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Fatehpur News: गांव के करघे से लोकभवन तक पहुंचा फतेहपुर का हुनर
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फोटो-08-राजभवन की ओडीओपी गैलरी में रखी जिले में निर्मित बेडसीट बनी आकर्षण का केंद्र। स्रोत: स्व
- फोटो : 1
संवाद न्यूज एजेंसी
फतेहपुर। कभी गांवों और कस्बों में करघों की खटर-पटर के बीच बुना जाने वाला फतेहपुर का हुनर अब राजधानी लखनऊ के लोकभवन तक पहुंच गया है। जिले में तैयार होने वाली बेडशीट को एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) डिस्प्ले गैलरी में जगह मिली है, जहां यह अधिकारियों और मेहमानों का ध्यान खींच रही है।
रंगों, आकर्षक डिजाइन और सूती कपड़े की सादगी में तैयार बेडशीट का लोकभवन तक पहुंचना सिर्फ उत्पाद का प्रदर्शन नहीं, बल्कि जिले की बुनकरी को स्थानीय बाजार से बाहर नई पहचान मिलने की तस्वीर है। इससे बुनकरों को बड़े बाजार और रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद जगी है।
बड़े फूलों के प्रिंट और आधुनिक रंगों ने बदला अंदाज
जिले की बेडशीट की खासियत बड़े फूलों वाले आकर्षक प्रिंट, सूती कपड़े और आधुनिक रंग संयोजन हैं। ग्राहकों की बदलती पसंद को देखते हुए डिजाइन में भी बदलाव किया जा रहा है। पारंपरिक बुनकरी के साथ पावरलूम और आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल होने से उत्पादन को विस्तार मिला है। इससे स्थानीय कारीगरों के पुराने हुनर को बाजार की नई जरूरतों से जोड़ने की कोशिश की जा रही है।
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बुनकरी जिले की अर्थव्यवस्था का हिस्सा रही
बुनकरी लंबे समय से जिले की स्थानीय अर्थव्यवस्था का हिस्सा रही है। पहले गांवों और कस्बों तक सीमित रहने वाला यह हुनर अब ओडीओपी के माध्यम से प्रदेश स्तर पर पहचान बना रहा है। लोकभवन की गैलरी में बेडशीट का प्रदर्शन इसी बदलाव को सामने ला रहा है। राजधानी पहुंचने वाले अधिकारी और विभिन्न प्रतिनिधिमंडलों के सदस्य उत्पाद को करीब से देख रहे हैं, जिससे बुनकरों और कारोबारियों के बड़े बाजार से जुड़ने की संभावनाएं बढ़ी हैं।
अधिकारियों ने जताई खरीद की इच्छा
अमौली के चंदापुर निवासी और यूपी पुलिस में अपर पुलिस अधीक्षक पद पर तैनात डॉ. शिवराज ने लोकभवन में जिले की बेडशीट देखकर खुशी जताई। उन्होंने बताया कि सरकारी कार्यक्रम के दौरान वह कई अधिकारियों के साथ लोकभवन पहुंचे थे। वहां बेडशीट देखकर अधिकारियों ने इसकी सराहना की और खरीदने की इच्छा भी जताई। उनका कहना है कि जिले में भी इस उत्पाद का व्यापक प्रचार-प्रसार होना चाहिए। डिजाइन और गुणवत्ता पर लगातार काम किया जाए तो बेडशीट को देश के साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने की संभावनाएं बन सकती हैं।
निर्माण और प्रिंटिंग के लिए परियोजना मॉडल भी तैयार
प्रदेश सरकार के ओडीओपी पोर्टल पर बेडशीट को जिले के प्रमुख उत्पाद के रूप में दर्ज किया गया है। सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार जिले में कॉटन और ब्लेंडेड यार्न से प्रिंटेड, बुनी और कढ़ाईदार बेडशीट तैयार की जाती हैं। निर्माण और प्रिंटिंग के लिए अलग-अलग परियोजना मॉडल भी तैयार किए गए हैं। हाल में बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से 2000 बेडशीट की खरीद से जुड़े टेंडर ने स्थानीय कारोबार के विस्तार की उम्मीद को और मजबूत किया है।
आकांक्षी जिला होने के कारण अभी जिले के स्थानीय उत्पादों को उस स्तर तक नहीं पहुंचाया जा सका है, जितना प्रयास होना चाहिए। बेडशीट जैसे जिले के प्रमुख उत्पादों को पहचान दिलाने के लिए प्रशासन बुनकरों और उद्यमियों के साथ समन्वय कर रहा है। आने वाले समय में युवाओं को इस क्षेत्र से जोड़कर उन्हें रोजगार और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए भी कदम उठाए जाएंगे।
- विनय पांडेय, अपर जिलाधिकारी।
