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हंगामे के बाद नगर पंचायत बोर्ड की बैठक स्थगित
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बहुआ। नगर पंचायत की बोर्ड बैठक में मंगलवार को जममकर हंगामा हुआ। चेयरमैन और ईओ के बीच जमकर नोकझोंक हुई। गहमागहमी के बाद बैठक को स्थगित कर दिया गया।
पिछली बोर्ड बैठक स्थगित होने के बाद मंगलवार को बहुआ नगर पंचायत के सदस्यों को फिर बोर्ड बैठक के लिए बुलाया गया था। ईओ राजकुमार चौधरी ने 2021-22 का बजट प्रस्ताव पेश किया। इसी प्रस्ताव पर सदस्यों के बीच चर्चा होनी थी। बैठक में आय-व्यय का ब्योरा देने के साथ विकास कार्यों की योजनाओं के विषय में बताया गया।
इसी बीच सभासदों ने अब तक हुए विकास कार्यों में अनियमितता का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। बहस में संविदा कर्मियों का रुका मानदेय का मुद्दा उठाया गया। कहा गया कि चेयरमैन और ईओ के बीच विवाद में 60 संविदा कर्मचारियों का मानदेय फंसा हुआ है। ईओ ने दो कर्मचारियों के कार्य न करने व नगर पंचायत न आने पर भी चेयरमैन पर वेतन देने का आरोप लगाया। बैठक में सभासद उदय सिंह ने चेयरमैन पर आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री आवास में गरीब जनता से रुपये वसूले जा रहे हैं।
ईओ ने कहा कि चेयरमैन अपनी कार में नगर पंचायत का डीजल भराकर घूमते हैं। बैठक में दोनों पक्ष एक दूसरे पर वित्तीय अनियमितता के आरोप लगाते रहे। नगर पंचायत की बोर्ड बैठक में करीब दो दर्जन कस्बे के संभ्रांत व्यक्तियों को भी बुलाया गया था। सुबह 11 बजे से तीन बजे तक सभी पक्षों में बहस चली। बिना किसी प्रस्ताव पारित हुए ही बैठक स्थगित कर दी गई।
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चेयरमैन राजेश सिंह ने बताया कि उन पर लगे आरोप झूठे हैं। सभासदों और ईओ ने मिलकर जानबूझकर बैठक नहीं होने दी। उन्होंने कहा कि सभी पक्षों से वार्ता करके शीघ्र ही बोर्ड बैठक की अगली तिथि तय कर ली जाएगी। बैठक में सभासद नंदू भारती, दिलीप कुमार सिंह, उदय सिंह, विपिन यादव, शिवबरन सिंह, रेखा सिंह, आरिफ, नामित सभासद अनुराग शुक्ला, अरुण गुप्ता, लक्ष्मी सिंह आदि मौजूद थे।
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पिछली बोर्ड बैठक स्थगित होने के बाद मंगलवार को बहुआ नगर पंचायत के सदस्यों को फिर बोर्ड बैठक के लिए बुलाया गया था। ईओ राजकुमार चौधरी ने 2021-22 का बजट प्रस्ताव पेश किया। इसी प्रस्ताव पर सदस्यों के बीच चर्चा होनी थी। बैठक में आय-व्यय का ब्योरा देने के साथ विकास कार्यों की योजनाओं के विषय में बताया गया।
इसी बीच सभासदों ने अब तक हुए विकास कार्यों में अनियमितता का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। बहस में संविदा कर्मियों का रुका मानदेय का मुद्दा उठाया गया। कहा गया कि चेयरमैन और ईओ के बीच विवाद में 60 संविदा कर्मचारियों का मानदेय फंसा हुआ है। ईओ ने दो कर्मचारियों के कार्य न करने व नगर पंचायत न आने पर भी चेयरमैन पर वेतन देने का आरोप लगाया। बैठक में सभासद उदय सिंह ने चेयरमैन पर आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री आवास में गरीब जनता से रुपये वसूले जा रहे हैं।
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ईओ ने कहा कि चेयरमैन अपनी कार में नगर पंचायत का डीजल भराकर घूमते हैं। बैठक में दोनों पक्ष एक दूसरे पर वित्तीय अनियमितता के आरोप लगाते रहे। नगर पंचायत की बोर्ड बैठक में करीब दो दर्जन कस्बे के संभ्रांत व्यक्तियों को भी बुलाया गया था। सुबह 11 बजे से तीन बजे तक सभी पक्षों में बहस चली। बिना किसी प्रस्ताव पारित हुए ही बैठक स्थगित कर दी गई।
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चेयरमैन राजेश सिंह ने बताया कि उन पर लगे आरोप झूठे हैं। सभासदों और ईओ ने मिलकर जानबूझकर बैठक नहीं होने दी। उन्होंने कहा कि सभी पक्षों से वार्ता करके शीघ्र ही बोर्ड बैठक की अगली तिथि तय कर ली जाएगी। बैठक में सभासद नंदू भारती, दिलीप कुमार सिंह, उदय सिंह, विपिन यादव, शिवबरन सिंह, रेखा सिंह, आरिफ, नामित सभासद अनुराग शुक्ला, अरुण गुप्ता, लक्ष्मी सिंह आदि मौजूद थे।