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Fatehpur News: युवक की हत्या के दोषी पिता-पुत्र को उम्रकैद
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फतेहपुर। बेटी से प्रेम प्रसंग के चलते युवक की हत्या के मामले में कोर्ट ने पिता-पुत्र को उम्रकैद की सजा सुनाई है। कोर्ट ने दोनों पर एक लाख दस हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।
सुल्तानपुर घोष थाने के इब्राहिमपुर गांव के निहालपुर निवासी जितेंद्र के मुताबिक सिमौरी के बहरियापुर गांव में उसकी बहन की ससुराल है। भाई नरेंद्र उर्फ छोटू अक्सर बहन के ससुराल आता-जाता था। जहां उसके प्रेम संबंध बहन की ससुराल के पड़ोस में रहने वाली सुमेर पटेल की पुत्री से हो गया। कई बार सुमेर ने भाई नरेंद्र को धमकी दी थी। 25 फरवरी 2024 की रात नरेंद्र घर से निकला था। बहन ने नरेंद्र को सुमेर से बातचीत करते हुए देखा था। इसके बाद 27 फरवरी को महन्ना बाबा के जंगल में एक सिर कटी लाश मिली। कपड़ों, कलावा, गले में टैटू से परिजन ने उसकी पहचान नरेंद्र के रुप में की थी।
पुलिस ने 29 फरवरी 2024 को सुमेर और उसके पुत्र ब्रजेश को गिरफ्तार किया। आरोपियों ने पुलिस की पूछताछ में कबूल किया कि नरेंद्र 25 फरवरी की रात नशे में उनके घर पहुंचा था। दोनों ने गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। दोनों साइकिल से लाश महन्ना बाबा के जंगल ले गए। शव की पहचान छिपाने के लिए जंगल में कुल्हाड़ी से गला काट दिया। इसके बाद सिर और धड़ को अलग-अलग जगहों पर फेंक दिया। आरोपियों ने नरेंद्र का मोबाइल भी तोड़ कर फेंक दिया। पुलिस ने आलाकत्ल कुल्हाड़ी, टूटा मोबाइल, जंगल में लाश लेकर जाने में प्रयुक्त साइकिल, आरोपियों के खून से सने कपड़े बरामद किए थे। जिसके आधार पर कोर्ट ने उन्हें दोषी पाया और सजा सुनाई।
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सुल्तानपुर घोष थाने के इब्राहिमपुर गांव के निहालपुर निवासी जितेंद्र के मुताबिक सिमौरी के बहरियापुर गांव में उसकी बहन की ससुराल है। भाई नरेंद्र उर्फ छोटू अक्सर बहन के ससुराल आता-जाता था। जहां उसके प्रेम संबंध बहन की ससुराल के पड़ोस में रहने वाली सुमेर पटेल की पुत्री से हो गया। कई बार सुमेर ने भाई नरेंद्र को धमकी दी थी। 25 फरवरी 2024 की रात नरेंद्र घर से निकला था। बहन ने नरेंद्र को सुमेर से बातचीत करते हुए देखा था। इसके बाद 27 फरवरी को महन्ना बाबा के जंगल में एक सिर कटी लाश मिली। कपड़ों, कलावा, गले में टैटू से परिजन ने उसकी पहचान नरेंद्र के रुप में की थी।
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पुलिस ने 29 फरवरी 2024 को सुमेर और उसके पुत्र ब्रजेश को गिरफ्तार किया। आरोपियों ने पुलिस की पूछताछ में कबूल किया कि नरेंद्र 25 फरवरी की रात नशे में उनके घर पहुंचा था। दोनों ने गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। दोनों साइकिल से लाश महन्ना बाबा के जंगल ले गए। शव की पहचान छिपाने के लिए जंगल में कुल्हाड़ी से गला काट दिया। इसके बाद सिर और धड़ को अलग-अलग जगहों पर फेंक दिया। आरोपियों ने नरेंद्र का मोबाइल भी तोड़ कर फेंक दिया। पुलिस ने आलाकत्ल कुल्हाड़ी, टूटा मोबाइल, जंगल में लाश लेकर जाने में प्रयुक्त साइकिल, आरोपियों के खून से सने कपड़े बरामद किए थे। जिसके आधार पर कोर्ट ने उन्हें दोषी पाया और सजा सुनाई।
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