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Fatehpur News: गगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु के पार
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औंग। गंगा और पांडु नदी की बाढ़ से क्षेत्रीय गांवों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। बाढ़ नियंत्रण कक्ष भिटौरा की रिपोर्ट में रविवार सुबह 100.310 मीटर पर गंगा के बाढ़ का पानी बह रहा है। खतरे का निशान 100.860 मीटर पर है। चेतावनी बिंदु 99.860 मीटर पर है। ऐसे में चेतावनी बिंदु से गंगा का पानी 45 सेंटीमीटर ऊपर तथा खतरे के निशान से 55 सेंटीमीटर नीचे है।
गंगा और पांडु नदी के जलस्तर में तेजी के साथ वृद्धि हुई है। देश की नदियां उफान पर हैं। औसेरीखेड़ा, जाड़े का पुरवा, दरियापुर बांगर, नया खेड़ा, बड़ा खेड़ा, मल्लू खेड़ा, दरियापुर कटरी, सदनहा, काली कुंडी, बिंदकी फॉर्म, बेनी खेड़ा, बेरनारी, रामघाट गांवों के ग्रामीण जलस्तर बढ़ने से चिंतित हैं। यह सभी आशापुर, अभयपुर और गलाथा ग्राम सभा के गांव हैं।
आशापुर ग्राम प्रधान ओम नारायण कश्यप, अभयपुर ग्राम प्रधान रामदास निषाद, गलाथा प्रधान रघुवंश यादव ने बताया पानी बढ़ने की रफ्तार पिछली बार की अपेक्षा तेज है।
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राहत शिविर और बाढ़ चौकी खाली
बाढ़ राहत शिविर में कटीली झाड़ियां घास-फूस खड़ी हैं। बाढ़ चौकी महुआ घाटी और डाक बंगला आशापुर तथा शिवराजपुर में स्टाफ तैनात नहीं है। बाढ़ की निगरानी के लिए कोई कर्मचारी तैनात नहीं है। अभी गंगा और पांडु नदी का पानी तराई के खेतों में ही पहुंचा है। पानी बढ़ने की रफ्तार तेज है। अगर इसी रफ्तार से पानी बढ़ता है, तो कटरी के गांव को बाढ़ का खतरा बढ़ जाएगा।
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गंगा और पांडु नदी के जलस्तर में तेजी के साथ वृद्धि हुई है। देश की नदियां उफान पर हैं। औसेरीखेड़ा, जाड़े का पुरवा, दरियापुर बांगर, नया खेड़ा, बड़ा खेड़ा, मल्लू खेड़ा, दरियापुर कटरी, सदनहा, काली कुंडी, बिंदकी फॉर्म, बेनी खेड़ा, बेरनारी, रामघाट गांवों के ग्रामीण जलस्तर बढ़ने से चिंतित हैं। यह सभी आशापुर, अभयपुर और गलाथा ग्राम सभा के गांव हैं।
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आशापुर ग्राम प्रधान ओम नारायण कश्यप, अभयपुर ग्राम प्रधान रामदास निषाद, गलाथा प्रधान रघुवंश यादव ने बताया पानी बढ़ने की रफ्तार पिछली बार की अपेक्षा तेज है।
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राहत शिविर और बाढ़ चौकी खाली
बाढ़ राहत शिविर में कटीली झाड़ियां घास-फूस खड़ी हैं। बाढ़ चौकी महुआ घाटी और डाक बंगला आशापुर तथा शिवराजपुर में स्टाफ तैनात नहीं है। बाढ़ की निगरानी के लिए कोई कर्मचारी तैनात नहीं है। अभी गंगा और पांडु नदी का पानी तराई के खेतों में ही पहुंचा है। पानी बढ़ने की रफ्तार तेज है। अगर इसी रफ्तार से पानी बढ़ता है, तो कटरी के गांव को बाढ़ का खतरा बढ़ जाएगा।