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दो साल में पुल के दो पिलर भी नहीं सका ठेकेदार
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दामपुर का निर्माणाधीन पुल। संवाद
- फोटो : FATEHPUR
धाता। यमुना तटवर्ती क्षेत्र के गांवों को जाने वाली सड़क को लिए संजीवनी कहा जाने वाला दामपुर पुल का निर्माण अधर में लटका है। नाले के ऊपर बन रहे पुल की यह हालत है कि दो साल में दो पिलर भी ठेकेदार नहीं बना सका है। अब यहां चोरी की घटना होने से निर्माण का काम पूरी तरह से बंद हो गया है।
दामपुर मार्ग दर्जन भर से अधिक गांवों को जोड़ता हैं। इनमें उरयी, मोदापुर, दामपुर, रानीपुर, मखौवा, सैदपुर, सलेमपुर, अढ़ैया आदि गांव शामिल हैं। इसके साथ ही नदी के पार चित्रकूट, बांदा के लोग भी दामपुर के रास्ते आते-जाते हैं।
दामपुर में एक नाले के ऊपर वर्ष 2019 में पक्का पुल बनाने की शुरूआत हुई थी। यह पुल बन जाता तो बरसात के दिनों में भी लोग दामपुर सहित गांव बड़ी आसानी से पहुंच सकते थे।
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मगर चार खंभे वाले इस पुल के दो पिलर भी नहीं बन सके हैं, जबकि दो साल का समय बीत चुका है। दो पिलर आधा बनाकर छोड़ दिए गए हैं। मौजूदा समय तो लोग यहां से किसी तरह से निकल रहे है लेकिन बरसात होने के बाद इस सड़क से पैदल नहीं निकला जा सकता है।
ऐसे में लोगों को कई किलोमीटर का चक्कर लगाकर गांवों में जाना पड़ता है। कुछ दिन पहले ही इस निर्माणाधीन पुल पर चोरी की घटना हुई, जिसमें यहां रखा महंगा सामान चोरी हो गया।
जिसके बिना यहां निर्माण नहीं हो सकता है। पहले से ठप निर्माण में सामग्री का चोरी होना स्थानीय लोगों के लिए नई परेशानी लेकर आया है। रानीपुर के मुंशी तिवारी, सैदपुर निवासी हरि मोहन सिंह, लल्लू निषाद, कल्याण सिंह, ओम नारायण निषाद, शिवभूषण सिंह आदि लोगों ने बताया कि पुल निर्माण की उम्मीद फिलहाल नहीं दिख रही है। पुल समय पर बन जाता तो लोगों की मुश्किलें हमेशा के लिए खत्म हो जाती।
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दामपुर मार्ग दर्जन भर से अधिक गांवों को जोड़ता हैं। इनमें उरयी, मोदापुर, दामपुर, रानीपुर, मखौवा, सैदपुर, सलेमपुर, अढ़ैया आदि गांव शामिल हैं। इसके साथ ही नदी के पार चित्रकूट, बांदा के लोग भी दामपुर के रास्ते आते-जाते हैं।
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दामपुर में एक नाले के ऊपर वर्ष 2019 में पक्का पुल बनाने की शुरूआत हुई थी। यह पुल बन जाता तो बरसात के दिनों में भी लोग दामपुर सहित गांव बड़ी आसानी से पहुंच सकते थे।
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मगर चार खंभे वाले इस पुल के दो पिलर भी नहीं बन सके हैं, जबकि दो साल का समय बीत चुका है। दो पिलर आधा बनाकर छोड़ दिए गए हैं। मौजूदा समय तो लोग यहां से किसी तरह से निकल रहे है लेकिन बरसात होने के बाद इस सड़क से पैदल नहीं निकला जा सकता है।
ऐसे में लोगों को कई किलोमीटर का चक्कर लगाकर गांवों में जाना पड़ता है। कुछ दिन पहले ही इस निर्माणाधीन पुल पर चोरी की घटना हुई, जिसमें यहां रखा महंगा सामान चोरी हो गया।
जिसके बिना यहां निर्माण नहीं हो सकता है। पहले से ठप निर्माण में सामग्री का चोरी होना स्थानीय लोगों के लिए नई परेशानी लेकर आया है। रानीपुर के मुंशी तिवारी, सैदपुर निवासी हरि मोहन सिंह, लल्लू निषाद, कल्याण सिंह, ओम नारायण निषाद, शिवभूषण सिंह आदि लोगों ने बताया कि पुल निर्माण की उम्मीद फिलहाल नहीं दिख रही है। पुल समय पर बन जाता तो लोगों की मुश्किलें हमेशा के लिए खत्म हो जाती।