{"_id":"61e99cdc3f5e4b546e1c21f8","slug":"fathepur-news-corona-protocol-became-a-joke-in-the-offices-of-the-education-department-fatehpur-news-knp676269266","type":"story","status":"publish","title_hn":"शिक्षा विभाग के दफ्तरों में कोरोना प्रोटोकाल बना मजाक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शिक्षा विभाग के दफ्तरों में कोरोना प्रोटोकाल बना मजाक
विज्ञापन
बीएसए कार्यालय में खाली पड़ी कोरोना हेल्प डेस्क। संवाद
- फोटो : FATEHPUR
फतेहपुर। लगातार बढ़ रहे कोरोना संक्रमण से शिक्षा विभाग पूरी तरह से बेखबर है। इनके कार्यालयों में कोरोना प्रोटोकाल का पालन नहीं हो रहा है। हाल ये है कि यहां अभी तक कोविड हेल्प डेस्क नहीं बनी है। लोगों का कार्यालय में बिना मास्क लगाए आना जाना जारी है। कर्मचारी भी मास्क नहीं लगा रहे।
बेसिक शिक्षा विभाग में शिक्षक समेत करीब 10 हजार कर्मचारी हैं। स्कूल बंद होने के कारण इन दिनों कर्मचारियों का कार्यालय आना जाना बना रहता है। कार्यालय में प्रवेश के लिए अभी तक न तो मास्क की अनिवार्यता है और न ही कार्यालय में कोरोना हेल्प डेस्क प्रभावी है।
दूसरी लहर में संक्रमण के दौरान कार्यालय में प्रवेश गेट से बगल में डेस्क स्थापित थी। जिसमें कार्यालय समय में एक कर्मचारी थर्मल स्क्रीनिंग के साथ हाथ सैनिटाइज कराने के लिए मुस्तैद रहता था। वहां पर खाली स्थान पड़ा है।
विज्ञापन
इसी प्रकार माध्यमिक शिक्षा विभाग से जुड़े करीब करीब छह हजार कर्मचारी हैं। ऐसे में डीआईओएस कार्यालय में भी कोरोना प्रोटोकाल का मजाक उड़ाया जा रहा है। कोरोना हेल्प डेस्क का अता पता नहीं है।
लोग बिना मास्क लगाए कार्यालय में आते जाते रहे हैं। उन्हें कोई टोकाटाकी करने वाला नहीं है। यही स्थिति जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान की है। यहां भी कोरोना प्रोटोकाल का पूरी तरह से उल्लंघन हो रहा है।
विज्ञापन
बेसिक शिक्षा विभाग में शिक्षक समेत करीब 10 हजार कर्मचारी हैं। स्कूल बंद होने के कारण इन दिनों कर्मचारियों का कार्यालय आना जाना बना रहता है। कार्यालय में प्रवेश के लिए अभी तक न तो मास्क की अनिवार्यता है और न ही कार्यालय में कोरोना हेल्प डेस्क प्रभावी है।
विज्ञापन
दूसरी लहर में संक्रमण के दौरान कार्यालय में प्रवेश गेट से बगल में डेस्क स्थापित थी। जिसमें कार्यालय समय में एक कर्मचारी थर्मल स्क्रीनिंग के साथ हाथ सैनिटाइज कराने के लिए मुस्तैद रहता था। वहां पर खाली स्थान पड़ा है।
विज्ञापन
इसी प्रकार माध्यमिक शिक्षा विभाग से जुड़े करीब करीब छह हजार कर्मचारी हैं। ऐसे में डीआईओएस कार्यालय में भी कोरोना प्रोटोकाल का मजाक उड़ाया जा रहा है। कोरोना हेल्प डेस्क का अता पता नहीं है।
लोग बिना मास्क लगाए कार्यालय में आते जाते रहे हैं। उन्हें कोई टोकाटाकी करने वाला नहीं है। यही स्थिति जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान की है। यहां भी कोरोना प्रोटोकाल का पूरी तरह से उल्लंघन हो रहा है।

डीआईओएस में गायब कोरोना हेल्प डेस्क। संवाद- फोटो : FATEHPUR