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फतेहपुरः बिना बल्ब जले घर में पहुंचा बिजली का लंबा बिल
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फतेहपुर। बल्ब जलाए बिना ही लोगों के घरों में बिजली बिल पहुंच गया। यही नहीं विभाग ने बकाया बिल जमा कराने की नोटिस भी जारी कर दी। नोटिस ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। ग्रामीण बिल खत्म कराने और जांच कराने को अधिकारियों से गुहार लगा चुके हैं।
तहसील क्षेत्र के त्योंजा गांव में वर्ष 2002 में विद्युतीकरण हुआ था। विद्युत विभाग की टीम के जांच के बाद ही गांव में लगा ट्रांसफार्मर जल गया था। तब से न तो कार्यदायी संस्था ने ट्रांसफार्मर बदलवाया और न ही बिजली विभाग ने ट्रांसफार्मर को सही कराने की सुधि ली।
ऐसे में जिन लोगों ने कनेक्शन के लिए आवेदन किया गया था। उनको न तो कनेक्शन जारी किया गया और न ही गांव की बिजली सप्लाई बहाल कराई गई। अब गांव के 30 लोगों के नाम बिजली का बिल आया है। इकट्ठा बिजली का बिल देख कर ग्रामीण हक्का-बक्का रह गए। इसमें 60 हजार रुपये से डेढ़ लाख रुपये तक का बकाया दर्शाया गया है। ग्रामीण बिल खत्म कराने के लिए अधिकारियों से फरियाद कर रहे हैं।
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ग्रामीण धीरज लाल ने बताया कि बिजली का कनेक्शन नहीं मिला है। एक दिन भी घर में बिजली का बल्ब नहीं जला। एक महीना पहले विद्युत विभाग की टीम घर आई और एक लाख 15 हजार रुपये बकाया बताया। यह सुनकर होश उड़ गए हैं।
ग्रामीण राम खेलावन का एक लाख 60 हजार रुपये बिजली का बिल आया है। बिल में कनेक्शन विच्छेद दर्शाया गया है। जब कि घर में कनेक्शन ही नहीं है। अधिकारी, कर्मचारी कागजों में ही कनेक्शन जारी कर दिए और वहीं से कनेक्शन काटने की कार्रवाई कर दी है। अब घर नोटिस भेज दी है।
ग्रामीण सुभाष कुमार 67 हजार रुपये बिजली का बिल देख कर हक्का-बक्का रह गए। बिजली विभाग की टीम ने नोटिस देकर बकाया जमा कराने की चेतावनी दी है। सुभाष कुमार ने कहा कि बिजली जलाई ही नहीं तो बिल कहां से दें। विभाग ने फर्जी तरीके से कनेक्शन जारी कर बिल भेज दिया है।
ग्रामीण राम क्षितिज का एक लाख 18 हजार रुपये का बिजली बिल आया है। इनका कहना है कि गांव में जब से विद्युतीकरण हुआ है तभी से खराब ट्रांसफार्मर लगा दिया गया था। उसको बदला ही नहीं गया है। ऐसे में बिल कहां से आ गया।
क्या कहते हैं जिम्मेदार
विद्युत वितरण खंड तृतीय के अधिशासी अभियंता मेघ सिंह का कहना है कि ऐसी कोई जानकारी नहीं है। 18 साल से गांव का ट्रांसफार्मर खराब होना संभव नहीं है। फिर भी इसकी जांच कराई जाएगी। अगर मामला सही पाया गया तो बिजली के बिलों में संशोधन कराया जाएगा। गांव में बिजली सप्लाई हो रही है, तो बकाया बिजली का बिल जमा करना पड़ेगा।
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तहसील क्षेत्र के त्योंजा गांव में वर्ष 2002 में विद्युतीकरण हुआ था। विद्युत विभाग की टीम के जांच के बाद ही गांव में लगा ट्रांसफार्मर जल गया था। तब से न तो कार्यदायी संस्था ने ट्रांसफार्मर बदलवाया और न ही बिजली विभाग ने ट्रांसफार्मर को सही कराने की सुधि ली।
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ऐसे में जिन लोगों ने कनेक्शन के लिए आवेदन किया गया था। उनको न तो कनेक्शन जारी किया गया और न ही गांव की बिजली सप्लाई बहाल कराई गई। अब गांव के 30 लोगों के नाम बिजली का बिल आया है। इकट्ठा बिजली का बिल देख कर ग्रामीण हक्का-बक्का रह गए। इसमें 60 हजार रुपये से डेढ़ लाख रुपये तक का बकाया दर्शाया गया है। ग्रामीण बिल खत्म कराने के लिए अधिकारियों से फरियाद कर रहे हैं।
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ग्रामीण धीरज लाल ने बताया कि बिजली का कनेक्शन नहीं मिला है। एक दिन भी घर में बिजली का बल्ब नहीं जला। एक महीना पहले विद्युत विभाग की टीम घर आई और एक लाख 15 हजार रुपये बकाया बताया। यह सुनकर होश उड़ गए हैं।
ग्रामीण राम खेलावन का एक लाख 60 हजार रुपये बिजली का बिल आया है। बिल में कनेक्शन विच्छेद दर्शाया गया है। जब कि घर में कनेक्शन ही नहीं है। अधिकारी, कर्मचारी कागजों में ही कनेक्शन जारी कर दिए और वहीं से कनेक्शन काटने की कार्रवाई कर दी है। अब घर नोटिस भेज दी है।
ग्रामीण सुभाष कुमार 67 हजार रुपये बिजली का बिल देख कर हक्का-बक्का रह गए। बिजली विभाग की टीम ने नोटिस देकर बकाया जमा कराने की चेतावनी दी है। सुभाष कुमार ने कहा कि बिजली जलाई ही नहीं तो बिल कहां से दें। विभाग ने फर्जी तरीके से कनेक्शन जारी कर बिल भेज दिया है।
ग्रामीण राम क्षितिज का एक लाख 18 हजार रुपये का बिजली बिल आया है। इनका कहना है कि गांव में जब से विद्युतीकरण हुआ है तभी से खराब ट्रांसफार्मर लगा दिया गया था। उसको बदला ही नहीं गया है। ऐसे में बिल कहां से आ गया।
क्या कहते हैं जिम्मेदार
विद्युत वितरण खंड तृतीय के अधिशासी अभियंता मेघ सिंह का कहना है कि ऐसी कोई जानकारी नहीं है। 18 साल से गांव का ट्रांसफार्मर खराब होना संभव नहीं है। फिर भी इसकी जांच कराई जाएगी। अगर मामला सही पाया गया तो बिजली के बिलों में संशोधन कराया जाएगा। गांव में बिजली सप्लाई हो रही है, तो बकाया बिजली का बिल जमा करना पड़ेगा।