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चुनावी ड्यूटी में बसें, तीन घंटे तक यात्री बेबस
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फतेहपुर। परिवहन विभाग की बसें चुनावी ड्यूटी पर हैं। ऐसे में जिले के यात्री बेबस हैं। खासकर बांदा रूट के यात्रियों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है। इस रूट पर जो बस आई भी वह पहले से ठसाठस भरी थी। तीन घंटे तक बस अड्डा में यात्रियों को इंतजार करना पड़ा।
जिले का चुनाव खत्म होने के बाद डिपो की 25 बसों को पांचवें, छठवे और सातवें चरण का चुनाव कराने के लिए भेज दिया गया है। वहीं कानपुर-प्रयागराज रूट पर लीडर रोड डिपो की 15, फजलगंज डिपो की आठ बसों का संचालन कम हो गया है।
जिस कारण से यातायात व्यवस्था चरमरा गई हैं। फतेहपुर डिपो के ज्वालागंज बस अड्डा से कानपुर, प्रयागराज, बरेली, आगरा, अलीगढ़, मथुरा, बांदा, चित्रकूट, लखनऊ, प्रयागराज, बनारस, मिर्जापुर, बरेली, आजमगढ़ के लिए बसें संचालित की जाती हैं।
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इस विधानसभा चुनाव में बांदा रूट की ज्यादातर बसें भेजी गई हैं। इस कारण से बुधवार को दोपहर एक बजे से चार बजे तक बांदा रूट पर एक भी बस नहीं गई।
ऐसे में यात्री बस अड्डा परिसर और जीटी रोड किनारे की दुकानों में बैठकर बस आने का इंतजार करते रहे। लखनऊ की ओर से एक बांदा डिपो की बस आई, लेकिन उसमें पहले से ठसाठस सवारियां भरी हुई थी, जिस कारण से यात्री बेबस बैठ रहे।
निजी बसों का संचालन भी प्रभावित
निजी बसों के अधिग्रहण के कारण अशोक नगर, जयराम नगर, पक्का तालाब, चर्म विद्यालय के सामने बिंदकी बस स्टाप पर प्राइवेट बसें भी नहीं दिखाई दी। इन बस अड्डों से सफर करने वाले यात्रियों को सफर करने में दिक्कत उठानी पड़ी। ऐसे में इन रूट के यात्रियों को सफर करने के लिए टेंपो और लोडर का सहारा लेना पड़ा।
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जिले का चुनाव खत्म होने के बाद डिपो की 25 बसों को पांचवें, छठवे और सातवें चरण का चुनाव कराने के लिए भेज दिया गया है। वहीं कानपुर-प्रयागराज रूट पर लीडर रोड डिपो की 15, फजलगंज डिपो की आठ बसों का संचालन कम हो गया है।
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जिस कारण से यातायात व्यवस्था चरमरा गई हैं। फतेहपुर डिपो के ज्वालागंज बस अड्डा से कानपुर, प्रयागराज, बरेली, आगरा, अलीगढ़, मथुरा, बांदा, चित्रकूट, लखनऊ, प्रयागराज, बनारस, मिर्जापुर, बरेली, आजमगढ़ के लिए बसें संचालित की जाती हैं।
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इस विधानसभा चुनाव में बांदा रूट की ज्यादातर बसें भेजी गई हैं। इस कारण से बुधवार को दोपहर एक बजे से चार बजे तक बांदा रूट पर एक भी बस नहीं गई।
ऐसे में यात्री बस अड्डा परिसर और जीटी रोड किनारे की दुकानों में बैठकर बस आने का इंतजार करते रहे। लखनऊ की ओर से एक बांदा डिपो की बस आई, लेकिन उसमें पहले से ठसाठस सवारियां भरी हुई थी, जिस कारण से यात्री बेबस बैठ रहे।
निजी बसों का संचालन भी प्रभावित
निजी बसों के अधिग्रहण के कारण अशोक नगर, जयराम नगर, पक्का तालाब, चर्म विद्यालय के सामने बिंदकी बस स्टाप पर प्राइवेट बसें भी नहीं दिखाई दी। इन बस अड्डों से सफर करने वाले यात्रियों को सफर करने में दिक्कत उठानी पड़ी। ऐसे में इन रूट के यात्रियों को सफर करने के लिए टेंपो और लोडर का सहारा लेना पड़ा।