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नलकूपों की मरम्मत में खर्च हो रहे दो करोड़, फिर भी हालत जस की तस

Mon, 29 Nov 2021 11:45 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Mon, 29 Nov 2021 11:45 PM IST
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fathepur news,Two crores are being spent on repair, yet the condition is bad
बिगड़ा भीखमपुर का सरकारी नलकूप। संवाद - फोटो : FATEHPUR
फतेहपुर। फसलों की सिंचाई के लिए लगाए गए राजकीय नलकूपों के रखरखाव पर हरहासल 2.16 करोड़ रुपये खर्च किए जाते हैं। इसके बाद भी नलकूपों की हालत में सुधार नहीं हो रहा है। सिंचाई व्यवस्थाएं बदहाल हैं। किसानों को फसलों की सिंचाई के लिए सरकारी ट्यूबवेलों से पानी नहीं मिल पा रहा है।
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किसानों के लिए प्रदेश सरकार ने मुफ्त सिंचाई योजना चला रही है। इसके लिए जिले में 569 राजकीय नलकूप क्रियाशील हैं। विभाग की साप्ताहिक रिपोर्ट को मानें तो 26 राजकीय नलकूप खराब हैं।
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जबकि जिले में 175 से अधिक राजकीय नलकूप खराब पड़े हैं। इन नलकूपों को सही कराने की विभागीय अधिकारी सुधि नहीं ले रहे हैं। शासन से हर साल प्रत्येक नलकूप की मरम्मत कराने के लिए 38 हजार रुपये दिया जाता है।
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यानि 569 राजकीय नलकूपों के रखरखाव के लिए हर साल दो करोड़ 16 लाख 22 हजार रुपये मिलता है। यह धनराशि हर साल मरम्मत के नाम खर्च तो कर दी जाती है, लेकिन नलकूपों की हालत जस की तस बनी हुई है।
उनमें किसी प्रकार का सुधार होने नहीं दिख रहा है। जाफरगंज क्षेत्र के भीकमपुर गांव का सरकारी ट्यूबवेल एक साल से खराब पड़ा है। इसे सही कराने की अधिकारी सुधि नहीं ले रहे हैं।
इसी प्रकार विजयीपुर ब्लाक के गढ़ा, रघुराजपुर रारी का सरकारी ट्यूबवेल छह-छह महीने से खराब हैं। हसवा ब्लाक के टीकर गांव के ट्यूबवेल की मोटर नौ महीने से खराब है।
छह महीने से मोटर वर्कशाप में पड़ी हुई है। छह महीने बीतने के बाद भी वर्कशाप से मोटर सही कराकर ट्यूबवेल में नहीं लगाई गई। अब किसानों के फसल सिंचाई का समय आ रहा है, जिसको लेकर किसान चिंतित हैं।
नलकूपों के खराब होने पर वार्षिक खर्च की धनराशि 2014 में आंकलन करके जारी की गई है। मोटर में लगने वाले वायर (तार) के रेट अब दोगुने से अधिक हो गए हैं। ट्यूबवेलों में 440 वोल्ट करंट पहुंचना चाहिए, लेकिन 200 वोल्ट के आसपास ही करंट पहुंचता है।

वोल्टेज कम होने के कारण ट्यूबवेलों की मोटर ज्यादा खराब हो रही हैं। फिर भी किसी तरह से ट्यूबवेलों को सही कराकर चलाए जाते हैं। - किशनलाल, अधिशासी अभियंता नलकूप खंड।
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