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खुदा की इबादत के साथ नियमों का पालन, बकरीद मुबारक
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फतेहपुर। बकरीद का पर्व बुधवार को जिले भर में धूमधाम से मनाया जाएगा। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वह इबादत के दौरान संक्रमण रोकने के लिए बनाए गए नियमों का सख्ती से पालन करें। ईदगाह पर लोगों के जाने पर पाबंदी होगी और मस्जिदों में केवल पांच लोगों ही नमाज अदा कर सकेंगे।
पुलिस विभाग ने बकरीद का पर्व सकुशल संपन्न कराने के लिए सभी थानों को अतिरिक्त पुलिस व पीएसी बल मुहैया कराया है। सभी मस्जिद व ईदगाह के पास पुलिस की ड्यूटी रहेगी। प्रशासन ने पीस कमेटी की बैठकें कर सबसे यह अपील की है कि बकरीद की नमाज हर व्यक्ति घर में अदा करे। जिससे नियमों का पालन हो सके।
इसके साथ ही सार्वजनिक स्थानों पर कुर्बानी की इजाजत नहीं होगी। कुर्बानी के बाद निकलने वाले मवेशी के अवशेषों को मिट्टी में दबा दिया जाए। इसके साथ ही प्रतिबंधित मवेशियों की कुर्बानी किसी भी कीमत पर न हो। ऐसे करने वाले के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाएगी। जनपद में करीब 110 ईदगाह व 345 मस्जिदें हैं।
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नियमों का पालन कर मनाएं बकरीद- शहरकाजी
शहरकाजी कारी फरीदउद्दीन कादरी बताते हैं कि यह पर्व पैगंबर हजरत इब्राहिम अलैहिस्सलाम की सुन्नत के तौर पर मनाया जाता है। इसमें अल्लाह की रजामंदी के लिए जानवरों की कुर्बानी कराई जाती है। कुर्बानी हर सम्पन्न मुसलमान पर वाजिब है। हर वह मुसलमान जिसके पास साढ़े सात तोला सोना या साढ़े बावन तोला चांदी हो या फिर उसके पास इनके सापेक्ष रकम हो, वह सम्पन्न माना गया है। कुर्बानी देकर इंसान अपने रब के करीब पहुंचता है।
जितनी बड़ी कुर्बानी होगी, उतना ही बड़ा मकाम होगा। उन्होंने जनपद के सभी मुस्लिम भाईयों से अपील की है कि वह सौहार्द के साथ पर्व मनाएं। संक्रमण का खतरा फिर से बढ़ रहा है। इसलिए नमाज अदा करते समय सरकार द्वारा बनाए गए नियमों का सख्ती से पालन करें। किसी भी तरह प्रतिबंधित मवेशी की कुर्बानी न की जाए।
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पुलिस विभाग ने बकरीद का पर्व सकुशल संपन्न कराने के लिए सभी थानों को अतिरिक्त पुलिस व पीएसी बल मुहैया कराया है। सभी मस्जिद व ईदगाह के पास पुलिस की ड्यूटी रहेगी। प्रशासन ने पीस कमेटी की बैठकें कर सबसे यह अपील की है कि बकरीद की नमाज हर व्यक्ति घर में अदा करे। जिससे नियमों का पालन हो सके।
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इसके साथ ही सार्वजनिक स्थानों पर कुर्बानी की इजाजत नहीं होगी। कुर्बानी के बाद निकलने वाले मवेशी के अवशेषों को मिट्टी में दबा दिया जाए। इसके साथ ही प्रतिबंधित मवेशियों की कुर्बानी किसी भी कीमत पर न हो। ऐसे करने वाले के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाएगी। जनपद में करीब 110 ईदगाह व 345 मस्जिदें हैं।
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नियमों का पालन कर मनाएं बकरीद- शहरकाजी
शहरकाजी कारी फरीदउद्दीन कादरी बताते हैं कि यह पर्व पैगंबर हजरत इब्राहिम अलैहिस्सलाम की सुन्नत के तौर पर मनाया जाता है। इसमें अल्लाह की रजामंदी के लिए जानवरों की कुर्बानी कराई जाती है। कुर्बानी हर सम्पन्न मुसलमान पर वाजिब है। हर वह मुसलमान जिसके पास साढ़े सात तोला सोना या साढ़े बावन तोला चांदी हो या फिर उसके पास इनके सापेक्ष रकम हो, वह सम्पन्न माना गया है। कुर्बानी देकर इंसान अपने रब के करीब पहुंचता है।
जितनी बड़ी कुर्बानी होगी, उतना ही बड़ा मकाम होगा। उन्होंने जनपद के सभी मुस्लिम भाईयों से अपील की है कि वह सौहार्द के साथ पर्व मनाएं। संक्रमण का खतरा फिर से बढ़ रहा है। इसलिए नमाज अदा करते समय सरकार द्वारा बनाए गए नियमों का सख्ती से पालन करें। किसी भी तरह प्रतिबंधित मवेशी की कुर्बानी न की जाए।