सिंह ने बताया कि पहले 108 एंबुलेंस पर फोन किया तो बताया गया कि हड़ताल चल रही है। इसी प्रकार जिला महिला चिकित्सालय में भी गर्भवती महिलाएं प्राइवेट वाहनों से पहुंची। हसवा प्रतिनिधि के अनुसार थरियांव के रहने वाले अनूप अपनी गर्भवती पत्नी सुषमा को मोटरसाइकिल में लेकर हसवा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। उनके साथ आशा बहू भी रही। अनूप ने बताया कि सोचा था कि सरकारी एंबुलेंस से आराम से पत्नी को अस्पताल लेकर जाएंगे लेकिन हड़ताल की वजह से बड़ी दिक्कत हुई। इसी प्रकार एकारी की रहने वाली गर्भवती निर्मला पति जितेंद्र को चार यूनिट खून था। एंबुलेंस न मिलने पर प्राइवेट वाहन से जिला महिला अस्पताल पहुंची। यहां पर डाक्टर ने कानपुर रिफर कर दिया। इस पर परिजन उसे शहर के एक प्राइवेट नर्सिंगहोम में भर्ती करा दिया है।
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जिला अस्पताल में दिन भर प्राइवेट वाहनों से मरीज इलाज के लिए आते नजर आए। हथगाम के मगरेमऊ की रहने वाली फूलमती गिरकर घायल हो गई थी। काफी देर तक परिजन परेशान रहे लेकिन एंबुलेंस न मिलने पर प्राइवेट चार पहिया वाहन से अस्पताल पहुंचे। अस्पताल में उनके दामाद लाखन सिंह ने बताया कि पहले 108 एंबुलेंस पर फोन किया तो बताया गया कि हड़ताल चल रही है। इसी प्रकार जिला महिला चिकित्सालय में भी गर्भवती महिलाएं प्राइवेट वाहनों से पहुंची। हसवा प्रतिनिधि के अनुसार थरियांव के रहने वाले अनूप अपनी गर्भवती पत्नी सुषमा को मोटरसाइकिल में लेकर हसवा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। उनके साथ आशा बहू भी रही। अनूप ने बताया कि सोचा था कि सरकारी एंबुलेंस से आराम से पत्नी को अस्पताल लेकर जाएंगे लेकिन हड़ताल की वजह से बड़ी दिक्कत हुई। इसी प्रकार एकारी की रहने वाली गर्भवती निर्मला पति जितेंद्र को चार यूनिट खून था। एंबुलेंस न मिलने पर प्राइवेट वाहन से जिला महिला अस्पताल पहुंची। यहां पर डाक्टर ने कानपुर रिफर कर दिया। इस पर परिजन उसे शहर के एक प्राइवेट नर्सिंगहोम में भर्ती करा दिया है।
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