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फतेहपुर। कभी गांवों और कस्बों में करघों की खटर-पटर के बीच बुना जाने वाला फतेहपुर का हुनर अब राजधानी लखनऊ के लोकभवन तक पहुंच गया है। जिले में तैयार होने वाली बेडशीट को एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) डिस्प्ले गैलरी में जगह मिली है, जहां यह अधिकारियों और मेहमानों का ध्यान खींच रही है।
रंगों, आकर्षक डिजाइन और सूती कपड़े की सादगी में तैयार बेडशीट का लोकभवन तक पहुंचना सिर्फ उत्पाद का प्रदर्शन नहीं, बल्कि जिले की बुनकरी को स्थानीय बाजार से बाहर नई पहचान मिलने की तस्वीर है। इससे बुनकरों को बड़े बाजार और रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद जगी है।
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बड़े फूलों के प्रिंट और आधुनिक रंगों ने बदला अंदाज
जिले की बेडशीट की खासियत बड़े फूलों वाले आकर्षक प्रिंट, सूती कपड़े और आधुनिक रंग संयोजन हैं। ग्राहकों की बदलती पसंद को देखते हुए डिजाइन में भी बदलाव किया जा रहा है। पारंपरिक बुनकरी के साथ पावरलूम और आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल होने से उत्पादन को विस्तार मिला है। इससे स्थानीय कारीगरों के पुराने हुनर को बाजार की नई जरूरतों से जोड़ने की कोशिश की जा रही है।
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बुनकरी जिले की अर्थव्यवस्था का हिस्सा रही
बुनकरी लंबे समय से जिले की स्थानीय अर्थव्यवस्था का हिस्सा रही है। पहले गांवों और कस्बों तक सीमित रहने वाला यह हुनर अब ओडीओपी के माध्यम से प्रदेश स्तर पर पहचान बना रहा है। लोकभवन की गैलरी में बेडशीट का प्रदर्शन इसी बदलाव को सामने ला रहा है। राजधानी पहुंचने वाले अधिकारी और विभिन्न प्रतिनिधिमंडलों के सदस्य उत्पाद को करीब से देख रहे हैं, जिससे बुनकरों और कारोबारियों के बड़े बाजार से जुड़ने की संभावनाएं बढ़ी हैं।
अधिकारियों ने जताई खरीद की इच्छा
अमौली के चंदापुर निवासी और यूपी पुलिस में अपर पुलिस अधीक्षक पद पर तैनात डॉ. शिवराज ने लोकभवन में जिले की बेडशीट देखकर खुशी जताई। उन्होंने बताया कि सरकारी कार्यक्रम के दौरान वह कई अधिकारियों के साथ लोकभवन पहुंचे थे। वहां बेडशीट देखकर अधिकारियों ने इसकी सराहना की और खरीदने की इच्छा भी जताई। उनका कहना है कि जिले में भी इस उत्पाद का व्यापक प्रचार-प्रसार होना चाहिए। डिजाइन और गुणवत्ता पर लगातार काम किया जाए तो बेडशीट को देश के साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने की संभावनाएं बन सकती हैं।
निर्माण और प्रिंटिंग के लिए परियोजना मॉडल भी तैयार
प्रदेश सरकार के ओडीओपी पोर्टल पर बेडशीट को जिले के प्रमुख उत्पाद के रूप में दर्ज किया गया है। सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार जिले में कॉटन और ब्लेंडेड यार्न से प्रिंटेड, बुनी और कढ़ाईदार बेडशीट तैयार की जाती हैं। निर्माण और प्रिंटिंग के लिए अलग-अलग परियोजना मॉडल भी तैयार किए गए हैं। हाल में बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से 2000 बेडशीट की खरीद से जुड़े टेंडर ने स्थानीय कारोबार के विस्तार की उम्मीद को और मजबूत किया है।
आकांक्षी जिला होने के कारण अभी जिले के स्थानीय उत्पादों को उस स्तर तक नहीं पहुंचाया जा सका है, जितना प्रयास होना चाहिए। बेडशीट जैसे जिले के प्रमुख उत्पादों को पहचान दिलाने के लिए प्रशासन बुनकरों और उद्यमियों के साथ समन्वय कर रहा है। आने वाले समय में युवाओं को इस क्षेत्र से जोड़कर उन्हें रोजगार और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए भी कदम उठाए जाएंगे।
- विनय पांडेय, अपर जिलाधिकारी।

फोटो-08-राजभवन की ओडीओपी गैलरी में रखी जिले में निर्मित बेडसीट बनी आकर्षण का केंद्र। स्रोत: स्व- फोटो : 1

फोटो-08-राजभवन की ओडीओपी गैलरी में रखी जिले में निर्मित बेडसीट बनी आकर्षण का केंद्र। स्रोत: स्व- फोटो : 1