{"_id":"5e7a2df58ebc3e7743464ee6","slug":"fatehpur-news-fatehpur-news-knp5522013150","type":"story","status":"publish","title_hn":"फसलों की कटाई से मुंह फेर रहे मजदूर, किसान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
फसलों की कटाई से मुंह फेर रहे मजदूर, किसान
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फतेहपुर। रबी की फसल की कटाई के दौरान अधिकांश किसानों को एलर्जी की वजह से खांसी व जुकाम की समस्या हो रही है। कहीं लोग कोरोना न समझ लें, इस डर से किसान और मजदूर दोनों चिंता में हैं। इससे कटाई के लिए गांवों में भी मजदूर नहीं मिल रहे हैं।
रबी की फसल की कटाई के समय सर्दी से गर्मी में मौसम का बदलाव होता है। इस वजह से खांसी और जुकाम की समस्या अधिक होती है। इस समय फैले कोरोना संक्रमण की भी कुछ ऐसी ही बीमारियों की पहचान बताई जा रही है। इसको लेकर लोगों ने घर से निकलना कम कर दिया है। जरूरी काम आने पर ही लोग घर से बाहर निकल रहे हैं। उसमें पूरी तरह से सावधानी बरत रहे हैं। इस समय रबी फसल में चना, राई, सरसों और अगेती गेहूं की फसल काटने योग्य हो गई है। किसानों की चिंता बढ़ गई है, उन्हें फसल की कटाई के लिए मजदूर नहीं मिल रहे हैं। खेतों में काम करने के बाद सर्दी, जुकाम का अहसास होते ही उनको संक्रमण की चिंता सताने लग रही है। कुछ किसान तो फसलों से दूरी बना चुके हैं। राई, सरसों की फसल 70 फीसदी कट चुकी है और खलिहान में लगी हुई है। वहीं चना और अगेती गेहूं की फसल काटने लायक हो गई है।
विज्ञापन
रबी की फसल की कटाई के समय सर्दी से गर्मी में मौसम का बदलाव होता है। इस वजह से खांसी और जुकाम की समस्या अधिक होती है। इस समय फैले कोरोना संक्रमण की भी कुछ ऐसी ही बीमारियों की पहचान बताई जा रही है। इसको लेकर लोगों ने घर से निकलना कम कर दिया है। जरूरी काम आने पर ही लोग घर से बाहर निकल रहे हैं। उसमें पूरी तरह से सावधानी बरत रहे हैं। इस समय रबी फसल में चना, राई, सरसों और अगेती गेहूं की फसल काटने योग्य हो गई है। किसानों की चिंता बढ़ गई है, उन्हें फसल की कटाई के लिए मजदूर नहीं मिल रहे हैं। खेतों में काम करने के बाद सर्दी, जुकाम का अहसास होते ही उनको संक्रमण की चिंता सताने लग रही है। कुछ किसान तो फसलों से दूरी बना चुके हैं। राई, सरसों की फसल 70 फीसदी कट चुकी है और खलिहान में लगी हुई है। वहीं चना और अगेती गेहूं की फसल काटने लायक हो गई है।
विज्ञापन