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Fatehpur News: भले तुम काट दो बाजू हमारे, कलम का सर कलम होता नहीं
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फोटो-20-कवि सम्मेलन में अपनी कविता पढ़ते कवि। संवाद
हथगाम। नगर के एक गेस्ट हाउस में रविवार को कवि सम्मेलन एवं मुशायरे का आयोजन किया गया। शुभारंभ व्यापार मंडल अध्यक्ष राजेश गुप्ता और सैयद मोहम्मद रेहान ने किया। सभी रचनाकारों के साथ-साथ रील बनाकर हथगाम का नाम देशभर में रोशन करने वाले जीशान अहमद और टीम को शील्ड देकर सम्मानित किया गया।
कवि सम्मेलन और मुशायरे में प्रसिद्ध गजलकार विकास बागी ने पढ़ा कि भले तुम काट दो बाजू हमारे, कलम का सर कलम होता नहीं। वहीं कवि एवं शायर शिव शरण बंधु हथगामी ने पढ़ा कि हमारी दस्तरस से दूर है जो उसे पाने की चाहत क्यों करें हम, हमेशा साथ ही रहना है तो फिर किसी मजहब से नफरत क्यों करें हम।
मुशायरे में हास्य कवियों ने भी खूब समां बांधा। इसमें नर कंकाल, बिहारी लाल, अंबरटीवी फेम आशीष कविगुरु और आकाश उमंग शामिल रहे। मधुप श्रीवास्तव ‘नर कंकाल’ ने सुनाया महिला आरक्षण बिल लाने से क्या होगा, विपक्षियों के आगे बिलबिलाने से क्या होगा, जब तुम दोनों के जीवन में महिलाएं ही नहीं, तो बेकार में मुद्दा उठाने से क्या होगा।
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हास्य कवि बिहारी लाल ने सुनाया वह आदर्श का हउवा निकला, कोकिला समझा जिसे वह कउवा निकला, जो भी शराब के विरोध में बोला, उसी की जेब से पउवा निकला। इस दौरान शरीफ शहबाज, संदल अफरोज, डॉ. वारिस अंसारी, राजेंद्र यादव, कुमार विकास, अनुज साहू शम्स, शिव सिंह सागर, श्रवण राजपूत, श्रीकांत साहू, अहमद रियाज, हामिद भाई, नोमान अख्तर, सैयद फैसल आदि ने भी काव्य पाठ किया। शिवशरण बंधु को ‘हथगाम गौरव’ से सम्मानित किया गया।
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कवि सम्मेलन और मुशायरे में प्रसिद्ध गजलकार विकास बागी ने पढ़ा कि भले तुम काट दो बाजू हमारे, कलम का सर कलम होता नहीं। वहीं कवि एवं शायर शिव शरण बंधु हथगामी ने पढ़ा कि हमारी दस्तरस से दूर है जो उसे पाने की चाहत क्यों करें हम, हमेशा साथ ही रहना है तो फिर किसी मजहब से नफरत क्यों करें हम।
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मुशायरे में हास्य कवियों ने भी खूब समां बांधा। इसमें नर कंकाल, बिहारी लाल, अंबरटीवी फेम आशीष कविगुरु और आकाश उमंग शामिल रहे। मधुप श्रीवास्तव ‘नर कंकाल’ ने सुनाया महिला आरक्षण बिल लाने से क्या होगा, विपक्षियों के आगे बिलबिलाने से क्या होगा, जब तुम दोनों के जीवन में महिलाएं ही नहीं, तो बेकार में मुद्दा उठाने से क्या होगा।
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हास्य कवि बिहारी लाल ने सुनाया वह आदर्श का हउवा निकला, कोकिला समझा जिसे वह कउवा निकला, जो भी शराब के विरोध में बोला, उसी की जेब से पउवा निकला। इस दौरान शरीफ शहबाज, संदल अफरोज, डॉ. वारिस अंसारी, राजेंद्र यादव, कुमार विकास, अनुज साहू शम्स, शिव सिंह सागर, श्रवण राजपूत, श्रीकांत साहू, अहमद रियाज, हामिद भाई, नोमान अख्तर, सैयद फैसल आदि ने भी काव्य पाठ किया। शिवशरण बंधु को ‘हथगाम गौरव’ से सम्मानित किया गया।

फोटो-20-कवि सम्मेलन में अपनी कविता पढ़ते कवि। संवाद