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Fatehpur News: फ्लायर,,, किसान की मौत के बाद हरकत में आया प्रशासन, कराई पैमाइश
Fri, 21 Jun 2024 12:19 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहपुर
Updated Fri, 21 Jun 2024 12:19 AM IST
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खागा/फतेहपुर। चकबंदी में छीनी भूमि की दोबारा पैमाइश करने मंडलायुक्त, आईजी गुरुवार को मौके पर पहुंचे। कमिश्नर ने राजस्व व चकबंदी की संयुक्त टीम को कैंप कर कब्जा परिवर्तन कार्रवाई के आदेश किए हैं।
खागा कोतवाली के पाईं गांव निवासी रविकरन सिंह (72) सेवानिवृत्त संग्रह कर्मी व किसान थे। वह चकबंदी में गलत तरीके से ली गई जमीन की दोबारा पैमाइश के लिए तीन साल से लड़ रहा था। आरोप है कि 15 जून को संपूर्ण समाधान दिवस पर एसडीएम अतुल कुमार से बेइज्जत होने के बाद जमीन पाने की आशा खो बैठा था। उसने गांव स्थित अपनी गोशाला में 18 जून को फंदे से लटककर खुदकुशी की थी।
प्रयागराज मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत, आईजी प्रेम कुमार गौतम, डीएम सी इंदुमति, एसपी उदयशंकर सिंह गुरुवार दोपहर पहुंचे। अधिकारी रविकरन की पत्नी कुसमा देवी, पुत्र जयचंद्र सिंह, सूर्य प्रकाश सिंह, दरियाव सिंह, पुत्री सुधा सिंह से मिले। परिवार व ग्रामीणों ने एसडीएम पर आरोप लगाया। चकबंदी गलत तरीके से होना बताया।
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मंडलायुक्त ने मामले निष्पक्ष व उच्चस्तरीय जांच कराने के आदेश दिए हैं। कैंप लगाकर अवैध कब्जे हटवाने के आदेश किया है।
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रातोंरात पोस्टमार्टम सुबह अंतिम संस्कार
पुलिस किसान की मौत के करीब 15 घंटे बाद शव को बुधवार रात नौ बजे पोस्टमार्टम के लिए भेज सकी थी। वीडियोग्राफी में दो डाक्टर के पैनल ने पोस्टमार्टम किया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हैगिंग (गला कसने) की पुष्टि हुई। परिजनों ने गोशाला में किसान के शव का अंतिम संस्कार किया।
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सुसाइड नोट के दूसरे हिस्से में अधिकारियों के नाम
सुसाइड नोट का दूसरा हिस्सा गुरुवार को सामने आया है। किसान ने मौत से पहले लिखे सुसाइड नोट में चकबंदी अधिकारी रवींद्र नाथ पांडेय, सहकर्मी अनिल कुमार गौतम, कानूनगो लाल बहहादुर, लेखपाल संदीप को मौत का जिम्मेदार बताया है। परिवार से मिलने किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष राजकुमार सिंह पहुंचे। उन्होंने 24 घंटे में कार्रवाई की प्रशासन से मांग की है। एलआईयू भी चौकन्ना दिखी। संपूर्ण समाधान दिवस पर एक समाचार पत्र ने एसडीएम की दुत्कार प्रकाशित की थी। एलआईयू उस मीडियाकर्मी की तलाश में जुटी रही।
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किसान पैमाइश की मांग पर छह दिन की जेल काटी थी
किसान के खिलाफ चकबंदी अधिकारी रवींद्र नाथ पांडेय ने 18 दिसंबर 2023 को कार्यालय में आत्महत्या की धमकी का कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था। मामले में कोतवाली पुलिस ने किसान रविकरन सिंह को शांतिभंग की धारा के तहत जेल भेजा था। करीब छह दिन बाद जेल से किसान छूटा था।
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खागा कोतवाली के पाईं गांव निवासी रविकरन सिंह (72) सेवानिवृत्त संग्रह कर्मी व किसान थे। वह चकबंदी में गलत तरीके से ली गई जमीन की दोबारा पैमाइश के लिए तीन साल से लड़ रहा था। आरोप है कि 15 जून को संपूर्ण समाधान दिवस पर एसडीएम अतुल कुमार से बेइज्जत होने के बाद जमीन पाने की आशा खो बैठा था। उसने गांव स्थित अपनी गोशाला में 18 जून को फंदे से लटककर खुदकुशी की थी।
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प्रयागराज मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत, आईजी प्रेम कुमार गौतम, डीएम सी इंदुमति, एसपी उदयशंकर सिंह गुरुवार दोपहर पहुंचे। अधिकारी रविकरन की पत्नी कुसमा देवी, पुत्र जयचंद्र सिंह, सूर्य प्रकाश सिंह, दरियाव सिंह, पुत्री सुधा सिंह से मिले। परिवार व ग्रामीणों ने एसडीएम पर आरोप लगाया। चकबंदी गलत तरीके से होना बताया।
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मंडलायुक्त ने मामले निष्पक्ष व उच्चस्तरीय जांच कराने के आदेश दिए हैं। कैंप लगाकर अवैध कब्जे हटवाने के आदेश किया है।
रातोंरात पोस्टमार्टम सुबह अंतिम संस्कार
पुलिस किसान की मौत के करीब 15 घंटे बाद शव को बुधवार रात नौ बजे पोस्टमार्टम के लिए भेज सकी थी। वीडियोग्राफी में दो डाक्टर के पैनल ने पोस्टमार्टम किया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हैगिंग (गला कसने) की पुष्टि हुई। परिजनों ने गोशाला में किसान के शव का अंतिम संस्कार किया।
सुसाइड नोट के दूसरे हिस्से में अधिकारियों के नाम
सुसाइड नोट का दूसरा हिस्सा गुरुवार को सामने आया है। किसान ने मौत से पहले लिखे सुसाइड नोट में चकबंदी अधिकारी रवींद्र नाथ पांडेय, सहकर्मी अनिल कुमार गौतम, कानूनगो लाल बहहादुर, लेखपाल संदीप को मौत का जिम्मेदार बताया है। परिवार से मिलने किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष राजकुमार सिंह पहुंचे। उन्होंने 24 घंटे में कार्रवाई की प्रशासन से मांग की है। एलआईयू भी चौकन्ना दिखी। संपूर्ण समाधान दिवस पर एक समाचार पत्र ने एसडीएम की दुत्कार प्रकाशित की थी। एलआईयू उस मीडियाकर्मी की तलाश में जुटी रही।
किसान पैमाइश की मांग पर छह दिन की जेल काटी थी
किसान के खिलाफ चकबंदी अधिकारी रवींद्र नाथ पांडेय ने 18 दिसंबर 2023 को कार्यालय में आत्महत्या की धमकी का कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था। मामले में कोतवाली पुलिस ने किसान रविकरन सिंह को शांतिभंग की धारा के तहत जेल भेजा था। करीब छह दिन बाद जेल से किसान छूटा था।