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सम्मान पाकर वीरांगनाओं की आखें छलकीं
अमर उजाला ब्यूरो, फतेहपुर।
Updated Thu, 17 Dec 2015 12:53 AM IST
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पाकिस्तान को 1971 की जंग में घुटने टेकने पर मजबूर करने वाले वीर सैनिकों व शहीदों को
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विजय दिवस पर याद किया गया। हर किसी ने देश की सरहद के रखवालोें की जांबाजी और भारत माता की खतिर मर मिटने के जज्बे को तहे दिल से सलाम करते हुए देश को आंतकवाद से भी मुक्त कराने का संकल्प लिया गया।
इस अवसर पर सम्मान पाकर वीरांगनाओं की आखें छलक आईँ।बुधवार को सैनिक पुनर्वास एवं कल्याण बोर्ड कैंपस में विजय दिवस का उल्लास देखते बना। पूर्व सैनिक सेवा परिषद के कार्यक्रम का शुभारंभ डीएम राजीव रौतेला ने किया। उन्होने कहा देश के असली नायक सैनिक हैं।
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वह अपने और परिवार के बजाय देश के लिए जीते हैं और हंसते-हंसते अपनी जान न्योछावर कर देते हैं। ऐसे रणबांकुरों की राष्ट्र सेवा अतुलनीय है। मुल्क को जब भी किसी ने आंख दिखाने की कोशिश की, देश के सैनिकों ने मुंहतोड़ जवाब दिया।
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60 बटालियन एनसीसी के कमान अधिकारी ने कार्यक्रम में आए पूर्व सैनिकों से कम से कम 10 युवाओं को सेना में भर्ती कराने में सहयोग देने की अपील की। ओआईसी इंचार्ज लेफ्टीनेंट कर्नल राम बहादुर ने कहा जिन पूर्व सैनिकों के ईसीएचएस कार्ड नहीं बने हैं उन्हें जल्द कार्ड मुहैया करा दिए जाएंगे।
पूर्व सैनिक सेवा परिषद के अध्यक्ष कैप्टन पीतांबर सिंह ने आर्थिक सहायता का मामला रखा। इससे पहले 1971 की लड़ाई में प्राणों की आहुति देने वाले शहीद छेदा सिंह की पत्नी अनार कली व बाबू सिंह की पत्नी सुशीला देवी को अंगवस्त्र भेंट किए गए।
इसके अलावा तीन लड़ाई लड़ने वाले बलवंत सिंह को शाल व ट्राफी व दो जंग के भागीदार पूर्व सैनिकों को शाल देकर सम्मानित किया गया। इस मौके पर एडीएम आलोक सिंह, कर्नल आर मान सिंह, कैप्टन बलवंत सिंह, इंद्रमणि शुक्ला, राम शरन अवस्थी, शिव हरे, फूल सिंह कक्षवाह, बाबूराम वर्मा, जितेंद्र सिंह और उनके परिवारीजन मौजूद रहे।