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Fatehpur News: भट्ठे की दीवार ढहने में चार मजदूर दबे, दंपती की मौत

Sun, 03 Mar 2024 12:16 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sun, 03 Mar 2024 12:16 AM IST
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Four workers buried in kiln wall collapse, couple dead
संवाद न्यूज एजेंसी
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शाह (फतेहपुर)। गाजीपुर थाना क्षेत्र के चक काजीपुर गांव में भट्ठे पर कोयला बीन रहे दंपती समेत चार मजदूर दीवार के ढहे मलबे में दब गए। हादसे में दंपती की मौत ही गई। दो महिला मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गई। घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
गाजीपुर थाना क्षेत्र के चकअल्लीपुर निवासी मुन्नी लाल पासवान (60) और पत्नी राजकुमारी (58) व सुधनी की पत्नी जगरानी (52), पूर्व प्रधान रामधनी की पत्नी मालती (50) चक काजीपुर स्थित संतोष सिंह के एबी भट्ठे में मजदूरी करते थे। भट्ठे के चेंबर बाहर कोयला बिखरा पड़ा था। चारों शनिवार सुबह कोयला बीन रहे थे। अचानक भट्ठे की दीवार भरभरा कर ढह गई। चारों मलबे में दब गए। हादसा देखकर आसपास के लोग पहुंचे। उन लोगों ने मलबा हटाकर चारों को बाहर निकाला। भट्ठे का मुनीम चारों को लेकर अस्पताल पहुंचा। डाक्टर ने मुन्नीलाल और उसकी पत्नी राजरानी को मृत घोषित कर दिया। अन्य दोनों घायलों को नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया। हादसे की सूचना पर जाफरगंज सीओ एचएल सिंह, नायब तहसीलदार मौके पर पहुंचे। थानाध्यक्ष विनोद मिश्रा ने बताया कि रात को काफी बारिश हुई थी। भट्ठे की दीवार में नमी थी। नमी की वजह से हादसा हुआ है। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
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पांच साल से भट्ठे में मजदूरी करते थे दंपती, मिलेगा मुआवजा

संवाद न्यूज एजेंसी
फतेहपुर। हादसे में जान गंवाने वाले दंपती मुन्नीलाल पासवान और उसकी राजकुमारी की भट्ठे में पांच साल से काम करते थे। हादसे के बाद एडीएम अविनाश त्रिपाठी ने जांच कमेटी गठित की है। मामले में हुसैनगंज के रहने वाले भट्ठा संचालक संतोष सिंह पर लापरवाही के चलते हादसा होने की एफआईआर दर्ज कर सकती है। प्रशासन भट्ठे के प्रदूषण की एनओसी समेत अन्य दस्तावेजों की जांच कर सकती है। मृतक मुन्नीलाल को किसान दुर्घटना बीमा योजना के तहत परिवार को पांच लाख का लाभ मिलेगा। दंपती के दो बेटे थे। बड़ा बेटे कामता की 10 साल पहले मौत हो चुकी है। छोटा बेटा सुनील अमृतसर में प्राइवेट नौकरी करता है। यहां सुनील के बेटे धर्मेंद्र, जितेंद्र, नरेंद्र रहते हैं। बाबा-दादी की मौत से पौत्र का हाल बेहाल दिखा। पौत्र धर्मेंद्र ने बताया कि पिता के आने के बाद शव का अंतिम संस्कार किया जाएगा।
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