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जिले में चना की फसल का बढ़ेगा दायरा, सिमटेगा गेहूं
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कृषि भवन। संवाद
- फोटो : FATEHPUR
फतेहपुर। कृषि विभाग ने रबी सीजन की तैयारियां शुरू कर दी हैं। इस बार गेहूं में 6513 हेक्टेयर बुआई का क्षेत्रफल कम कर दिया गया है। वहीं चने की फसल में 13928 हेेक्टेयर क्षेत्रफल बढ़ा दिया गया है।
इस बार दो लाख 46 हजार 374 हेक्टेयर क्षेत्रफल में फसलों की बुआई का लक्ष्य तय किया गया है, जो पिछले साल की अपेक्षा 12 हजार 923 हेक्टेयर अधिक है।
पर्याप्त बारिश के चलते खरीफ की प्रमुख फसल धान, अरहर हैं। हालांकि तिल और हरी सब्जी की फसलों में नुकसान भी हुआ है। यमुना की बाढ़ से भी तटवर्ती क्षेत्र के किसानों की फसलें बर्बाद हो गई हैं।
इसे लेकर किसान चिंतित हैं। जिन किसानों की फसलें बर्बाद हुई हैं, अब वह रबी फसलों पर उम्मींद लगाए हैं। तिल और हरी सब्जी खराब होने के बाद अब किसान उन खेतों में रबी की फसलों की बुआई करने की तैयारी में जुट गए हैं।
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बारिश से खरीफ की फसल नष्ट होने और खेतों में खड़े खरपतवार को साफ करने की तैयारी किसानों ने शुरू कर दी है। अक्तूबर और नवंबर में गेहूं, चना, जौ, मसूर, सरसों, राई की फसलों के अलावा आलू, मटर की फसलें बोई जाती है।
पिछले साल रबी में दो लाख 33 हजार 451 हेक्टेयर फसलों की बुआई हुई थी, इस बार कृषि विभाग ने फसलों की बुआई का लक्ष्य बढ़ा कर दो लाख 46 हजार 374 हेक्टेयर कर दिया है। ब्लाक स्तर पर बने राजकीय बीज भंडारों को लक्ष्य आवंटन की तैयारी की जा रही है।
रबी फसल का वर्तमान व पिछले वर्ष बुआई का लक्ष्य एक नजर में
फसल - 2020-21 - 2021--22
गेहूं - 180733 - 174220
जौ - 1876 - 3974
चना-- 26842 - 40770
मटर - 2243 - 1935
मसूर - 1054 - 998
राई/सरसों - 17936 - 22015
तोरिया - 2574 - 2261
अलसी - 189 - 201
मक्का - 04 - 00
रबी की फसलों को लेकर तैयारी शुरू कर दी गई है। लक्ष्य का निर्धारण कर दिया गया है। फसलों की बुुुआई के लक्ष्य के अनुसार खाद, बीज की डिमांड बनाई गई हैं, जो शासन को भेद दी गई है। - बृजेश सिंह, जिला कृषि अधिकारी
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इस बार दो लाख 46 हजार 374 हेक्टेयर क्षेत्रफल में फसलों की बुआई का लक्ष्य तय किया गया है, जो पिछले साल की अपेक्षा 12 हजार 923 हेक्टेयर अधिक है।
पर्याप्त बारिश के चलते खरीफ की प्रमुख फसल धान, अरहर हैं। हालांकि तिल और हरी सब्जी की फसलों में नुकसान भी हुआ है। यमुना की बाढ़ से भी तटवर्ती क्षेत्र के किसानों की फसलें बर्बाद हो गई हैं।
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इसे लेकर किसान चिंतित हैं। जिन किसानों की फसलें बर्बाद हुई हैं, अब वह रबी फसलों पर उम्मींद लगाए हैं। तिल और हरी सब्जी खराब होने के बाद अब किसान उन खेतों में रबी की फसलों की बुआई करने की तैयारी में जुट गए हैं।
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बारिश से खरीफ की फसल नष्ट होने और खेतों में खड़े खरपतवार को साफ करने की तैयारी किसानों ने शुरू कर दी है। अक्तूबर और नवंबर में गेहूं, चना, जौ, मसूर, सरसों, राई की फसलों के अलावा आलू, मटर की फसलें बोई जाती है।
पिछले साल रबी में दो लाख 33 हजार 451 हेक्टेयर फसलों की बुआई हुई थी, इस बार कृषि विभाग ने फसलों की बुआई का लक्ष्य बढ़ा कर दो लाख 46 हजार 374 हेक्टेयर कर दिया है। ब्लाक स्तर पर बने राजकीय बीज भंडारों को लक्ष्य आवंटन की तैयारी की जा रही है।
रबी फसल का वर्तमान व पिछले वर्ष बुआई का लक्ष्य एक नजर में
फसल - 2020-21 - 2021--22
गेहूं - 180733 - 174220
जौ - 1876 - 3974
चना-- 26842 - 40770
मटर - 2243 - 1935
मसूर - 1054 - 998
राई/सरसों - 17936 - 22015
तोरिया - 2574 - 2261
अलसी - 189 - 201
मक्का - 04 - 00
रबी की फसलों को लेकर तैयारी शुरू कर दी गई है। लक्ष्य का निर्धारण कर दिया गया है। फसलों की बुुुआई के लक्ष्य के अनुसार खाद, बीज की डिमांड बनाई गई हैं, जो शासन को भेद दी गई है। - बृजेश सिंह, जिला कृषि अधिकारी