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औंधे मुंह गिरी घर-घर नल से जल योजना..
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मलवां के भाऊपुर गांव में पड़ताल करने पहुंचे पीडी और एई डीआरडीए। संवाद
- फोटो : FATEHPUR
फतेहपुर। जल जीवन मिशन के तहत घर-घर नल से जल योजना शुरुआत में ही औंधे मुंह गिर गई है। काम पूरा हुए अभी डेढ़ से दो साल हुए हैं और अभी से पाइपलाइन में छेद होने की शिकायतें आने लगी हैं।
ग्रामीणों की शिकायतों का संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी अपूर्वा दुबे ने जांच कमेटी गठित की थी। शुक्रवार को कमेटी ने मलवा ब्लाक के भाऊपुर में जांच की।
डीएम के आदेश पर डीआरडीए परियोजना निदेशक एमपी चौबे और सहायक अभियंता राजेश अग्रवाल एवं जल निगम कौशांबी के सहायक अभियंता राजेश कुमार की भाऊपुर पहुंची।
टीम को पता चला कि यहां 2 करोड़ 39 लाख की लागत से 2019 में पेयजल परियोजना पूरी हुई थी। ग्रामीणों ने बताया कि पाइपलाइन में छेद होने के कारण नलों में पानी नहीं आता। टीम ने पाइपलाइन देखे तो 18 छेद मिले।
ग्राम प्रधान ने बताया कि इससे पहले 20 छेद ठीक कराए जा चुके हैं। उसने बताया कि ठेकेदार पूर्व प्रधान को परियोजना हस्तांतरित करके चला गया है। जबकि नियम के अनुसार तकनीकी परीक्षण के बाद ही परियोजना हस्तांतरित हो सकती है। पीडी ने बताया कि जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेजी जाएगी।
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ग्रामीणों की शिकायतों का संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी अपूर्वा दुबे ने जांच कमेटी गठित की थी। शुक्रवार को कमेटी ने मलवा ब्लाक के भाऊपुर में जांच की।
डीएम के आदेश पर डीआरडीए परियोजना निदेशक एमपी चौबे और सहायक अभियंता राजेश अग्रवाल एवं जल निगम कौशांबी के सहायक अभियंता राजेश कुमार की भाऊपुर पहुंची।
टीम को पता चला कि यहां 2 करोड़ 39 लाख की लागत से 2019 में पेयजल परियोजना पूरी हुई थी। ग्रामीणों ने बताया कि पाइपलाइन में छेद होने के कारण नलों में पानी नहीं आता। टीम ने पाइपलाइन देखे तो 18 छेद मिले।
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ग्राम प्रधान ने बताया कि इससे पहले 20 छेद ठीक कराए जा चुके हैं। उसने बताया कि ठेकेदार पूर्व प्रधान को परियोजना हस्तांतरित करके चला गया है। जबकि नियम के अनुसार तकनीकी परीक्षण के बाद ही परियोजना हस्तांतरित हो सकती है। पीडी ने बताया कि जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेजी जाएगी।
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