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सोलह महीने स्कूल रहे बंद, नहीं हटी बिजली की लाइनें
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फतेहपुर। 16 महीने बाद एक सितंबर से परिषदीय स्कूल खुलने जा रहे हैं। बच्चों में पढ़ाई शुरू होने को लेकर बच्चे उत्साहित हैं। लेकिन करीब 50 स्कूल ऐसे हैं, जहां के बच्चे जान जोखिम में डालकर पढ़ाने करने के लिए मजबूर होंगे।
इन स्कूलों के ऊपर से गुजरी एचटी लाइनों को अभी तक हटाया नहीं जा सका है। इसे बेसिक शिक्षा विभाग की लापरवाही ही कहेंगे कि 16 महीने स्कूल बंद होने के बाद भी वह यह काम नहीं करा सका।
शहर और ग्रामीण क्षेत्र के करीब 50 विद्यालय ऐसे है, जिनके ऊपर से बिजली की हाईटेंशन लाइन लटक रही है। बारिश के समय कभी भी तार टूटकर गिरने से स्कूलों में मौजूद बच्चों के साथ बड़ा हादसा हो सकता है।
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खास बात यह है कि स्कूल बंद रहने के दौरान प्रशासन ने स्कूलों को कायाकल्प योजना के तहत व्यवस्थित करने के निर्देश दिए थे। इसी योजना के तहत तार हटवाने का जिम्मा भी था। लेकिन ऐसा नहीं किया गया। शासन से अब एक सितंबर से स्कूल खोलने के आदेेश दिए हैं। ऐेसे में इन स्कूलों में एक बार फिर हादसों के अंदेशे के बीच पढ़ाई होगी।
बीएसए संजय कुशवाहा का कहना है कि उन्होंने कुछ समय पहले ही चार्ज लिया है। उन्हें स्कूलों की स्थिति की जानकारी नहीं है। अगर स्कूलों के ऊपर से बिजली की लाइनें गुजरती हैं, तो इसकी रिपोर्ट डीएम के माध्यम से बिजली विभाग को भेजी जाएगी। जल्द ही स्कूलों के ऊपर से गुजरने वाले तार हटवाए जाएंगे।
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इन स्कूलों के ऊपर से गुजरी एचटी लाइनों को अभी तक हटाया नहीं जा सका है। इसे बेसिक शिक्षा विभाग की लापरवाही ही कहेंगे कि 16 महीने स्कूल बंद होने के बाद भी वह यह काम नहीं करा सका।
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शहर और ग्रामीण क्षेत्र के करीब 50 विद्यालय ऐसे है, जिनके ऊपर से बिजली की हाईटेंशन लाइन लटक रही है। बारिश के समय कभी भी तार टूटकर गिरने से स्कूलों में मौजूद बच्चों के साथ बड़ा हादसा हो सकता है।
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खास बात यह है कि स्कूल बंद रहने के दौरान प्रशासन ने स्कूलों को कायाकल्प योजना के तहत व्यवस्थित करने के निर्देश दिए थे। इसी योजना के तहत तार हटवाने का जिम्मा भी था। लेकिन ऐसा नहीं किया गया। शासन से अब एक सितंबर से स्कूल खोलने के आदेेश दिए हैं। ऐेसे में इन स्कूलों में एक बार फिर हादसों के अंदेशे के बीच पढ़ाई होगी।
बीएसए संजय कुशवाहा का कहना है कि उन्होंने कुछ समय पहले ही चार्ज लिया है। उन्हें स्कूलों की स्थिति की जानकारी नहीं है। अगर स्कूलों के ऊपर से बिजली की लाइनें गुजरती हैं, तो इसकी रिपोर्ट डीएम के माध्यम से बिजली विभाग को भेजी जाएगी। जल्द ही स्कूलों के ऊपर से गुजरने वाले तार हटवाए जाएंगे।