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ग्लेडियोलस की खेती से किसानों की चमक रही किस्मत
ब्यूरो/अमर उजाला, फतेहपुर
Updated Fri, 19 Dec 2014 01:03 AM IST
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ग्लेडियोलस के लाल, गुलाबी और पीले फूल हर किसी के मन को भा रहे हैं। ग्लेडियोलस की खेती कर किसान खुशहाल हो रहे हैं। जिले में करीब एक दर्जन किसान इसकी की खेती कर रहे हैं। इसकी खेती हर मौसम में आसानी से की जा सकती है।
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पिछले चार वर्षों से ग्लेडियोलस की खेती कर रहे रमवां गांव के किसान मोहम्मद आसिफ ने बताया कि इसकी खेती बेहद फायदेमंद होती है क्योंकि दिन प्रतिदिन इसकी डिमांड देश ही नहीं विदेशों में हो रही है।
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बताया कि वह पांच बीघे खेतों में ग्लेडियोलस की खेती कर रहे हैं। एक बीघा खेत में करीब बीस हजार बीज डाले जाते हैं। इसके बाद दो बोरी डीएपी व एक बोरी पोटास डालकर चार बार पानी देना होता है।इसमें प्रति बीघे खेती में चालीस से पचास हजार रुपये का खर्च आता है।
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चार महीने में फ सल तैयार हो जाती है। एक बीघा फसल में 15 हजार स्टिक तैयार होती हैं जो चार से पांच रुपये प्रति स्टिक थोक में बिकती है। इस प्रकार करीब साठ हजार प्रति बीघे की कमाई होती है।
यदि पहली खेती में बीज खरीदकर डाले हैं तो दूसरी खेती के लिए बीज भी तैयार हो जाते हैं जिससे दोबारा बीज भी खरीदना नहीं पड़ेगा और अधिक फायदा होगा।
इसी प्रकार टीसी के फक्कड़ पांडेय, रमवां के पप्पू सिंह, राजेश, अतुल ने बताया कि वह ग्लेडियोलस की खेती करके खुशहाल जीवन जी रहे हैं। हालांकि सरकार से अनुदान मिलने लगे तो और बेहतर हो जाएगा।
कोट
‘जिले में ग्लेडियोलस की खेती के लिए इस बार शासन से अभी तक बीज नहीं प्राप्त हुए हैं। हालांकि पत्र लिखकर बीज की मांग की गई है ताकि किसानों को मुफ्त बीज उपलब्ध कराए जाएं।
ग्लेडियोलस की खेती किसानों के लिए वरदान साबित हो रही है।’ वीके सिंह, जिला उद्यान अधिकारी