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Fatehpur News: फतेहपुरः भाषण में प्रवीन ने बाजी मारी
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हर्षि विद्या मंदिर में आयोजित कार्यक्रम में मौजूद छात्र-छात्राएं। संवाद
- फोटो : FATEHPUR
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फतेहपुर। महर्षि विद्या मंदिर सीनियर सेकेंड्री स्कूल में स्वामी विवेकानंद के जीवन चरित्र पर आधारित भाषण प्रतियोगिता हुई। प्रवीण कुमार को प्रथम स्थान, हिमांशू साहू द्वितीय और अनुश्री श्रीवास्तव को तृतीय स्थान मिला।
प्रतिभागियों ने कहा कि कलकत्ता के प्रसिद्ध अधिवक्ता विश्वनाथ दत्त के घर विवेकानंद का जन्म 12 जनवरी 1863 को हुआ था। उनकी मां धार्मिक विचारों से ओत-प्रोत थी। विवेकानंद 25 साल की आयु में घर छोड़कर सन्यासी हो गए। प्राथमिक कक्षा में इन्हें विद्यालय में प्रथम स्थान मिला था। बड़े होकर अपने गुरु स्वामी राम कृष्ण परमहंस की शरण में चले गए।
प्रतिभागियों ने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने पाश्चात्य जगत में आध्यात्म और सनातन धर्म की ख्याति दिलाई। प्रवीण कुमार ने कहा कि विवेकानंद 30 वर्ष की आयु में धर्म अध्यात्म और जीवन दर्शन से विश्व के सभी धर्मावलंबियों के बीच व्याख्यान देकर मंत्रमुग्ध कर दिया। वह युवाओं के प्रेरणाश्रोत थे। वेदांत दर्शन के विद्वान थे। प्रधानाचार्य प्रमोद कुमार त्रिपाठी ने कहा कि स्वामी विवेकानंद का जीवन विश्व कल्याण के लिए समर्पित रहा।
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प्रतिभागियों ने कहा कि कलकत्ता के प्रसिद्ध अधिवक्ता विश्वनाथ दत्त के घर विवेकानंद का जन्म 12 जनवरी 1863 को हुआ था। उनकी मां धार्मिक विचारों से ओत-प्रोत थी। विवेकानंद 25 साल की आयु में घर छोड़कर सन्यासी हो गए। प्राथमिक कक्षा में इन्हें विद्यालय में प्रथम स्थान मिला था। बड़े होकर अपने गुरु स्वामी राम कृष्ण परमहंस की शरण में चले गए।
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प्रतिभागियों ने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने पाश्चात्य जगत में आध्यात्म और सनातन धर्म की ख्याति दिलाई। प्रवीण कुमार ने कहा कि विवेकानंद 30 वर्ष की आयु में धर्म अध्यात्म और जीवन दर्शन से विश्व के सभी धर्मावलंबियों के बीच व्याख्यान देकर मंत्रमुग्ध कर दिया। वह युवाओं के प्रेरणाश्रोत थे। वेदांत दर्शन के विद्वान थे। प्रधानाचार्य प्रमोद कुमार त्रिपाठी ने कहा कि स्वामी विवेकानंद का जीवन विश्व कल्याण के लिए समर्पित रहा।
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