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श्रीराम लला से फोन पर हो चुकी बात, सभा के बाद होगी बारिश
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पूर्व चेयरमैन राजकुमारी लोधी के साथ कार्यक्रम में जाते पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह की फाइल फो
- फोटो : FATEHPUR
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फतेहपुर/अमौली। पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह का जिले से गहरा नाता रहा। चुनावी सभाओं के अलावा भी कार्यकर्ताओं के निजी कार्यक्रमों में वह आते और परिवार के सदस्य की तरह मिलते-जुलते थे। शनिवार रात उनके निधन से समर्थकों में शोक की लहर दौड़ गई है।
पूर्व न्याय मंत्री राधेश्याम गुप्ता ने बताया कि बाबूजी 1998 में एएस इंटर कालेज में लोकसभा चुनाव की सभा को संबोधित करने आए थे। इस दौरान आसमान में घने बादल छाने के साथ बिजली चमक रही थी। बारिश की आशंका में भीड़ जाने लगी, तो बाबूजी ने माइक से आवाज लगाई की उनकी श्रीराम लला से फोन पर बातचीत हो गई है। सभा खत्म होने के बाद ही बारिश होगी, आप लोग रुके रहें। हुआ भी यही, उनके भाषण के बाद ही बारिश शुरू हुई थी। इस चुनाव में बाबूजी ने राम मंदिर और सोनिया गांधी के विदेशी होने का मुद्दा उठाया था।
इसके पहले बाबूजी ने वर्ष 1993 में विधानसभा चुनाव की सभा आईटीआई मैदान में संबोधित की थी। इस चुनाव में पूर्व न्याय मंत्री राधेश्याम गुप्ता, पूर्व विधायक महेंद्र प्रताप नारायण और अमर जीत सिंह जनसेवक चुनाव जीते थे। वर्ष 1995 में एक कार्यक्रम के बाद उन्होंने 1996 के लोकसभा चुनाव की आईटीआई मैदान में हुई सभा को संबोधित किया था। वह जिले में अंतिम बार 2014 में थरियांव आए और यहां पर सदर विधायक विक्रम सिंह के उप चुनाव में उनके पक्ष में सभा को संबोधित किया। स्वास्थ्य ठीक न होने के कारण उन्हें हेलीकॉप्टर से उतारने से लेकर मंच पर चढ़ाने के लिए तीन भाजपाइयों को सहारा देना पड़ा। सिर्फ पांच मिनट के भाषण में उन्हें तीन बार पानी पीना पड़ा था।
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विद्याभूषण संस्कृत महाविद्यालय अमौली में कल्याण सिंह के निधन पर शोक दिवस मनाया गया। इसमें उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। इस दौरान विद्यालय प्रबंधक हरिनारायण दुबे उर्फ नंदनबाबू ने बताया कि 1970 से पूर्व मुख्यमंत्री के साथ पार्टी में काम करने का अवसर मिला। वर्ष 1992 में राम मंदिर के लिए कारसेवक विवादित ढांचा गिराने में अविस्मरणीय योगदान कर रहे थे। उसमें वह फतेहपुर के दो दर्जन साथियों के साथ कारसेवा में लगे थे। ढांचा गिरने के बाद राम चबूतरे का निर्माण कराने के लिए सभी मसाला दे रहे थे। जब बाबूजी को मालूम हो गया कि ढांचा ध्वस्त हो गया और चबूतरा बन गया है, तब उन्होंने इस्तीफा दिया था।
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पूर्व न्याय मंत्री राधेश्याम गुप्ता ने बताया कि बाबूजी 1998 में एएस इंटर कालेज में लोकसभा चुनाव की सभा को संबोधित करने आए थे। इस दौरान आसमान में घने बादल छाने के साथ बिजली चमक रही थी। बारिश की आशंका में भीड़ जाने लगी, तो बाबूजी ने माइक से आवाज लगाई की उनकी श्रीराम लला से फोन पर बातचीत हो गई है। सभा खत्म होने के बाद ही बारिश होगी, आप लोग रुके रहें। हुआ भी यही, उनके भाषण के बाद ही बारिश शुरू हुई थी। इस चुनाव में बाबूजी ने राम मंदिर और सोनिया गांधी के विदेशी होने का मुद्दा उठाया था।
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इसके पहले बाबूजी ने वर्ष 1993 में विधानसभा चुनाव की सभा आईटीआई मैदान में संबोधित की थी। इस चुनाव में पूर्व न्याय मंत्री राधेश्याम गुप्ता, पूर्व विधायक महेंद्र प्रताप नारायण और अमर जीत सिंह जनसेवक चुनाव जीते थे। वर्ष 1995 में एक कार्यक्रम के बाद उन्होंने 1996 के लोकसभा चुनाव की आईटीआई मैदान में हुई सभा को संबोधित किया था। वह जिले में अंतिम बार 2014 में थरियांव आए और यहां पर सदर विधायक विक्रम सिंह के उप चुनाव में उनके पक्ष में सभा को संबोधित किया। स्वास्थ्य ठीक न होने के कारण उन्हें हेलीकॉप्टर से उतारने से लेकर मंच पर चढ़ाने के लिए तीन भाजपाइयों को सहारा देना पड़ा। सिर्फ पांच मिनट के भाषण में उन्हें तीन बार पानी पीना पड़ा था।
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विद्याभूषण संस्कृत महाविद्यालय अमौली में कल्याण सिंह के निधन पर शोक दिवस मनाया गया। इसमें उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। इस दौरान विद्यालय प्रबंधक हरिनारायण दुबे उर्फ नंदनबाबू ने बताया कि 1970 से पूर्व मुख्यमंत्री के साथ पार्टी में काम करने का अवसर मिला। वर्ष 1992 में राम मंदिर के लिए कारसेवक विवादित ढांचा गिराने में अविस्मरणीय योगदान कर रहे थे। उसमें वह फतेहपुर के दो दर्जन साथियों के साथ कारसेवा में लगे थे। ढांचा गिरने के बाद राम चबूतरे का निर्माण कराने के लिए सभी मसाला दे रहे थे। जब बाबूजी को मालूम हो गया कि ढांचा ध्वस्त हो गया और चबूतरा बन गया है, तब उन्होंने इस्तीफा दिया था।