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बेटी की शादी के लिए शिक्षामित्रों ने की मदद
अमर उजाला ब्यूरो/फतेहपुर
Updated Sun, 15 Apr 2018 11:45 PM IST
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किरन को उपहार सौंपते संगठन के लोग।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
मीसा गांव के रहने वाले रामबाबू पासवान 18 साल से शिक्षामित्र हैं। आठ माह से मानदेय न मिलने की वजह से बेटी की शादी में रुकावट पैदा हो गई थी। प्राथमिक शिक्षामित्र संघ की हसवा इकाई को इसकी जानकारी मिली तो संगठन ने बेटी की शादी की जिम्मेदारी खुद पर ली। रविवार को रामबाबू को उपहार सौंपा।
रामबाबू पासवान प्राथमिक विद्यालय मीसा में कार्यरत हैं। बेटी किरन की शादी 29 अप्रैल को असोथर कस्बे में हो रही है। शिक्षामित्र संगठन के ब्लाक अध्यक्ष सुशील तिवारी ने शिक्षामित्रों के सहयोग से शादी में दिए जाने वाले उपहार का सामान मीसा गांव पहुंचाया। संगठन ने शादी का खर्च भी उठाने की बात कही। बेड, अलमारी, गद्दा, बड़ा बक्सा, छोटा बक्सा, मेज, गेहूं, चावल आदि सामान दिया है। इस मौके पर संदीप सिंह, अमरनाथ, बालकरन, नत्थूलाल, श्रद्धा श्रीवास्तव, मनीषा, जयंती, शैलेश, आशा, नीता भी रहीं।
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रामबाबू पासवान प्राथमिक विद्यालय मीसा में कार्यरत हैं। बेटी किरन की शादी 29 अप्रैल को असोथर कस्बे में हो रही है। शिक्षामित्र संगठन के ब्लाक अध्यक्ष सुशील तिवारी ने शिक्षामित्रों के सहयोग से शादी में दिए जाने वाले उपहार का सामान मीसा गांव पहुंचाया। संगठन ने शादी का खर्च भी उठाने की बात कही। बेड, अलमारी, गद्दा, बड़ा बक्सा, छोटा बक्सा, मेज, गेहूं, चावल आदि सामान दिया है। इस मौके पर संदीप सिंह, अमरनाथ, बालकरन, नत्थूलाल, श्रद्धा श्रीवास्तव, मनीषा, जयंती, शैलेश, आशा, नीता भी रहीं।
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